डॉ. उत्पल कुमार चक्रवर्ती सहित कई असिस्टेंट प्रोफेसरों की हुई तैनाती

भागलपुर: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के शैक्षणिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लंबे समय से प्रतीक्षित केमिस्ट्री, समाजशास्त्र (सोशियोलॉजी) और अंग्रेजी विषयों के कुल 37 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति और पदस्थापन (Posting) प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस क्रम में पीजी सोशियोलॉजी विभाग में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उत्पल कुमार चक्रवर्ती की नियुक्ति को लेकर भी चर्चाएं हैं ।

अधिसूचना और प्रशासनिक प्रक्रिया

विश्वविद्यालय के कुलपति के निर्देशानुसार, कुलसचिव (रजिस्ट्रार) प्रो. रामाशीष पूर्वे ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इन शिक्षकों की काउंसलिंग जून के दूसरे सप्ताह में संपन्न हुई थी, जिसके उपरांत विश्वविद्यालय ने राजभवन से पोस्टिंग की अनुमति मांगी थी। अनुमति प्राप्त होने के बाद, इन प्रतिभाशाली शिक्षकों को विश्वविद्यालय के पीजी विभागों और विभिन्न अंगीभूत (Constituent) कॉलेजों में तैनात किया गया है।

समाजशास्त्र विभाग में नई ऊर्जा

समाजशास्त्र (सोशियोलॉजी) विषय में कुल 11 असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती की गई है, जिनमें डॉ. उत्पल कुमार चक्रवर्ती का नाम प्रमुख है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और शोध कार्य अत्यंत प्रभावशाली रहे हैं।

डॉ. उत्पल कुमार चक्रवर्ती का प्रोफाइल: इससे पूर्व वे ए.बी.एम. कॉलेज, जमशेदपुर से जुड़े रहे हैं और उनका शोध कार्य समाजशास्त्र के विभिन्न पहलुओं, जैसे जनजातीय उद्यमिता, खेल और जेंडर असमानता जैसे विषयों पर केंद्रित रहा है।

तैनाती का विवरण: डॉ. उत्पल कुमार चक्रवर्ती को पीजी समाजशास्त्र विभाग में पदस्थापित किया गया है। उनके साथ ही पीजी विभाग में मधुकर दीक्षित, सनी कुमार सुमन और महेश कुमार को भी नियुक्त किया गया है।

विभिन्न कॉलेजों में शिक्षकों का वितरण

विश्वविद्यालय द्वारा किए गए इस बड़े फेरबदल और नई नियुक्ति से कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को काफी हद तक पूरा करने का प्रयास किया गया है :

विषयपीजी विभाग / कॉलेजप्रमुख नियुक्तियाँ
समाजशास्त्रपीजी विभाग, मारवाड़ी, एसएम, एमएएम, टीएनबी, मुरारकाडॉ. उत्पल कुमार चक्रवर्ती, जूली सिंह, साधना श्रीवास्तव, आदि 
केमिस्ट्रीमारवाड़ी, एसएम, बीएन, टीएनबी, मुरारका, आदिसत्यजीत मंडल, इप्सिता चक्रवर्ती, सागर कुमार, आदि 
अंग्रेजीपीजी विभाग, मारवाड़ी, टीएनबी लॉ, सबौर, आदिजॉयदीप मुखर्जी, संताेष कुमार, राजेश ठाकुर, आदि 

शैक्षणिक सुधार की दिशा में एक कदम

विश्वविद्यालय के इस निर्णय को अकादमिक जगत में काफी सराहा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. चक्रवर्ती जैसे अनुभवी और शोध-उन्मुख शिक्षकों के पीजी विभागों में आने से शिक्षण की गुणवत्ता में गुणात्मक सुधार आएगा। इससे न केवल छात्रों को आधुनिक दृष्टिकोण से विषय को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि विभाग की शोध क्षमताओं में भी वृद्धि होगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि शिक्षकों की यह तैनाती विश्वविद्यालय के 'एकेडमिक कैलेंडर' को सुदृढ़ करने और छात्रों को बेहतर शैक्षिक वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब उम्मीद है कि पीजी विभागों में अध्ययन-अध्यापन की गतिविधियां और अधिक सक्रियता से संचालित हों