विशुनपुर सुमेर डबल मर्डर मिस्ट्री का सनसनीखेज खुलासा: शक की आग में प्रेमी विकास कुमार ने की मंजू देवी और उसके बेटे आर्यन की निर्मम हत्या, शवों पर तेजाब डालकर एनटीपीसी लैगून के पास फेंका; आरोपी ने पुलिस के आगे कबूला गुनाह

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक बेहद खौफनाक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जिले के विशुनपुर सुमेर इलाके में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर (दोहरे हत्याकांड) की गुत्थी को पुलिस ने आखिरकार सुलझा लिया है। इस जघन्य हत्याकांड के पीछे अवैध संबंध और शक की वह भयानक दीवार थी, जिसने एक प्रेमी को हैवान बना दिया। मृतका मंजू देवी और उसके मासूम बेटे आर्यन की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि मंजू देवी के ही प्रेमी विकास कुमार ने की थी। आरोपी विकास ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी घटना की ऐसी दर्दनाक दास्तां बयां की है, जिसे सुनकर पुलिस अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े हो गए। हत्या को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने के लिए आरोपी ने मां-बेटे के शवों पर तेजाब (एसिड) छिड़क दिया और उन्हें एनटीपीसी लैगून के पास ले जाकर ठिकाने लगा दिया था।

क्या है पूरा मामला और कैसे शुरू हुआ शक का खेल?

यह पूरा मामला मुजफ्फरपुर जिले के विशुनपुर सुमेर क्षेत्र का है, जहां कुछ दिनों पहले मां और बेटे के रहस्यमय तरीके से गायब होने के बाद हड़कंप मच गया था।

अवैध संबंध और आपसी विवाद: पुलिस की शुरुआती जांच और आरोपी के खुलासे से पता चला है कि मृतका मंजू देवी और मुख्य आरोपी विकास कुमार के बीच लंबे समय से संबंध थे। लेकिन पिछले कुछ समय से विकास के मन में मंजू देवी के चरित्र को लेकर शक पैदा हो गया था।

शक ने ली जान: विकास को अंदेशा था कि मंजू देवी के संबंध किसी अन्य व्यक्ति से भी हैं। इसी शक और गुस्से की आग में जलते हुए विकास ने मंजू देवी को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली। इस बेरहम साजिश में न केवल मां, बल्कि उसके मासूम बेटे आर्यन को भी अपनी जान गंवानी पड़ी, क्योंकि आर्यन इस पूरे कृत्य का गवाह बन सकता था या रास्ते का रोड़ा था।

 खौफनाक वारदात: मां-बेटे की गला घोटकर या पीटकर हत्या

आरोपी विकास कुमार ने पुलिस पूछताछ में जो खुलासे किए, वे बेहद वीभत्स हैं। उसने योजनाबद्ध तरीके से मां और बेटे को अपने जाल में फंसाया।

निर्दयीता की हदें पार: आरोपी ने पहले मौका पाकर मंजू देवी को मौत के घाट उतारा। जब उसका मासूम बेटा आर्यन बीच में आया या उसने अपनी मां को बचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने बेरहमी से उस बच्चे को भी नहीं बख्शा।

हत्या का तरीका: पुलिस जांच में यह बात सामने आ रही है कि आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से दोनों की हत्या की और इस बात का पूरा ध्यान रखा कि किसी को तुरंत भनक न लग सके। हत्या करने के बाद आरोपी के सिर पर खून इस कदर सवार था कि उसने सबूत मिटाने के लिए अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं।

सबूत मिटाने के लिए शवों पर तेजाब का इस्तेमाल और ठिकाने लगाना

डबल मर्डर को अंजाम देने के बाद आरोपी विकास कुमार ने पुलिस और कानून की नजरों से बचने के लिए एक बहुत ही शातिर और भयानक षड्यंत्र रचा।

तेजाब से पहचान मिटाने की कोशिश: आरोपी ने दोनों के शवों को पूरी तरह से क्षत-विक्षत करने और उनकी पहचान छिपाने के उद्देश्य से उनके शवों पर तेजाब (एसिड) डाल दिया, ताकि कोई यह पहचान न सके कि शव किसके हैं।

एनटीपीसी लैगून के पास फेंका: तेजाब से जलाने के बाद आरोपी ने मंजू देवी और उसके बेटे आर्यन के शवों को उठाया और उन्हें सुनसान इलाके में स्थित एनटीपीसी लैगून के पास ले जाकर फेंक दिया। उसे पूरी उम्मीद थी कि इस तरह से सबूत नष्ट हो जाएंगे और पुलिस कभी उस तक नहीं पहुंच पाएगी।

 पुलिस की तेज तर्रार कार्रवाई और आरोपी का इकबाल-ए-जुर्म

जब मां-बेटे के लापता होने की शिकायत पुलिस को मिली, तो मुजफ्फरपुर पुलिस ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया और एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।

कॉल डिटेल और सर्विलांस बना सुराग: पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान (Technical Surveillance), मोबाइल कॉल डिटेल्स और ह्यूमन इंटेलिजेंस का सहारा लिया। जांच के सुई धीरे-धीरे मंजू देवी के करीबी माने जाने वाले विकास कुमार की तरफ घूमने लगी।

पुलिस के आगे टूटा आरोपी: पुलिस ने जब कड़ाई से संदिग्ध विकास कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, तो वह ज्यादा देर तक झूठ नहीं बोल सका। उसने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया और हत्या के पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश कर दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शवों के अवशेष और अन्य साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से विशुनपुर सुमेर और आसपास के पूरे इलाके में भारी सनसनी और शोक का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य संकलित कर मामले में स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा ताकि दरिंदे को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।