मुजफ्फरपुर एलएस कॉलेज प्राचार्या के पुत्र के रिसेप्शन में 50 लाख के गहने चोरी का सनसनीखेज मामला: पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा, बड़े गिरोह का हुआ खुलासा
मुजफ्फरपुर: किसी भी सम्मानित परिवार के जीवन में विवाह और उसके उपरांत आयोजित होने वाले प्रीतिभोज (रिसेप्शन) का अवसर बेहद खुशी और उल्लास का होता है। परिवार के तमाम रिश्तेदार, करीबी और गणमान्य लोग इस खुशियों भरे पल में शरीक होते हैं, लेकिन जब ऐसी खुशियों के बीच कोई शातिर गिरोह अपनी आपराधिक कलाकारी दिखाते हुए लाखों-करोड़ों के जेवरात पर हाथ साफ कर लेता है, तो जश्न का माहौल पलभर में सदमे और भगदड़ में बदल जाता है। बिहार के शैक्षिक और ऐतिहासिक नगरी मुजफ्फरपुर से एक ऐसा ही अत्यंत चर्चित, सनसनीखेज और हाई-प्रोफाइल मामला प्रकाश में आया है, जिसने शहर के तमाम संभ्रांत और व्यावसायिक गलियारों को हिलाकर रख दिया है। मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित एलएस कॉलेज (L.S. College) की प्राचार्या प्रो. कनुप्रिया के पुत्र वेंकटेश के वैवाहिक अनुष्ठान के पश्चात गत 22 जून को शहर के मशहूर मुजफ्फरपुर क्लब में एक भव्य रिसेप्शन पार्टी का आयोजन किया गया था।
इसी समारोह के दौरान अज्ञात और शातिर चोरों ने शातिराना अंदाज में वर-वधू और परिवार के अन्य सदस्यों के लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के बेशकीमती गहनों से भरा बैग उड़ा लिया था। इस दुस्साहसिक और बड़ी चोरी की घटना के बाद से पुलिस प्रशासन पर शीघ्र खुलासा करने का भारी दबाव था। मुजफ्फरपुर पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज और विशेष छापामारी अभियान के बल पर इस सनसनीखेज वारदात का सफल उद्भेदन करते हुए चोरी में संलिप्त तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से चोरी गए माल के कुछ हिस्सों तथा सुरागों को खंगालने का कार्य जारी है। इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय 'रिसेप्शन पार्टी चोर गिरोह' की कलई खुलकर सामने आ गई है।
मुजफ्फरपुर क्लब में खुशियों के बीच मातम: 22 जून की घटना का घटनाक्रम
घटना गत 22 जून की है जब शहर के पॉश इलाके में स्थित मुजफ्फरपुर क्लब में प्रो. कनुप्रिया के पुत्र वेंकटेश का रिसेप्शन समारोह चल रहा था। चारों तरफ मेहमानों की आवाजाही थी, संगीत बज रहा था और परिवार के सभी लोग अतिथियों के स्वागत में व्यस्त थे।
शातिर चोरों की पैनी नजर: इस हाई-प्रोफाइल शादी और रिसेप्शन में पेशेवर चोरों का एक गिरोह मेहमान बनकर या वेटर/कैटरिंग स्टाफ की आड़ में भीतर घुसपैठ कर चुका था। उन्हें इस बात की पूरी टोह थी कि परिवार के पास कीमती जेवहरातों और लिफाफों वाला बैग कहां रखा गया है।
50 लाख के गहनों पर हाथ साफ: समारोह के दौरान जब परिवार के एक सदस्य ने बैग को एक निर्धारित जगह पर रखा, तो भीड़भाड़ और कोलाहल का फायदा उठाकर शातिर चोरों ने बड़ी सफाई से उस बैग को गायब कर दिया। उस बैग के भीतर सोने-हीरे के हार, अंगूठियां, चूड़ियां और अन्य महंगे आभूषण थे, जिनका बाजार मूल्य लगभग 50 लाख रुपये आंका गया था।
समारोह के दौरान हड़कंप: जब रिसेप्शन के अंतिम क्षणों में बैग गायब होने की बात सामने आई, तो पूरे क्लब में खलबली मच गई। आनन-फानन में खोजबीन की गई, लेकिन चोर तब तक हवा हो चुके थे। इसके बाद तत्काल स्थानीय थाने को इसकी सूचना दी गई और एफआईआर दर्ज कराई गई।
पुलिस का विशेष अनुसंधान और तकनीकी सर्विलांस
घटना की गंभीरता और प्राचार्या के परिवार से जुड़ा मामला होने के कारण मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने तुरंत एक विशेष अनुसंधान दल (Special Investigation Team - SIT) का गठन किया। पुलिस ने इस मामले को चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए अपनी तफ्तीश शुरू की।
क्लब और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालना: पुलिस की टीमों ने मुजफ्फरपुर क्लब के अंदर और बाहर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगालना शुरू किया। फुटेज में कुछ संदिग्ध चेहरे नजर आए जो बार-बार स्टेज और कमरों के आसपास मंडरा रहे थे।
गिरोह के सदस्यों की पहचान: तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने यह पाया कि यह कोई आम चोर नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में शादियों और बड़े होटलों में रिसेप्शन पार्टियों को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय या पेशेवर बाल/युवा चोर गिरोह का कारनामा है। ये लोग महंगे सूट पहनकर ऐसे समारोहों में मेहमानों की तरह शामिल होते हैं और मौका मिलते ही बैग पार कर देते हैं।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी: सटीक लोकेशन और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए इस चोरी की वारदात में शामिल तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने मुजफ्फरपुर क्लब की इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
बरामदगी और गिरोह के अन्य गुर्गों की तलाश
पकड़े गए तीनों आरोपियों से पुलिस गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि 50 लाख के उन बेशकीमती गहनों को शत-प्रतिशत बरामद किया जा सके।
जेवरात ठिकाने लगाने की फिराक में: पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी इन गहनों को आपस में बांटकर किसी अन्य जिले या राज्य के सुनारों (Jewelers) के पास बेचने की साजिश रच रहे थे। पुलिस उनकी निशानदेही पर छापेमारी कर रही है।
सहयोगियों की तलाश: इस गिरोह में शामिल अन्य लोग जो पर्दे के पीछे रहकर रेकी (Reconnaissance) कर रहे थे, उनकी गिरफ्तारी के लिए भी जाल बिछाया गया है।
मुजफ्फरपुर में एलएस कॉलेज की प्राचार्या प्रो. कनुप्रिया के पुत्र के रिसेप्शन समारोह के दौरान हुए 50 लाख के गहने चोरी के बहुचर्चित मामले में पुलिस द्वारा तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना एक बेहद सराहनीय कदम है। गत 22 जून को मुजफ्फरपुर क्लब में हुई इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में थोड़ी सी भी चूक अपराधियों के लिए वरदान साबित हो सकती है। इस सफल खुलासे से न केवल पीड़ित परिवार को अपनी संपत्ति वापस मिलने की उम्मीद जगी है, बल्कि यह देश भर के ऐसे गिरोहों के लिए भी एक कड़ा संदेश है जो शादियों की चमक-धमक का फायदा उठाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं।