स्टेशन चौक पर सनसनीखेज वारदात; बच्चे के गले से सोने का लॉकेट छीनकर भागने की कोशिश कर रहे उचक्के को भीड़ ने दबोचा, जमकर हुई धुनाई, मौके पर पहुंची पुलिस ने हिरासत में लिया

भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले स्टेशन चौक पर गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दिनदहाड़े एक शातिर उचक्के ने बड़ी चालाकी से एक छोटे बच्चे के गले से लॉकेट झपट लिया। हालांकि, घटनास्थल पर मौजूद सतर्क और जागरूक स्थानीय लोगों ने त्वरित सूझबूझ का परिचय देते हुए आरोपी को भागने का मौका नहीं दिया और उसे मौके पर ही दबोच लिया। आक्रोशित भीड़ ने पकड़े गए युवक की जमकर धुनाई कर दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया। युवक के पास से बच्चे का छीना गया लॉकेट भी सकुशल बरामद कर लिया गया है, जिसके बाद पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है।

क्या था पूरा घटनाक्रम? स्टेशन चौक पर कैसे मची अफरा-तफरी?

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना के वक्त स्टेशन चौक के आसपास भारी चहल-पहल थी:

भीड़भाड़ का फायदा उठाया: बताया जा रहा है कि पीड़ित बच्चा अपने परिवार के साथ स्टेशन चौक के पास से गुजर रहा था। इलाके में यात्रियों, खरीदारों और आम लोगों की भारी भीड़ का फायदा उठाते हुए एक शातिर युवक वहां पहुंचा और बेहद शातिर तरीके से बच्चे के गले में पड़े लॉकेट को झपटकर भागने की कोशिश करने लगा।

बच्चे के रोने पर हुआ शोर: अचानक हुए इस हमले से बच्चा डर गया और जोर-जोर से रोने लगा। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों का ध्यान उस ओर गया। जब लोगों को यह समझ आया कि वहां स्नैचिंग (छीनाझपटी) की घटना हुई है, तो उन्होंने तुरंत शोर मचाते हुए आरोपी को खदेड़ना शुरू कर दिया।

लोगों ने खदेड़कर दबोचा, फिर शुरू हुई पिटाई

भागलपुर स्टेशन चौक जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की दुस्साहसिक वारदात ने स्थानीय लोगों को गुस्से से भर दिया:

दौड़ाकर पकड़ा: सतर्क नागरिकों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कुछ ही दूरी पर आरोपी को घेर लिया और उसे भागने नहीं दिया। रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद गुस्साई भीड़ ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए आरोपी की जमकर पिटाई कर दी।

लॉकेट हुआ बरामद: हंगामे और मारपीट के बीच जब भीड़ ने पकड़े गए युवक की तलाशी ली, तो उसके पास से बच्चे का वह कीमती लॉकेट भी बरामद हो गया, जिसे उसने छीनने के बाद छिपाने की कोशिश की थी। लॉकेट मिलते ही यह साबित हो गया कि वही व्यक्ति इस वारदात का मुख्य अंजाम देने वाला था।

पुलिस की त्वरित एंट्री और आरोपी की गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना और रेलवे स्टेशन के पास तैनात पुलिस बल तुरंत हरकत में आ गया:

मौके पर पहुंची पुलिस: स्टेशन चौक पर भारी भीड़ और हंगामे की सूचना पाकर डायल 112 और स्थानीय थाने की पुलिस दल-बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उग्र भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कराया और आरोपी को लोगों के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला।

थाने ले जाकर हो रही पूछताछ: पुलिस ने आरोपी युवक को अपनी हिरासत में ले लिया है और उसे थाने ले आई है। उसके पास से बरामद लॉकेट को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या यह युवक किसी बड़े आपराधिक गिरोह या स्नैचर गैंग से जुड़ा हुआ है या उसने अकेले इस घटना को अंजाम दिया है।

सुरक्षा व्यवस्था और नागरिकों की सजगता पर सवाल-जवाब

इस घटना ने एक बार फिर व्यस्त इलाकों में सुरक्षा के दावों और असामाजिक तत्वों की हरकतों पर बहस छेड़ दी है:

यात्री और स्थानीय लोगों में आक्रोश: लोगों का कहना है कि स्टेशन चौक जैसे अत्यधिक महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाके में यदि इस तरह दिनदहाड़े आपराधिक घटनाएं होने लगेंगी, तो आम नागरिकों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो जाएंगे।

सजगता की सराहना: हालांकि, इस घटना का सबसे सकारात्मक पहलू यह रहा कि मौके पर मौजूद नागरिकों ने एकजुटता दिखाते हुए चोर को भागने नहीं दिया, जिससे अपराधी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका।

भागलपुर के स्टेशन चौक पर बच्चे के गले से लॉकेट छीनने की यह घटना प्रशासनिक मुस्तैदी और जन-सहयोग दोनों का एक मिला-जुला उदाहरण बन गई है। जनता की सजगता से जहां एक तरफ अपराधी तुरंत पकड़ा गया, वहीं पुलिस की समय पर एंट्री ने कानून-व्यवस्था को बिगड़ने से बचा लिया। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।