श्रावणी मेले में सुरक्षा का चक्रव्यूह तैयार; बांका एसडीपीओ कार्यालय की समीक्षा के दौरान रेंज आईजी विवेक कुमार ने दिए निर्देश, कांवरियों की सुरक्षा के लिए बनेंगे 21 अस्थायी ओपी, अतिरिक्त पुलिस बल की हुई मांग
भागलपुर, मुख्य संवाददाता: दुनिया भर में अपनी अनूठी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान रखने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान देश के कोने-कोने से आने वाले लाखों शिवभक्तों (कांवड़ियों) की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में भागलपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (Range IG) विवेक कुमार ने बांका जिले के अंतर्गत आने वाले एसडीपीओ (SDPO) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया और समीक्षा बैठक की। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य केंद्रबिंदु आगामी श्रावणी मेले के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और कांवरियों की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना था। समीक्षा के दौरान आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
21 अस्थायी ओपी (पुलिस चौकियां) की होगी विशेष व्यवस्था
बांका जिले से गुजरने वाले कांवरिया मार्ग (विशेषकर सुलतानगंज से होते हुए बांका के रास्ते देवघर जाने वाले मुख्य मार्ग) पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने एक व्यापक सुरक्षा खाका तैयार किया है। समीक्षा बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि पूरे कांवरिया रूट पर सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के लिए 21 नए अस्थायी ओपी (Outposts / पुलिस चौकियां) स्थापित किए जाएंगे।
इन अस्थायी पुलिस चौकियों की रूपरेखा और उनके कार्यक्षेत्र को लेकर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई:
संवेदनशील बिंदुओं पर पहरा: बांका जिले की सीमा के भीतर आने वाले सभी प्रमुख ठहराव स्थलों, विश्राम शिविरों, और भीड़भाड़ वाले चौराहों पर इन अस्थायी ओपी का निर्माण किया जाएगा, ताकि पुलिस बल हर समय जनता की पहुंच में रहे।
24 घंटे गश्त और निगरानी: इन चौकियों पर पुलिस अधिकारियों और जवानों की तैनाती तीन शिफ्टों में की जाएगी, जो दिन-रात गश्त करेंगे और असामाजिक तत्वों तथा उचक्कों पर पैनी नजर रखेंगे।
त्वरित सहायता केंद्र: ये अस्थायी चौकियां केवल पुलिसिंग तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना या स्वास्थ्य संबंधी समस्या के समय कांवरियों के लिए 'क्विक रिस्पांस सेंटर' के रूप में भी काम करेंगी।
अतिरिक्त पुलिस बल की मांग और सुरक्षा बलों की तैनाती
श्रावणी मेले के दौरान जिस पैमाने पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ता है, उसे देखते हुए स्थानीय पुलिस बल नाकाफी साबित होता है। इसे ध्यान में रखते हुए रेंज आईजी विवेक कुमार की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल (Additional Police Force) की मांग की जाएगी।
अतिरिक्त बलों के आवंटن के बाद उनकी तैनाती किन क्षेत्रों में होगी, इस पर भी मंथन किया गया:
महिला पुलिस बल की बढ़ी हिस्सेदारी: महिला कांवरियों की सुरक्षा और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों और बटालियन की तैनाती की जाएगी, ताकि कतारबद्ध होने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सादे लिबास में खुफिया पुलिस (Plain Clothes Intelligence): जेबकतरों, शोहदों और संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए सादे कपड़ों में पुलिस जवानों को भीड़ के बीच तैनात किया जाएगा, जो किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम कर सकें।
लाठी बल और सशस्त्र बल: संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले मोर्चों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में लाठी बल और सशस्त्र बलों की टुकड़ियां मुस्तैद रहेंगी।
यातायात प्रबंधन और वाहन पार्किंग पर विशेष जोर
बांका और सुलतानगंज के रास्ते देवघर जाने वाले मार्ग पर भारी संख्या में निजी वाहनों, बसों और ऑटो-टैम्पो का आवागमन होता है। बैठक के दौरान आईजी विवेक कुमार ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कड़े निर्देश दिए:
नो-एंट्री जोन और रूट डायवर्जन: मेले के विशेष दिनों (जैसे सोमवारी और एकादशी) पर भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके लिए स्पष्ट रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया जा रहा है।
पार्किंग स्थलों का चयन: कांवरियों की सुगमता के लिए सड़क किनारे अवैध पार्किंग को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है और इसके लिए वैकल्पिक पार्किंग स्थल चिह्नित किए गए हैं।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश
बैठक के अंत में रेंज आईजी विवेक कुमार ने बांका के एसडीपीओ और अन्य पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय बेहतर रखें। घाटों की बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती, और सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग रूम से नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांवरियों की सेवा और सुरक्षा ही इस मेले की सबसे बड़ी सफलता है, इसलिए हर पुलिसकर्मी को पूरी संवेदनशीलता और मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभानी होगी।
भागलपुर रेंज के आईजी विवेक कुमार द्वारा बांका एसडीपीओ कार्यालय में की गई यह समीक्षा बैठक और श्रावणी मेले की सुरक्षा को लेकर उठाया गया 21 अस्थायी ओपी का कदम यह साबित करता है कि प्रशासन इस बार किसी भी मोर्चक पर चूकने के मूड में नहीं है। अतिरिक्त पुलिस बलों की मांग और समय रहते की जा रही यह प्रशासनिक तैयारियां इस बात की गांरटी देती हैं कि इस वर्ष बाबा बैद्यनाथ के भक्तों की झारखंड और बिहार सीमा के अंतर्गत आने वाली यह पवित्र यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, शांतिपूर्ण और मंगलमय होगी।