मुजफ्फरपुर में सावन की दूसरी सोमवारी पर विशेष छापा: मंदिर और पुरानी बाजार की दुकानों से एक्सपायरी चॉकलेट और मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त
मुजफ्फरपुर: पवित्र सावन मास की दूसरी सोमवारी के अवसर पर शहर में जहाँ एक ओर शिव भक्तों का तांता लगा हुआ था और चारों ओर "हर-हर महादेव" के जयकारे गूंज रहे थे, वहीं दूसरी ओर आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले दुकानदारों के खिलाफ प्रशासन ने भी सख्त रुख अपना लिया है। सावन के इस पावन पर्व पर शहर के प्रसिद्ध मंदिरों के आसपास और भीड़भाड़ वाले पुरानी बाजार इलाके में खाद्य सुरक्षा विभाग ने औचक निरीक्षण किया। इस विशेष छापेमारी अभियान का नेतृत्व जिला खाद्य संरक्षा अधिकारी (Food Safety Officer) विनोद कुमार सिंह ने किया। इस कार्रवाई के दौरान एक दुकान से भारी मात्रा में एक्सपायरी ब्रांडेड चॉकलेट और अन्य संदेहास्पद सामग्रियां बरामद की गईं, जिससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।
सावन मास और खाद्य सुरक्षा का महत्व
सावन का महीना धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, फलाहार करते हैं या फिर विशेष प्रकार के पकवान और मिठाइयों का सेवन करते हैं। मंदिरों के आसपास विशेष मेलों और बाजारों का माहौल रहता है, जहाँ मिठाई, चॉकलेट, फल और विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों की मांग अचानक कई गुना बढ़ जाती है।
अक्सर यह देखा गया है कि त्योहारों और विशेष अवसरों की भीड़ का फायदा उठाकर कुछ मुनाफाखोर और बेईमान दुकानदार पुरानी, सड़ी-गली या एक्सपायरी सामग्री को बाजार में खपाने की कोशिश करते हैं। इन मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों के सेवन से श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ सकता है, जिससे फूड पॉइजनिंग, पेट की गंभीर बीमारियां और अन्य संक्रमण होने का खतरा बना रहता है। इसी जनस्वास्थ्य के खतरे को भांपते हुए मुजफ्फरपुर प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने सावन की दूसरी सोमवारी के दिन यह विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया।
खाद्य संरक्षा अधिकारी विनोद कुमार सिंह की अगुवाई में औचक निरीक्षण
सावन की दूसरी सोमवारी की सुबह से ही खाद्य संरक्षा अधिकारी विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। इस दल ने शहर के प्रमुख शिव मंदिरों (विशेषकर गरीबनाथ मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्रों) तथा व्यस्ततम व्यावसायिक केंद्र माने जाने वाले पुरानी बाजार क्षेत्र का रुख किया।
अधिकारियों की टीम ने अचानक से दुकानों के शटर गिरवाने और अंदर रखे सामान की जांच शुरू कर दी। इस औचक कार्रवाई से दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। कई दुकानदारों ने तो अधिकारियों को देखते ही अपनी दुकानें बंद करने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद प्रशासनिक टीम ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया और एक-एक दुकान की गहन तलाशी ली।
एक्सपायरी ब्रांडेड चॉकलेट और अन्य अनियमितताओं का खुलासा
पुरानी बाजार और मंदिर के समीप स्थित एक प्रतिष्ठित खुदरा व थोक दुकान की जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम को चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। दुकान के अंदर जब खाद्य संरक्षा अधिकारी ने चॉकलेट्स और अन्य कन्फेक्शनरी आइटम्स के रेक की जांच की, तो वहां रखे कई जाने-माने ब्रांड्स की चॉकलेट्स की एक्सपायरी डेट (अवधि समाप्त होने की तिथि) महीनों पहले निकल चुकी थी।
ब्रांडेड चॉकलेट्स का खेल: बच्चों और युवाओं के बीच लोकप्रिय रहने वाले इन ब्रांडेड चॉकलेट्स पर मुद्रित मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट को देखने से पता चला कि इन्हें काफी समय पहले ही बाजार से हटा लिया जाना चाहिए था। इसके बावजूद, इन्हें करीने से सजाकर ग्राहकों को बेचने के लिए रखा गया था।
स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा: एक्सपायरी हो चुकी चॉकलेट्स में फंगस, कीड़े या रासायनिक बदलाव (Rancidity) होने का पूरा खतरा रहता है। यदि कोई व्रतधारी या विशेषकर मासूम बच्चे ऐसी चॉकलेट्स का सेवन कर लेते, तो उनकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ सकती थी।
अन्य खाद्य पदार्थों की भी हुई जांच: चॉकलेट के अलावा, टीम ने दुकान में रखी मिठाइयों, खोआ, ड्राई फ्रूट्स और पैकेज्ड ड्रिंक्स के नमूनों की भी जांच की। कई पैकेटबंद वस्तुओं पर आवश्यक विधिक जानकारियां (जैसे FSSAI लाइसेंस नंबर, बैच नंबर, निर्माण तिथि आदि) स्पष्ट रूप से अंकित नहीं थीं।
दुकानदारों को कड़ी चेतावनी और जब्ती की कार्रवाई
खाद्य संरक्षा अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने दुकान संचालक को मौके पर ही आड़े हाथों लिया और एक्सपायरी उत्पादों को तुरंत प्रभाव से जब्त करने का आदेश दिया।
सामग्री की जब्ती: टीम ने दुकान से मिली सभी एक्सपायरी ब्रांडेड चॉकलेट्स और संदिग्ध खाद्य सामग्रियों को अपने कब्जे में ले लिया। इनकी कुल मात्रा और बाजार मूल्य का आकलन किया जा रहा है।
कानूनी नोटिस और नमूना संग्रह (Sampling): खाद्य सुरक्षा विभाग के नियमों के तहत, जब्त की गई सामग्रियों और अन्य संदेहास्पद खाद्य पदार्थों के कानूनी नमूने (Samples) भी भरे गए हैं। इन नमूनों को सील कर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (State Food Testing Laboratory) भेजा जा रहा है।
दंडात्मक कार्रवाई: प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act, 2006) के सुसंगत धाराओं के तहत संबंधित दुकानदार पर भारी आर्थिक जुर्माना (Penalty) और विधिवत कानूनी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
प्रशासनिक संदेश: त्योहारों के नाम पर मिलावट बर्दाश्त नहीं
छापेमारी के दौरान मीडिया से बात करते हुए खाद्य संरक्षा अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा,
"सावन का पवित्र महीना आस्था और शुचिता का प्रतीक है। इस दौरान लोग पूरी श्रद्धा के साथ व्रत और पूजा-पाठ करते हैं। ऐसे समय में कुछ मुनाफाखोर पुरानी और एक्सपायरी सामग्री बेचकर लोगों के स्वास्थ्य को दांव पर लगा रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी यह जांच सिर्फ सावन तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले अन्य त्योहारों (जैसे रक्षा बंधन, जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा) तक निरंतर जारी रहेगी।"
उन्होंने शहर के तमाम दुकानदारों, थोक विक्रेताओं और डिस्ट्रीब्यूटरों को यह सख्त हिदायत दी कि वे अपनी दुकानों में केवल मानक और फ्रेश सामग्री ही रखें। अपनी पुरानी स्टॉक को खपाने के लिए उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर विभाग की पैनी नजर बनी हुई है।
आम नागरिकों के लिए जागरूकता और अपील
इस पूरी कार्रवाई के बाद मुजफ्फरपुर के प्रबुद्ध नागरिकों और ग्राहकों के बीच भी जागरूकता की चर्चा तेज हो गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी दुकान से खाद्य पदार्थ या चॉकलेट खरीदते समय निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखें:
एक्सपायरी डेट जरूर जांचें: पैकेटबंद या ब्रांडेड सामान खरीदने से पहले उसकी निर्माण तिथि (Manufacturing Date) और समाप्ति तिथि (Expiry Date) को अवश्य पढ़ें।
FSSAI लाइसेंस देखें: प्रतिष्ठित और साफ-सुथरी दुकानों से ही सामान खरीदें, जिन पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) का वैध लाइसेंस प्रदर्शित हो।
शिकायत दर्ज कराएं: यदि किसी भी उपभोक्ता को बाजार में एक्सपायरी, मिलावटी या सड़े-गले खाद्य पदार्थ बिकने की सूचना मिलती है, तो वे तुरंत इसकी शिकायत जिला प्रशासन या खाद्य सुरक्षा विभाग के टोल-फ्री नंबर व कार्यालय में दर्ज कराएं।
मुजफ्फरपुर में सावन की दूसरी सोमवारी के अवसर पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई एक सराहनीय कदम है। इस प्रकार के औचक निरीक्षण न केवल मिलावटखोरों और लापरवाह दुकानदारों में डर पैदा करते हैं, बल्कि आम जनता के मन में यह विश्वास भी जगाते हैं कि प्रशासन उनकी सेहत के प्रति पूरी तरह सतर्क है। त्योहारों के इस उल्लास के माहौल में इस तरह की प्रशासनिक सख्ती यह सुनिश्चित करती है कि पर्व का आनंद किसी बीमारी या अप्रिय घटना से फीका न पड़े। प्रशासन की इस मुस्तैदी से शहर के अन्य दुकानदारों में भी हड़कंप मचा हुआ है और वे अपने स्टॉक की खुद ही जांच करने लगे हैं।