नल-जल योजना की बदहाल व्यवस्था पर एसडीएम सख्त, निरीक्षण के बाद कार्यपालक पदाधिकारी से मांगा जवाब; वार्ड 10 में जलमीनार बंद, वार्ड 11 के कई घरों तक नहीं पहुंच रहा पानी
दरभंगा न्यूज।
दरभंगा जिले के बेनीपुर नगर परिषद क्षेत्र में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत संचालित हर घर नल-जल योजना की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। नगर परिषद के वार्ड संख्या 10 एवं 11 में पेयजल आपूर्ति की गंभीर समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद बेनीपुर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) मनीष कुमार झा ने स्वयं दोनों वार्डों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से विस्तृत स्पष्टीकरण तलब किया है।
निरीक्षण में पाया गया कि वार्ड संख्या 10 में स्थापित जलमीनार लंबे समय से बंद पड़ी है, जिसके कारण दर्जनों परिवारों को नियमित पेयजल नहीं मिल पा रहा है। वहीं वार्ड संख्या 11 में पाइपलाइन बिछाए जाने के बावजूद कई घरों तक पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है।
शिकायतों के बाद एसडीएम पहुंचे मौके पर
स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार की जा रही शिकायतों के बाद एसडीएम मनीष कुमार झा ने संबंधित अधिकारियों के साथ दोनों वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने जलमीनार, पाइपलाइन, मोटर, जलापूर्ति व्यवस्था और वितरण प्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई तकनीकी और प्रशासनिक खामियां सामने आईं।
एसडीएम ने अधिकारियों से पूछा कि योजना पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को नियमित पेयजल क्यों नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ प्रत्येक घर तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
वार्ड 10 में बंद पड़ी है जलमीनार
निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि वार्ड संख्या 10 में बनी जलमीनार काफी समय से बंद है। इसके कारण क्षेत्र के कई परिवारों को निजी चापाकल, हैंडपंप या अन्य वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार नगर परिषद और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। गर्मी और बरसात दोनों मौसम में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
वार्ड 11 के कई घरों तक नहीं पहुंच रहा पानी
वार्ड संख्या 11 में स्थिति कुछ अलग लेकिन उतनी ही गंभीर पाई गई। यहां पाइपलाइन बिछी होने और जलापूर्ति व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद कई घरों में नल से पानी नहीं पहुंच रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ मोहल्लों में पानी का दबाव इतना कम है कि नलों से केवल बूंद-बूंद पानी निकलता है, जबकि कई घरों में कई दिनों तक बिल्कुल पानी नहीं आता। इससे लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों ने सुनाई अपनी परेशानी
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने एसडीएम के सामने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। महिलाओं ने बताया कि उन्हें पीने और घरेलू उपयोग के लिए दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। कई परिवारों ने कहा कि नल-जल योजना शुरू होने के बाद बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वर्तमान स्थिति निराशाजनक है।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता।
कार्यपालक पदाधिकारी से मांगा गया स्पष्टीकरण
निरीक्षण के बाद एसडीएम मनीष कुमार झा ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से पूरी स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट और स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने पूछा है कि योजना के संचालन में लापरवाही क्यों हुई और पेयजल आपूर्ति बाधित रहने के लिए कौन जिम्मेदार है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि खराब उपकरणों की मरम्मत, बंद जलमीनार को चालू कराने और पाइपलाइन की तकनीकी खामियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।
समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तकनीकी समस्याओं का समाधान करने और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नल-जल योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत शुरू की गई हर घर नल-जल योजना का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इस योजना पर राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर राशि खर्च की गई है ताकि लोगों को हैंडपंप और अन्य असुरक्षित जल स्रोतों पर निर्भर न रहना पड़े।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि योजनाओं का नियमित रखरखाव नहीं किया जाए तो करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई परियोजनाओं का उद्देश्य प्रभावित हो जाता है।
लोगों ने नियमित निगरानी की मांग की
स्थानीय नागरिकों ने मांग की कि नल-जल योजना के संचालन की नियमित निगरानी की जाए और शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में समय-समय पर तकनीकी जांच होनी चाहिए ताकि छोटी समस्याएं बड़ी न बनें।
लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि नगर परिषद की ओर से एक शिकायत निवारण प्रणाली को प्रभावी बनाया जाए, जिससे नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।
प्रशासन ने दिए सुधार के संकेत
निरीक्षण के बाद प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि दोनों वार्डों में जलापूर्ति व्यवस्था को जल्द सामान्य बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खामियों की पहचान कर ली गई है और मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा।
यदि सभी निर्देशों का समयबद्ध पालन होता है तो वार्ड 10 और 11 के हजारों लोगों को जल्द ही नियमित और स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सकेगी।
फिलहाल एसडीएम की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान होगा और हर घर नल-जल योजना का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंच सकेगा।