भागलपुर DM डॉ. नवल किशोर चौधरी के कार्यकाल के 2.5 साल पूरे; गंगा पथ, एयरपोर्ट और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक से बदला सिल्क सिटी का नक्शा
भागलपुर: बिहार की सिल्क सिटी कहे जाने वाले भागलपुर जिले में विकास की रफ्तार को धरातल पर उतारने का श्रेय यहां के जिलाधिकारी (DM) डॉ. नवल किशोर चौधरी को जाता है। 29 जनवरी 2024 को भागलपुर के डीएम के रूप में पदभार संभालने वाले डॉ. चौधरी ने जिले में दो साल और साढ़े चार महीने का अपना शानदार कार्यकाल पूरा कर लिया है।
इस अवधि में उन्होंने न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त किया, बल्कि सालों से लंबित (pending) पड़े कई मेगा प्रोजेक्ट्स को रफ्तार दी। आइए जानते हैं उनके कार्यकाल की 3 ऐसी बड़ी उपलब्धियां, जिसने भागलपुर की सूरत बदल दी।
भागलपुर गंगा पथ (मरीन ड्राइव की तर्ज पर बाईपास)
भागलपुर शहर को भीषण जाम से मुक्ति दिलाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। डॉ. नवल किशोर चौधरी के कार्यकाल में पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर बन रहे 'भागलपुर गंगा पथ' के काम में अभूतपूर्व तेजी आई।
ग्राउंड जीरो पर एक्शन: जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) और मुआवजे को लेकर चल रहे विवादों को सुलझाने के लिए डीएम खुद जमीन पर उतरे और किसानों व रैयतों के साथ बैठक कर मामलों का ऑन-स्पॉट निपटारा किया।
बड़ी राहत: इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से विक्रमशिला सेतु और सबौर-कहलगांव की तरफ जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर आने की ज़रूरत नहीं होगी, जिससे शहरवासियों को जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी।
सुल्तानगंज अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट की कवायद तेज
भागलपुर और अंग प्रदेश के लोगों का सालों पुराना सपना है कि यहां का अपना एक कमर्शियल एयरपोर्ट हो। सुल्तानगंज के विश्वप्रसिद्ध अजगैबीनाथ धाम के पास एयरपोर्ट निर्माण के प्रस्ताव को इसी कार्यकाल में नई संजीवनी मिली है।
प्रशासनिक पहल: नागरिक उड्डयन मंत्रालय और राज्य सरकार के मानकों के अनुरूप जमीन की पैमाइश, फिजिबिलिटी सर्वे और फिस्कल रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजने की प्रक्रिया को डीएम स्तर पर तेजी से पूरा कराया गया।
फायदा: श्रावणी मेले में आने वाले देश-विदेश के लाखों शिवभक्तों और सिल्क व्यापारियों के लिए यह एयरपोर्ट भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का सफल संचालन
जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) परिसर में बने करोड़ों के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को पूरी तरह चालू कराना स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा कदम रहा।
डॉक्टर होने का फायदा: चूंकि डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी खुद पेशे से एक डॉक्टर (MBBS, MS) रह चुके हैं, इसलिए उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों को बारीकी से समझा। उन्होंने डॉक्टरों की रोस्टर ड्यूटी अनिवार्य की और आधुनिक उपकरणों को इंस्टॉल करवाया।
स्थानीय लोगों को राहत: अब भागलपुर, बांका, कटिहार और नवगछिया के मरीजों को न्यूरो, कार्डियोलॉजी और नेफ्रोलॉजी (किडनी) जैसे गंभीर इलाज के लिए पटना, सिलीगुड़ी या दिल्ली नहीं भागना पड़ता।
NTPC के साथ CSR समझौता: शिक्षा और सुरक्षा में नया बदलाव
अपने कार्यकाल के दौरान विकास के नए विजन को जोड़ते हुए डीएम ने NTPC कहलगांव के साथ एक बड़ा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) समझौता भी किया। इसके तहत:
स्मार्ट क्लास और स्कूल: जिले के 10 सरकारी स्कूलों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं और आधुनिक लाइब्रेरी का विस्तार किया जा रहा है।
CCTV सर्विलांस: शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अपराध नियंत्रण के लिए हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
एक आईएएस (IAS) अधिकारी के रूप में डॉ. नवल किशोर चौधरी की कार्यशैली 'एक्शन-ओरिएंटेड' रही है। आम जनता के लिए हर हफ्ते नियमित जनता दरबार लगाना और अधिकारियों की जवाबदेही तय करना उनकी पहचान बन चुका है। भागलपुर में पिछले ढाई साल में हुए ये कार्य बताते हैं कि अगर विजन साफ हो, तो बड़ी से बड़ी परियोजना को भी ज़मीन पर उतारा जा सकता है।