बिहार के कई जिलों में आज बारिश का अलर्ट, नौ जिलों में भारी से अतिभारी वर्षा की चेतावनी; बक्सर, गया, रोहतास, अररिया, कटिहार और सीवान रहें सतर्क

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने गुरुवार, 6 अगस्त 2026 के लिए राज्य के कई जिलों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार नौ जिलों में भारी से अतिभारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि कई अन्य जिलों में मध्यम से तेज बारिश, वज्रपात और तेज हवा चलने का अनुमान है। विशेष रूप से बक्सर, गया, रोहतास, अररिया, कटिहार और सीवान जिलों में भारी बारिश को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और मानसूनी ट्रफ के बिहार के ऊपर सक्रिय रहने के कारण राज्य में अगले 24 से 48 घंटों तक वर्षा की गतिविधियां तेज बनी रह सकती हैं। इसके चलते कई निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नालों के उफान पर आने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है।

नौ जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है, उनमें बक्सर, गया, रोहतास, अररिया, कटिहार और सीवान के अलावा कुछ अन्य जिले भी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बहुत तेज बारिश दर्ज की जा सकती है। प्रशासन को पहले से सतर्क रहने और राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार कई घंटों तक होने वाली बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों और जलभराव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पटना समेत कई जिलों में भी बारिश की संभावना

राजधानी पटना सहित राज्य के कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहने और बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज के साथ तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। मौसम में नमी बढ़ने से लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि लगातार बारिश के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है।

नगर निकायों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों

लगातार हो रही बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है। धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिलने से खेती को फायदा हो सकता है। हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होगी, वहां खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है।

वज्रपात और तेज हवा का भी खतरा

बारिश के साथ कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।

ग्रामीण इलाकों में किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।

जलभराव से बढ़ सकती हैं शहरी समस्याएं

भारी बारिश का सबसे अधिक असर शहरों में देखने को मिल सकता है। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भरने, ट्रैफिक जाम और आवागमन बाधित होने की आशंका है। नगर निगमों और स्थानीय प्रशासन ने पंपिंग स्टेशनों को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि जरूरत पड़ने पर तेजी से पानी निकाला जा सके।

स्कूल जाने वाले बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और यात्रियों को मौसम का अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

नदी किनारे रहने वाले लोग रहें सतर्क

लगातार बारिश के कारण गंगा, सोन, पुनपुन और अन्य नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों से प्रशासन द्वारा सतर्क रहने की अपील की गई है। बाढ़ नियंत्रण विभाग भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

यदि वर्षा का दौर लगातार जारी रहता है, तो कुछ निचले इलाकों में जलभराव और कटाव की समस्या बढ़ सकती है।

प्रशासन अलर्ट मोड में

संभावित भारी वर्षा को देखते हुए जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय निकायों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। राहत सामग्री, नावों और बचाव दलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि यात्रा जरूरी हो तो मौसम संबंधी ताजा जानकारी लेकर ही घर से निकलें। तेज बारिश या वज्रपात के समय सुरक्षित भवन में रहें और बिजली के उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करें।

वाहन चालकों को भी फिसलन वाली सड़कों पर धीमी गति से वाहन चलाने और जलभराव वाले मार्गों से बचने की सलाह दी गई है।

अगले 48 घंटे रहेंगे महत्वपूर्ण

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले दो दिनों तक बिहार में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। यदि वर्तमान मौसम प्रणाली बनी रहती है तो कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का दौर और तेज हो सकता है। 

6 अगस्त 2026 को बिहार के कई जिलों में बारिश का असर देखने को मिलेगा। भारी से अतिभारी वर्षा की चेतावनी वाले जिलों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और नागरिकों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है। मौसम विभाग की सलाह का पालन करना और आधिकारिक अपडेट पर नजर रखना आने वाले दिनों में बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।