बिहार के 17 जिलों में आज बारिश के आसार, वज्रपात और मेघगर्जन को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और इसका असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार, 5 अगस्त को राज्य के 17 जिलों में बारिश, वज्रपात और मेघगर्जन की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर और पूर्वी बिहार के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है। इसके साथ ही लोगों को आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने मुंगेर, शिवहर, समस्तीपुर, सहरसा समेत कई जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि गरज-चमक के साथ वर्षा की गतिविधियां दिनभर बनी रह सकती हैं। अधिकारियों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। बिहार सहित पूर्वी भारत में सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। 

इन जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मुंगेर, शिवहर, समस्तीपुर, सहरसा सहित कुल 17 जिलों में वर्षा होने की संभावना है। कई स्थानों पर बादल छाए रहने के साथ रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिनों तक मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है। किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

वज्रपात और मेघगर्जन का खतरा

बारिश के साथ कई जिलों में वज्रपात और मेघगर्जन की भी आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बादलों की तीव्र गतिविधि के कारण कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, नदी-तालाब के किनारे तथा ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो तुरंत किसी सुरक्षित भवन में शरण लें।

किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी

हाल के दिनों में कई जिलों में कम बारिश के कारण किसान चिंतित थे। ऐसे में मानसून की सक्रियता धान सहित अन्य खरीफ फसलों के लिए राहत लेकर आ सकती है। पर्याप्त वर्षा से खेतों में नमी बढ़ेगी और सिंचाई पर निर्भरता कम होगी।

हालांकि कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि यदि तेज बारिश होती है तो खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे।

तापमान में गिरावट की संभावना

बारिश के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। दिनभर बादल छाए रहने और वर्षा होने से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रह सकता है।

मौसम विभाग का कहना है कि बारिश के बाद आर्द्रता अधिक रहने की संभावना भी बनी रहेगी, जिससे कुछ क्षेत्रों में उमस बनी रह सकती है।

यातायात पर पड़ सकता है असर

तेज बारिश की स्थिति में शहरी क्षेत्रों में जलभराव और फिसलन के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने और आवश्यकता पड़ने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।

रेल और सड़क मार्ग पर भी कुछ स्थानों पर मौसम का असर देखने को मिल सकता है। यात्रियों से यात्रा से पहले मौसम और यातायात की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की गई है।

आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट पर

संभावित वज्रपात और बारिश को देखते हुए राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग भी सतर्क है। जिला प्रशासनों को आवश्यक तैयारियां रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्थानीय प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत दलों को तुरंत सक्रिय करने की तैयारी की गई है।

स्वास्थ्य संबंधी सावधानी भी जरूरी

बारिश के मौसम में जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को साफ पानी पीने, जलभराव से बचने और घर के आसपास स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी है।

बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है क्योंकि मौसम में अचानक बदलाव से वायरल संक्रमण और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे आधिकारिक मौसम बुलेटिन और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। गरज-चमक के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग खुले स्थान पर न करें, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखें तथा सुरक्षित स्थान पर ही रहें।

किसानों को भी खेतों में कार्य करने से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

5 अगस्त को बिहार के कई जिलों में बारिश, वज्रपात और मेघगर्जन की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मुंगेर, शिवहर, समस्तीपुर, सहरसा सहित 17 जिलों में वर्षा का पूर्वानुमान मानसून की सक्रियता का संकेत है। बारिश जहां एक ओर किसानों और आम लोगों को गर्मी से राहत दे सकती है, वहीं आकाशीय बिजली और तेज गर्जना जैसी घटनाएं जोखिम भी बढ़ा सकती हैं।

ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना, अनावश्यक यात्रा से बचना और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना सबसे बेहतर उपाय होगा। प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके.