सर्कुलर रोड छोड़ेंगी राबड़ी देवी, लेकिन सरकार के '39 हार्डिंग रोड' बंगले को ठुकराया; जानिए क्या है लालू परिवार का नया ठिकाना
बिहार की राजधानी पटना में इस समय सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच 'आवास' को लेकर एक बड़ा हाई-प्रोफाइल ड्रामा चल रहा है। बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पटना स्थित उनके ऐतिहासिक सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड को खाली करने के लिए नीतीश-सम्राट सरकार के भवन निर्माण विभाग द्वारा दिया गया 7 दिनों का अल्टीमेटम सोमवार (29 जून 2026) को समाप्त हो रहा है।
लेकिन, इस बीच सबसे बड़ी खबर यह आ रही है कि राबड़ी देवी सरकार की तरफ से उन्हें आवंटित किए गए 39 हार्डिंग रोड स्थित आलीशान बंगले में कदम नहीं रखेंगी। सूत्रों के मुताबिक, तमाम तैयारियों और रंग-रोगन के बावजूद लालू-राबड़ी परिवार ने इस नए बंगले में रहने से इनकार कर दिया है।
29 जून की डेडलाइन और सरकार की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
भवन निर्माण विभाग ने 22 जून 2026 को राबड़ी देवी को अंतिम 'अल्टीमेटम नोटिस' जारी किया था, जिसमें स्पष्ट रूप से 7 दिनों के भीतर (यानी 29 जून तक) 10 सर्कुलर रोड का बंगला खाली करने का आदेश दिया गया है।
मंत्री को आवंटन: सरकार पहले ही इस 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले को नीतीश सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर चुकी है।
सख्त चेतावनी: विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर सोमवार तक बंगला खाली नहीं किया गया, तो 'बिहार सरकारी परिसर अधिनियम' के तहत फोर्स बुलाकर कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
39 हार्डिंग रोड को क्यों ठुकरा रहा है लालू परिवार?
सरकार ने राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष के नाते मंत्रियों को मिलने वाले आवासों में दूसरा सबसे बड़ा बंगला (39 हार्डिंग रोड) आवंटित किया था। पिछले कुछ दिनों से इस बंगले में युद्धस्तर पर रिनोवेशन, पेंटिंग और फर्नीचर शिफ्टिंग का काम चल रहा था। यहाँ तक कि इस बंगले के मुख्य द्वार को भगवा रंग से बदलकर आरजेडी के पसंदीदा चटक हरे और सफेद रंग में रंग दिया गया था।
इसके बावजूद परिवार वहां शिफ्ट क्यों नहीं हो रहा है? इसके पीछे लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर वजहें बताई जा रही हैं:
पेंट की गंध और एलर्जी: राबड़ी देवी ने कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री और विभाग को पत्र लिखकर बताया था कि लालू प्रसाद यादव कई गंभीर बीमारियों (जैसे किडनी ट्रांसप्लांट के बाद की जटिलताएं) से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें नए पेंट और रासायनिक गंध से पूरी तरह दूर रहने (एलर्जी के कारण) की सलाह दी है।
इन्फेक्शन (संक्रमण) का खतरा: नए घर में लगातार हो रहे निर्माण कार्य और धूल-मिट्टी के कारण लालू यादव को गंभीर संक्रमण का खतरा है। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें पूरी तरह से आइसोलेटेड (अलग) और सुरक्षित माहौल में रखना जरूरी है, जो 39 हार्डिंग रोड में फिलहाल संभव नहीं दिख रहा।
नया सियासी ठिकाना: तेजस्वी यादव के '1 पोलो रोड' में शिफ्टिंग की तैयारी
अब सवाल उठता है कि अगर राबड़ी देवी 39 हार्डिंग रोड में नहीं रहेंगी, तो यह परिवार कहां जाएगा?
इनसाइड सोर्स का दावा: सूत्रों के मुताबिक, 10 सर्कुलर रोड से सामानों की ताबड़तोड़ पैकिंग और शिफ्टिंग जारी है। लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और परिवार के अन्य सदस्य अपने छोटे बेटे और बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आधिकारिक आवास '1 पोलो रोड' में शिफ्ट होने जा रहे हैं।
तेजस्वी यादव का यह बंगला पहले से पूरी तरह व्यवस्थित है, वहां कोई नया पेंट या निर्माण कार्य नहीं चल रहा है, जिससे लालू यादव के स्वास्थ्य को कोई खतरा नहीं होगा। राजनीतिक रूप से भी अब राजद का नया मुख्यालय 1 पोलो रोड ही बनने जा रहा है।
दो दशकों के इतिहास का अंत: 10 सर्कुलर रोड का महत्व
10 सर्कुलर रोड सिर्फ एक सरकारी बंगला नहीं, बल्कि पिछले 21 सालों से बिहार की राजनीति का 'पावर सेंटर' रहा है।
2005 से नाता: साल 2005 में जब राबड़ी देवी मुख्यमंत्री पद से हटी थीं, तब पूर्व मुख्यमंत्री के नाते उन्हें यह बंगला आवंटित किया गया था।
ऐतिहासिक गवाह: राजद के सत्ता में रहने से लेकर विपक्ष में आने तक, लालू यादव के जेल जाने से लेकर तेजस्वी यादव के उदय तक, बिहार की राजनीति की हर छोटी-बड़ी स्क्रिप्ट इसी बंगले के भीतर लिखी गई थी। इस बंगले को खाली करना लालू परिवार के लिए बेहद भावुक क्षण है।
'मां और बेटे को अलग बंगला क्यों?' – सरकार का कड़ा रुख
इस पूरे मुद्दे पर बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। सरकार का तर्क है कि नियम सबके लिए बराबर हैं।
| पक्ष | सरकार का तर्क और राजनीतिक बयानबाजी |
|---|---|
| सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री) | "कुछ लोगों को सरकारी बंगलों से बहुत ज्यादा मोह हो जाता है। मां (राबड़ी देवी) को अलग बंगला चाहिए और बेटे (तेजस्वी) को अलग। जब नेता प्रतिपक्ष के नाते उन्हें 39 हार्डिंग रोड आवंटित कर दिया गया है, तो वे पुरानी जिद क्यों पकड़े हुए हैं? सरकारी नियमों के तहत बंगला तो हर हाल में खाली करना ही पड़ेगा।" |
| आरजेडी (विपक्ष) का पलटवार | राजद नेताओं का आरोप है कि सरकार राजनीतिक दुर्भावना और बदले की भावना से ग्रसित होकर काम कर रही है। देश के इतने वरिष्ठ बीमार नेता (लालू यादव) के स्वास्थ्य मानवीय पहलुओं को नजरअंदाज कर जबरन बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। |
सोमवार (29 जून) की डेडलाइन बिहार की राजनीति के लिए बेहद दिलचस्प होने वाली है। एक तरफ जहां 10 सर्कुलर रोड से सामानों को तेजी से बाहर निकाला जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा दिए गए बंगले को ठुकराकर तेजस्वी यादव के घर जाने का फैसला लेकर लालू परिवार ने सरकार के "बंगले के मोह" वाले नैरेटिव को भी झटका दिया है। अब देखना यह होगा कि सोमवार को यह शिफ्टिंग शांतिपूर्ण तरीके से पूरी होती है या फिर पटना की सड़कों पर कोई नया सियासी ड्रामा देखने को मिलेगा।