प्रो. अशोक कुमार मेहता ने संभाला विभागाध्यक्ष का पदभार, प्रो. अरुण कुमार कर्ण को दी गई भावभीनी विदाई
दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (लनामिवि) के स्नातकोत्तर मैथिली विभाग में शुक्रवार को एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रो. अशोक कुमार मेहता ने विभागाध्यक्ष (एचओडी) के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया। विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उनका पारंपरिक मिथिला की पाग और चादर पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। वहीं, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार कर्ण को उनके कार्यकाल के सफल संचालन और शैक्षणिक योगदान के लिए भावभीनी विदाई दी गई।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इसे विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए आशा व्यक्त की कि नए नेतृत्व में विभाग नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी।
पारंपरिक सम्मान के साथ हुआ स्वागत
पदभार ग्रहण समारोह का आयोजन विभागीय परिसर में सादगी और गरिमा के साथ किया गया। जैसे ही प्रो. अशोक कुमार मेहता ने विभागाध्यक्ष का पदभार संभाला, उपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों ने उन्हें मिथिला की सांस्कृतिक पहचान पाग और चादर भेंट कर सम्मानित किया।
मिथिला क्षेत्र में पाग और चादर सम्मान और आदर का प्रतीक माने जाते हैं। इस पारंपरिक सम्मान ने समारोह को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की और उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ नए विभागाध्यक्ष का स्वागत किया।
प्रो. अरुण कुमार कर्ण को भावभीनी विदाई
समारोह का दूसरा महत्वपूर्ण क्षण पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार कर्ण की विदाई रहा। विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने उनके कार्यकाल की उपलब्धियों को याद करते हुए उन्हें सम्मानित किया।
वक्ताओं ने कहा कि प्रो. कर्ण ने अपने कार्यकाल में विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करने, शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के हित में अनेक महत्वपूर्ण पहल कीं। उनके नेतृत्व में विभाग ने कई राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर के शैक्षणिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया, जिससे विभाग की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई।
विदाई के दौरान कई शिक्षक और छात्र भावुक भी नजर आए। सभी ने उनके स्वस्थ, सुखद और सफल भविष्य की कामना की।
नए विभागाध्यक्ष ने जताया आभार
पदभार ग्रहण करने के बाद प्रो. अशोक कुमार मेहता ने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष का दायित्व केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विभाग की शैक्षणिक परंपरा और गुणवत्ता को आगे बढ़ाने का अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता विभाग में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध कार्यों को प्रोत्साहन, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा आधुनिक शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देना होगी। साथ ही उन्होंने सभी शिक्षकों और कर्मचारियों से सामूहिक सहयोग की अपील करते हुए कहा कि टीम भावना से ही विभाग को नई उपलब्धियां मिल सकती हैं।
शोध और अकादमिक गतिविधियों पर रहेगा विशेष जोर
प्रो. मेहता ने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा संस्थानों के सामने गुणवत्ता, नवाचार और शोध को बढ़ावा देने की बड़ी चुनौती है। इसलिए विभाग में शोध परियोजनाओं, राष्ट्रीय संगोष्ठियों, कार्यशालाओं और अकादमिक संवाद को नियमित रूप से आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने और डिजिटल संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मैथिली भाषा और साहित्य के विकास का संकल्प
समारोह में वक्ताओं ने मैथिली भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि लनामिवि का पीजी मैथिली विभाग लंबे समय से इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
नए विभागाध्यक्ष से उम्मीद जताई गई कि वे मैथिली भाषा के प्रचार-प्रसार, पांडुलिपियों के संरक्षण, साहित्यिक अनुसंधान और युवा शोधार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजनाएं तैयार करेंगे।
विद्यार्थियों ने जताई उम्मीद
विभाग के विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने नए विभागाध्यक्ष का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में विभाग में शैक्षणिक वातावरण और अधिक सुदृढ़ होगा। विद्यार्थियों ने कहा कि नियमित कक्षाएं, शोध मार्गदर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से उन्हें काफी लाभ होगा।
उन्होंने पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार कर्ण के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया तथा उनके योगदान को सदैव प्रेरणादायक बताया।
शिक्षकों ने दी शुभकामनाएं
समारोह में उपस्थित शिक्षकों ने प्रो. अशोक कुमार मेहता को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता से विभाग नई उपलब्धियां हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि विभाग की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने में सभी शिक्षक मिलकर कार्य करेंगे।
साथ ही शिक्षकों ने प्रो. अरुण कुमार कर्ण के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा शुरू की गई कई शैक्षणिक पहल भविष्य में भी विभाग के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परंपरा को मिलेगी मजबूती
शिक्षा जगत के जानकारों का मानना है कि किसी भी विभाग की प्रगति उसके नेतृत्व, शिक्षकों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयास पर निर्भर करती है। ऐसे में नए विभागाध्यक्ष की नियुक्ति विभाग के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।
यदि विभाग में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध और नवाचार को प्राथमिकता दी जाती है, तो आने वाले समय में पीजी मैथिली विभाग राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और अधिक मजबूत कर सकता है।
नई जिम्मेदारी के साथ नई उम्मीदें
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पीजी मैथिली विभाग में नेतृत्व परिवर्तन को शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सकारात्मक कदम बताया है। प्रो. अशोक कुमार मेहता के विभागाध्यक्ष बनने से विभाग में नई ऊर्जा और नई सोच के साथ शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की उम्मीद जगी है।
वहीं, प्रो. अरुण कुमार कर्ण के योगदान को सम्मानपूर्वक याद करते हुए सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विश्वविद्यालय परिवार को विश्वास है कि नए नेतृत्व में विभाग शिक्षा, शोध और साहित्यिक गतिविधियों के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा तथा मैथिली भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।