8 अगस्त को तीन घंटे बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित, 11 केवी डीआईजी फीडर में पेड़ की डाल काटने का काम

पूर्णिया। शहर में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर और सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से 8 अगस्त को 11 केवी डीआईजी फीडर के अंतर्गत पेड़ की डाल काटने का कार्य किया जाएगा। इसके कारण शनिवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक संबंधित फीडर से जुड़े कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान डीआईजी चौक, यूरोपियन कॉलोनी, बच्चा जेल समेत आसपास के कई क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा।

विद्युत विभाग की ओर से निर्धारित समय में पेड़ की डाल काटने और लाइन के आसपास मौजूद अवरोधों को हटाने का कार्य किया जाएगा। विभाग का कहना है कि बिजली के तारों के आसपास पेड़ों की शाखाएं रहने से विद्युत आपूर्ति में व्यवधान उत्पन्न होने के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी खतरा भी बना रहता है। तेज हवा या बारिश के दौरान पेड़ की डाल बिजली के तारों के संपर्क में आने पर फॉल्ट और आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए निर्धारित समय में आवश्यक कार्य कराया जा रहा है।

सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक बंद रहेगी बिजली

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 केवी डीआईजी फीडर में 8 अगस्त को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रखी जाएगी। इस अवधि में फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिलेगी। विभाग ने लोगों से अपील की है कि निर्धारित बिजली कटौती को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्य पहले से पूरा कर लें।

तीन घंटे की प्रस्तावित बिजली कटौती के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ दुकानदारों और छोटे व्यवसायों को भी कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर उन परिवारों को पहले से तैयारी करनी होगी जिनके दैनिक काम बिजली पर निर्भर हैं।

डीआईजी चौक और यूरोपियन कॉलोनी में पड़ेगा असर

बिजली आपूर्ति बाधित होने वाले प्रमुख क्षेत्रों में डीआईजी चौक और यूरोपियन कॉलोनी शामिल हैं। इसके अलावा बच्चा जेल तथा फीडर से जुड़े अन्य आसपास के इलाकों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी।

इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुबह के समय बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। स्थानीय लोगों के लिए यह जरूरी होगा कि वे कटौती की अवधि को ध्यान में रखते हुए पानी की मोटर, घरेलू उपकरणों और अन्य विद्युत आधारित कार्यों की पहले से व्यवस्था कर लें।

विभाग की ओर से निर्धारित समय में कार्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि दोपहर 12 बजे के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य की जा सके। हालांकि, तकनीकी कार्य के दौरान परिस्थितियों के अनुसार समय में थोड़ा बदलाव संभव हो सकता है।

पेड़ की डाल काटना क्यों जरूरी

शहरी क्षेत्रों में बिजली की लाइनों के आसपास पेड़ों की शाखाएं बढ़ने से विद्युत व्यवस्था के सामने कई तरह की चुनौतियां पैदा होती हैं। बारिश और तेज हवा के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। पेड़ की शाखाएं यदि बिजली के तारों से टकराती हैं तो शॉर्ट सर्किट, फॉल्ट और लाइन ट्रिप होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

कई बार पेड़ की बड़ी डाल टूटकर बिजली के तारों पर गिर जाती है, जिससे लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। ऐसी स्थिति में बिजली विभाग के कर्मचारियों को आपूर्ति बहाल करने में अतिरिक्त समय लग सकता है।

इसी तरह की संभावित समस्याओं को रोकने के लिए बिजली विभाग समय-समय पर बिजली के तारों के आसपास आने वाली पेड़ों की शाखाओं को काटने का काम करता है। 8 अगस्त को डीआईजी फीडर में प्रस्तावित कार्य भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

बारिश के मौसम में सुरक्षा पर विशेष ध्यान

वर्तमान समय में बारिश का मौसम होने के कारण बिजली के तारों के आसपास पेड़ों की शाखाओं की कटाई और लाइन की सुरक्षा और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। बारिश और हवा के दौरान पेड़ की शाखाओं के बिजली के तारों से संपर्क में आने की संभावना बढ़ जाती है।

विद्युत विभाग के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता उपभोक्ताओं को सुरक्षित और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है। इसके लिए लाइन के आसपास मौजूद संभावित खतरों को समय रहते हटाना जरूरी है। विभाग द्वारा निर्धारित समय में बिजली बंद कर कार्य करने से कर्मचारियों के लिए भी सुरक्षित माहौल तैयार होता है।

उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील

विद्युत विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। विभाग का कहना है कि पेड़ की डाल काटने का कार्य विद्युत सुरक्षा और बेहतर आपूर्ति के लिए आवश्यक है। निर्धारित अवधि में बिजली बंद रहने से उपभोक्ताओं को अस्थायी परेशानी होगी, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद लाइन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी।

उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे बिजली कटौती की अवधि को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्य पहले से पूरा कर लें। जिन लोगों को पानी की टंकी भरने, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने या बिजली से जुड़े घरेलू काम करने हैं, वे सुबह 9 बजे से पहले इन्हें पूरा कर सकते हैं।

दुकानदारों और व्यवसायियों को भी रहना होगा तैयार

डीआईजी चौक, यूरोपियन कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में कई दुकानें और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं। सुबह के समय बिजली कटौती का असर इनके कामकाज पर भी पड़ सकता है। दुकानदारों को सलाह दी गई है कि वे तीन घंटे की संभावित बिजली कटौती को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी काम की योजना बनाएं।

बिजली से संचालित उपकरणों पर निर्भर व्यवसायों को विशेष रूप से सावधानी बरतनी होगी। हालांकि प्रस्तावित कटौती केवल निर्धारित अवधि के लिए है और कार्य पूरा होने के बाद आपूर्ति सामान्य किए जाने की उम्मीद है।

उपभोक्ताओं को अस्थायी परेशानी, भविष्य में मिलेगा लाभ

बिजली विभाग की ओर से किए जाने वाले रखरखाव कार्यों का उद्देश्य विद्युत आपूर्ति को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना है। पेड़ों की डालियों को हटाने से बिजली के तारों पर दबाव कम होगा और भविष्य में पेड़ की शाखाओं के कारण होने वाले फॉल्ट की संभावना भी कम की जा सकेगी।

स्थानीय लोगों के लिए तीन घंटे की बिजली कटौती असुविधाजनक जरूर होगी, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से ऐसे रखरखाव कार्य जरूरी हैं। यदि लाइन के आसपास पेड़ की डालियां लगातार बनी रहें तो बारिश या तेज हवा के दौरान अचानक बिजली गुल होने की समस्या अधिक गंभीर हो सकती है।

दोपहर 12 बजे के बाद आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद

विभाग की योजना के अनुसार 8 अगस्त को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक डीआईजी फीडर से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। निर्धारित समय में पेड़ की डाल काटने का कार्य पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

डीआईजी चौक, यूरोपियन कॉलोनी, बच्चा जेल और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारी कर लें। बिजली कटौती को लेकर किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए उपभोक्ताओं को विभागीय सूचना पर ध्यान रखने की सलाह दी गई है।