पुलिस मुख्यालय की बड़ी कार्रवाई, शेरघाटी थानाध्यक्ष और चौकीदार निलंबित; मुख्य आरोपित गिरफ्तार

गया: बिहार के चर्चित एलएलबी (LLB) छात्रा दिव्या कुमारी पासवान हत्याकांड में पुलिस मुख्यालय ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। मामले की जांच के दौरान सामने आई कथित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुशील कुमार ने शेरघाटी थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष मोहन कुमार और चौकीदार देवेंद्र कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

वहीं, इस मामले के मुख्य आरोपित राहुल कुमार यादव को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए झारखंड पुलिस को सौंप दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद हत्याकांड की जांच और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मामले में पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

एसएसपी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 20 जुलाई को पूनम कुमारी ने डीएसपी-1 को एक आवेदन देकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे। आवेदन में आरोप लगाया गया कि मामले की जांच और प्राथमिकी दर्ज करने के दौरान कई महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।

आवेदन में कहा गया कि मृतका की मां उर्मिला देवी की शिकायत पर शेरघाटी थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन मृतका अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से होने के बावजूद अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराएं एफआईआर में शामिल नहीं की गईं।

एससी-एसटी एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ने पर कार्रवाई

प्राथमिक जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद कि एफआईआर में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं शामिल नहीं की गई थीं, पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना।

एसएसपी ने मामले की समीक्षा के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले में कानून के प्रावधानों की अनदेखी की जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार आवश्यक धाराएं जोड़ना अनिवार्य है और इसमें लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

थानाध्यक्ष और चौकीदार निलंबित

मामले में सामने आई कथित लापरवाही के आधार पर तत्कालीन थानाध्यक्ष मोहन कुमार और चौकीदार देवेंद्र कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

दोनों के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह देखा जाएगा कि प्राथमिकी दर्ज करने और शुरुआती जांच के दौरान किस स्तर पर चूक हुई तथा क्या किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अवहेलना की गई।

मुख्य आरोपित राहुल कुमार यादव गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपित राहुल कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की गई।

आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को झारखंड पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों राज्यों की पुलिस इस मामले में आपसी समन्वय के साथ आगे की जांच कर रही है।

जांच में जुटी विशेष टीम

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच जारी है। पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है, जिनमें—

  • हत्या की परिस्थितियां
  • आरोपी और मृतका के बीच संबंध
  • घटना का उद्देश्य
  • घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य
  • इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्य
  • अन्य संभावित आरोपितों की भूमिका

जांच अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध सभी साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण कराया जा रहा है।

न्याय की मांग तेज

दिव्या कुमारी पासवान की हत्या के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र संगठनों और स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

कई संगठनों ने यह भी मांग की कि यदि शुरुआती जांच में पुलिस अधिकारियों की लापरवाही साबित होती है तो उनके विरुद्ध भी कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए।

पुलिस मुख्यालय का सख्त संदेश

इस कार्रवाई को पुलिस मुख्यालय की ओर से स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि किसी भी गंभीर आपराधिक मामले में जांच या कानूनी प्रक्रिया में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करना आवश्यक है ताकि आम लोगों का कानून व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।

एससी-एसटी मामलों में विशेष सावधानी जरूरी

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से जुड़े मामलों में एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों का सही तरीके से पालन करना बेहद आवश्यक है।

यदि किसी मामले में संबंधित धाराएं लागू होती हैं, तो उन्हें प्राथमिकी में शामिल करना जांच एजेंसी की जिम्मेदारी होती है। ऐसा नहीं होने पर पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने में कठिनाई हो सकती है।

परिवार को न्याय की उम्मीद

दिव्या कुमारी पासवान के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।

परिवार का कहना है कि उनकी प्राथमिक मांग निष्पक्ष जांच और न्याय है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों से कराने की भी मांग की है।

एलएलबी छात्रा दिव्या कुमारी पासवान हत्याकांड में शेरघाटी थानाध्यक्ष और चौकीदार का निलंबन तथा मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है।

हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून और विभागीय नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।