जाले के गांधी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा का चबूतरा क्षतिग्रस्त, लोगों में आक्रोश; दोषियों पर कार्रवाई की मांग

दरभंगा। दरभंगा जिले के जाले प्रखंड स्थित गांधी चौक में महात्मा गांधी की प्रतिमा के चबूतरे को कथित रूप से अज्ञात लोगों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण तथा सामाजिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। लोगों ने इस घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा सार्वजनिक सम्मान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। ऐसे स्मारक को नुकसान पहुंचाने की घटना समाज में गलत संदेश देती है। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।

सुबह लोगों ने देखा क्षतिग्रस्त चबूतरा

स्थानीय निवासियों के अनुसार, जब सुबह लोग गांधी चौक पहुंचे तो उन्होंने देखा कि महात्मा गांधी की प्रतिमा का चबूतरा क्षतिग्रस्त है। इसकी सूचना मिलते ही आसपास के लोग वहां एकत्र होने लगे और घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस को दी गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया।

स्थानीय लोगों में नाराजगी

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित राष्ट्रीय महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

लोगों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए दोषियों की जल्द पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

पुलिस ने शुरू की जांच

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चबूतरा किस परिस्थिति में क्षतिग्रस्त हुआ और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हो सकते हैं।

पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है।

सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों की जांच

यदि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कोई फुटेज उपलब्ध होगी तो उसकी भी जांच की जाएगी। इसके अलावा घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि तकनीकी और भौतिक दोनों प्रकार के साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि घटना में शामिल लोगों की शीघ्र पहचान कर उनके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति और राष्ट्रीय महापुरुषों से जुड़े स्मारकों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

चबूतरे की मरम्मत की मांग

घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से महात्मा गांधी की प्रतिमा के क्षतिग्रस्त चबूतरे की जल्द मरम्मत कराने की भी मांग की है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह स्थल वर्षों से लोगों की श्रद्धा और सम्मान का केंद्र रहा है। इसलिए इसे पहले की तरह सुरक्षित और व्यवस्थित किया जाना चाहिए।

प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की

प्रशासन ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

साथ ही लोगों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

सामाजिक संगठनों ने जताई चिंता

घटना को लेकर कई सामाजिक और स्थानीय संगठनों ने भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि महात्मा गांधी देश के राष्ट्रपिता हैं और उनकी प्रतिमा से जुड़ा कोई भी सार्वजनिक स्थल सम्मान का विषय है।

संगठनों ने प्रशासन से ऐसे स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, तकनीकी साक्ष्य और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाएगी और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि क्षतिग्रस्त चबूतरे की जल्द मरम्मत कर गांधी चौक को पहले की तरह व्यवस्थित किया जाएगा।