श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर एनटीपीसी कहलगांव का सराहनीय कदम; नवगछिया क्षेत्र में हाईमास्ट लाइटें पुनः चालू, कांवरिया पथ पर हुआ दूधिया रोशनी का प्रबंध
भागलपुर, विशेष संवाददाता: विश्व प्रसिद्ध और आस्था के महापर्व श्रावणी मेले के दौरान देश के कोने-कोने से भागलपुर और नवगछिया के रास्ते झारखंड के देवघर जाने वाले लाखों शिवभक्तों की सुविधा व सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन और औद्योगिक संस्थानों ने मिलकर ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एनटीपीसी कहलगांव (NTPC Kahalgaon) ने नवगछिया क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रमुख कांवरिया मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर बंद पड़ी हाईमास्ट लाइटों (High-Mast Lights) को पुनः चालू कर दिया है। इस पहल से न केवल रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है, बल्कि अंधेरे में यात्रा करने वाले लाखों कांवरियों को भी असामाजिक तत्वों और दुर्घटनाओं से सुरक्षा का एक बड़ा कवच मिल गया है।
क्यों महसूस की जा रही थी हाईमास्ट लाइटों की आवश्यकता?
सावन मास के दौरान भागलपुर और नवगछिया का पूरा इलाका कांवरियों की पदयात्रा से गुलजार रहता है। झारखंड की सीमा तक जाने वाले इस लंबे और कठिन मार्ग पर दिन के साथ-साथ रात के वक्त भी भक्तों का तांता लगा रहता है।
अंधेरे रास्तों की समस्या: नवगछिया और उसके आसपास के ग्रामीण तथा शहरी इलाकों से गुजरने वाले संपर्क मार्गों पर कई जगहों पर हाईमास्ट लाइटें तकनीकी खराबी या रखरखाव के अभाव में लंबे समय से बंद पड़ी थीं। इससे रात के वक्त यात्रा करने वाले 'डाक बम' और सामान्य कांवरियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
दुर्घटनाओं और सुरक्षा का जोखिम: पर्याप्त रोशनी न होने के कारण रात के समय तेज रफ्तार वाहनों से कांवरियों के टकराने का खतरा बना रहता था। साथ ही, सुनसान रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना भी प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती था।
एनटीपीसी कहलगांव की त्वरित पहल और तकनीकी सुधार
स्थितियों की गंभीरता को भांपते हुए और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर एनटीपीसी कहलगांव प्रबंधन ने युद्धस्तर पर कार्य शुरू किया।
तकनीकी टीमों का गठन: एनटीपीसी के विद्युत और रखरखाव विशेषज्ञों की विशेष टीमों को मैदान में उतारा गया, जिन्होंने नवगछिया के विभिन्न चौराहों, मुख्य मार्गों और ठहराव स्थलों पर लगी हाईमास्ट लाइटों का निरीक्षण किया।
मरम्मत और ऊर्जावान रोशनी: खराब पड़े बल्लभों, वायरिंग और पैनलों को तुरंत बदला गया। इसके बाद जैसे ही इन हाईमास्ट लाइटों को दोबारा ऑन किया गया, पूरा क्षेत्र दूधिया रोशनी से जगमगा उठा। अब इन शक्तिशाली लाइटों के जलने से दूर-दूर तक का इलाका पूरी तरह روشن (रोशन) नजर आ रहा है।
कांवरियों और स्थानीय लोगों में राहत की लहर
एनटीपीसी कहलगांव के इस जनहितकारी कदम से न केवल कांवरियों में बल्कि स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों में भी खुशी की लहर दौड़ गई है।
रात की यात्रा बनी सुरक्षित: हजारों की संख्या में रात के वक्त पैदल यात्रा करने वाले शिवभक्तों ने प्रशासन और एनटीपीसी को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब उन्हें अंधेरे रास्तों पर चलने का डर नहीं सताएगा। माता-बहनों और बुजुर्ग कांवरियों के लिए यह व्यवस्था बेहद वरदान साबित हो रही है।
अपराध नियंत्रण और निगरानी: तेज रोशनी होने से पुलिस प्रशासन को भी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से असामाजिक तत्वों पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में काफी आसानी हो रही है।
प्रशासन और औद्योगिक घरानों का बेहतरीन समन्वय
श्रावणी मेले को सफल और सुरक्षित बनाने में सरकारी महकमों के साथ-साथ एनटीपीसी जैसे प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों की यह भागीदारी एक मिसाल बन गई है। जिला प्रशासन ने इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक सरोकारों के तहत उठाए गए ऐसे कदम धार्मिक आयोजनों को सुचारू रूप से संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाते हैं।
श्रावणी मेले के पावन अवसर पर एनटीपीसी कहलगांव द्वारा नवगछिया क्षेत्र में हाईमास्ट लाइटों को पुनः चालू करवाना शिवभक्तों के लिए एक बड़ी सौगात है। इस बेहतरीन प्रकाश व्यवस्था से कांवरियों की रात्रिकालीन यात्रा न केवल सुरक्षित और सुगम हो गई है, बल्कि यह पहल समाज सेवा और कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व का एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश करती है।