भाजपा के 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' में गूंजी केंद्र के 12 वर्षों की सफलता; शिक्षा मंत्री ने कहा—"पीएम मोदी के नेतृत्व में नए युग की ओर बढ़ रहा देश"

आयोजन: भाजपा जिला दरभंगा के तत्वावधान में भव्य जिला स्तरीय प्रबुद्धजन संकल्प सम्मेलन का आयोजन।

अवसर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने पर उपलब्धियों का विमर्श।

अध्यक्षता: भाजपा जिला अध्यक्ष की अगुवाई में वरिष्ठ पार्टी नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति।

मुख्य विमर्श: 60 वर्षों बनाम 12 वर्षों के विकास कार्यों का तुलनात्मक खाका; शिक्षा, रेल, हाईवे और गरीब कल्याण योजनाओं पर विशेष जोर।

संकल्प: वर्ष 2047 तक भारत को पूरी तरह से आत्मनिर्भर और 'विकसित राष्ट्र' बनाने का सामूहिक आह्वान।

विशेष संवाददाता, दरभंगा

केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग/NDA) सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर दरभंगा में राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर रहीं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला इकाई दरभंगा के तत्वावधान में 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' के अंतर्गत एक विशाल जिला स्तरीय प्रबुद्धजन सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस महासभामें जिले भर के बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने भारी संख्या में भाग लिया।

इस विशेष अवसर पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार की पिछले 12 वर्षों की जन-कल्याणकारी, आर्थिक और ढांचागत नीतियों का विस्तृत लेखा-जोखा जनता के सामने रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि इन 12 वर्षों में भारत ने पुरानी और दकियानूसी सोच को पीछे छोड़कर वैश्विक पटल पर एक सशक्त, आत्मनिर्भर और आधुनिक महाशक्ति के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है।

"12 साल बेमिसाल" केवल नारा नहीं, जमीनी हकीकत: शिक्षा मंत्री

सम्मेलन को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। भाजपा अपने संकल्पों को केवल कागजों पर नहीं बल्कि धरातल पर उतारने वाली पार्टी है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "विपक्ष अक्सर पूछता है कि 12 वर्षों में देश में क्या बदला? मैं आज इस मंच से बताना चाहता हूँ कि देश में जो बुनियादी काम आजादी के बाद के 60 वर्षों में उपेक्षित रहे, उससे कहीं अधिक और तीव्र गति से विकास कार्य इन 12 वर्षों के स्वर्णिम काल में पूरे किए गए हैं।"

शिक्षा मंत्री ने विशेष रूप से शिक्षा और बुनियादी संरचना (Infrastructure) के क्षेत्र में हुए युगांतकारी परिवर्तनों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के माध्यम से देश के युवाओं को 21वीं सदी की वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार किया है। बिहार और विशेषकर मिथिलांचल के संदर्भ में बात करते हुए उन्होंने कहा कि दरभंगा में एम्स (AIIMS) के निर्माण की दिशा में बढ़ते कदम, दरभंगा एयरपोर्ट का सफल संचालन और मखाना उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने जैसी दूरगामी पहलों ने इस पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के बच्चों को उच्च शिक्षा, रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य के लिए पलायन न करना पड़े।

60 बनाम 12 वर्ष: विकास के आंकड़ों का तुलनात्मक विश्लेषण

सम्मेलन के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने सांख्यिकीय आंकड़ों के जरिए केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों को प्रबुद्ध समाज के सामने रखा। इस दौरान निम्नलिखित प्रमुख तुलनात्मक बिंदु रेखांकित किए गए:

विमानन और रेल परिवहन में अभूतपूर्व क्रांति

एयरपोर्ट निर्माण: आजादी के बाद के 60 सालों में देश के भीतर मात्र 74 एयरपोर्ट चालू स्थिति में थे। वहीं, पीएम मोदी के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में देश में हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है, जिससे 'उड़ान' योजना के तहत हवाई चप्पल पहनने वाला आम नागरिक भी आज हवाई यात्रा का लाभ ले पा रहा है।

रेलवे का कायाकल्प और विद्युतीकरण: वक्ताओं ने बताया कि 60 वर्षों की तुलना में इन 12 वर्षों में रेलवे पटरियों के दोहरीकरण, आधुनिकीकरण और विद्युतीकरण का काम रिकॉर्ड गति से हुआ है। देश में वंदे भारत (Vande Bharat) और अमृत भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेनों का जाल बिछाया गया है, जिससे दरभंगा और उत्तर बिहार भी सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। इसके साथ ही अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्थानीय स्टेशनों का विश्वस्तरीय पुनर्विकास किया जा रहा है।

तकनीकी आत्मनिर्भरता और डिजिटल इंडिया

इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग: पूर्व की सरकारें देश को केवल एक आयातक (Importer) बनाकर रखना चाहती थीं। आज 12 वर्षों के कड़े नीतिगत सुधारों का ही नतीजा है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता देश बन चुका है और सेमीकंडक्टर मिशन के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।

गरीब कल्याण: अंत्योदय के संकल्प को मिला बल

सम्मेलन में बोलते हुए जिला स्तर के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में 'गरीबी हटाओ' सिर्फ एक राजनीतिक चुनावी हथकंडा बनकर रह गया था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने 'राष्ट्र प्रथम' के सिद्धांत पर चलते हुए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई और सीधे गरीबों के हक का पैसा उनके खातों में भेजा।

मुफ्त राशन और खाद्य सुरक्षा: वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और महामारियों के इस दौर में देश के 80 करोड़ से अधिक जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त राशन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित कर सरकार ने देश से भुखमरी के कलंक को मिटाया है।

बुनियादी नागरिक सुविधाएं: 12 करोड़ से अधिक गरीब महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत स्वच्छ ईंधन (गैस सिलेंडर) देकर धुएं से मुक्ति दी गई। देश भर में करोड़ों शौचालयों (इज्जत घर) का निर्माण कराया गया और आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रत्येक गरीब परिवार को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवच प्रदान किया गया है।

वित्तीय समावेशन: जनधन योजना के तहत लगभग 50 करोड़ से अधिक वंचित लोगों के बैंक खाते खोलकर उन्हें बैंकिंग प्रणाली की मुख्यधारा से जोड़ा गया, जिससे आज देश दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वाला राष्ट्र बन गया है।

विकसित भारत के निर्माण में समाज के हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण

सम्मेलन के दौरान पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रबुद्ध वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत और समृद्ध बिहार के निर्माण में समाज के सभी वर्गों—चाहे वे युवा हों, शिक्षक हों, महिला उद्यमी हों, किसान हों या बुद्धिजीवी—की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से पुरजोर आह्वान किया कि वे केंद्र सरकार की इन तमाम जनहितैषी और ऐतिहासिक योजनाओं को समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाने का काम करें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।

प्रबुद्ध समाज के प्रतिनिधियों ने भी इस राष्ट्रव्यापी अभियान की सराहना की और इस बात पर सहमति जताई कि एक सशक्त, शिक्षित और स्वस्थ समाज ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव बन सकता है।

समापन और 'विकसित भारत' का सामूहिक संकल्प

कार्यक्रम का सफल संचालन जिला महामंत्री द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ पार्टी नेताओं द्वारा किया गया। सम्मेलन के समापन सत्र में भाजपा जिला अध्यक्ष ने उपस्थित विशाल जनसमूह, पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों को अपने स्थान पर खड़े होकर हाथ आगे बढ़ाकर वर्ष 2047 तक भारत को एक पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर, समृद्ध और 'विकसित राष्ट्र' बनाने का गौरवमयी संकल्प दिलाया।

 भाजपा जिला दरभंगा द्वारा आयोजित यह 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' केवल एक उत्सव नहीं बल्कि आगामी राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे को स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों को सीधे प्रबुद्ध वर्ग और आम जनता के बीच ले जाकर पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि वह अपनी राजनीतिक जमीन को पूरी तरह 'विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद' के ठोस एजेंडे पर ही केंद्रित रखना चाहती है।