नए मॉडल आरएफपी में वाहनों और संसाधनों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ी, निगम के सफाई वाहनों का बढ़ेगा बेड़ा शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी, वार्डों में बढ़ेगी मशीनों और मानव संसाधनों की उपलब्धता
भागलपुर : शहर की सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने नए मॉडल आरएफपी (Request for Proposal) के तहत सफाई कार्यों से जुड़े वाहनों और अन्य संसाधनों की संख्या बढ़ाने की तैयारी की है। नए मॉडल में मौजूदा व्यवस्था की तुलना में वाहनों और संसाधनों की संख्या करीब 1.5 गुना बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य शहर में कचरा संग्रहण, परिवहन और सड़क सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
नगर निगम के सामने लंबे समय से पर्याप्त सफाई वाहनों और उपकरणों की कमी की समस्या रही है। कई वार्डों में वाहनों की सीमित उपलब्धता के कारण नियमित कचरा उठाव प्रभावित होता है। ऐसे में नए मॉडल आरएफपी में संसाधनों की संख्या बढ़ाने को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बढ़ेगा निगम के सफाई वाहनों का बेड़ा
नए मॉडल के लागू होने के बाद नगर निगम के सफाई वाहनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इसमें कचरा संग्रहण और परिवहन में उपयोग होने वाले वाहनों के साथ अन्य आवश्यक मशीनें भी शामिल की जा सकती हैं।
वाहनों की संख्या बढ़ने से एक ही समय में शहर के अधिक वार्डों में सफाई कार्य किया जा सकेगा। इससे डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और प्रमुख सड़कों से कचरा उठाव की गति में सुधार आने की उम्मीद है। निगम प्रशासन का मानना है कि संसाधनों की उपलब्धता बढ़ने से कार्यों की नियमित निगरानी भी आसान होगी।
संसाधन बढ़ने से होगी बेहतर सफाई
शहर की बढ़ती आबादी और कचरे की मात्रा को देखते हुए सफाई व्यवस्था के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत महसूस की जा रही थी। नए मॉडल आरएफपी में करीब डेढ़ गुना संसाधन उपलब्ध होने से वार्ड स्तर पर सफाई कार्य को अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की योजना है।
वाहनों और मशीनों की संख्या बढ़ने से नालों की सफाई, सड़कों की सफाई और कचरे के उठाव जैसे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में मदद मिल सकती है। जरूरत के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन भेजने की सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी।
बरसात में जलजमाव से निपटने में मदद
बरसात के मौसम में सफाई व्यवस्था की चुनौती बढ़ जाती है। नालियों और नालों में कचरा जमा होने से जलनिकासी प्रभावित होती है और कई स्थानों पर जलजमाव की समस्या उत्पन्न होती है।
सफाई संसाधन बढ़ने से बरसात के दौरान भी नालों की सफाई और कचरा हटाने के कार्य को तेज किया जा सकेगा। इससे जलजमाव की समस्या को कम करने में सहायता मिल सकती है।
कर्मचारियों और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन
नए मॉडल आरएफपी में केवल वाहनों की संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि मानव संसाधन और कार्य प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाएगा। पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मियों और तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित होने से संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
वाहनों और कर्मचारियों के लिए अलग-अलग वार्डों में कार्ययोजना बनाई जा सकती है। इससे यह तय करना आसान होगा कि किस क्षेत्र में कितने वाहन और कितने कर्मचारी की जरूरत है।
आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी
सफाई वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया जा सकता है। जीपीएस और डिजिटल निगरानी के माध्यम से वाहनों की आवाजाही और सफाई कार्यों की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी।
इससे यह पता लगाना आसान होगा कि वाहन निर्धारित मार्गों पर समय से पहुंच रहे हैं या नहीं और किस क्षेत्र में सफाई कार्य की जरूरत है। तकनीकी निगरानी से व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
शहरवासियों को बेहतर सफाई व्यवस्था की उम्मीद
नए मॉडल आरएफपी में वाहनों और संसाधनों की संख्या करीब डेढ़ गुना बढ़ाने का निर्णय शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर हो सकता है। लंबे समय से कई इलाकों में नियमित कचरा उठाव और सफाई को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
यदि योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो घर-घर कचरा संग्रहण, सड़क सफाई और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता में सुधार देखने को मिल सकता है।