मुजफ्फरपुर: जीडी मदर स्कूल के निदेशक पंकज कुमार का मुंबई में निधन, शोक की लहर

मुजफ्फरपुर: शिक्षा जगत और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। शहर के प्रसिद्ध 'जीडी मदर स्कूल' के निदेशक एवं वरिष्ठ समाजसेवी नंदू बाबू के सुपुत्र पंकज कुमार (50) का मुंबई में इलाज के दौरान असामयिक निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और मुंबई के लीलावती अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था, जहां सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

खेल और समाज सेवा में सक्रिय भूमिका

पंकज कुमार न केवल एक कुशल शिक्षा प्रशासक थे, बल्कि वे खेल जगत और सामाजिक गतिविधियों में भी अपनी गहरी रुचि रखते थे। वे 'मुजफ्फरपुर फुटबॉल संघ' के मुख्य संरक्षक के रूप में भी कार्यरत थे, जहां उन्होंने स्थानीय स्तर पर खेल को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके असमय चले जाने से खेल प्रेमियों और शिक्षाविदों में भारी मायूसी छाई हुई है।

शोक की लहर और श्रद्धांजलि सभाएं

पंकज कुमार के निधन की खबर मिलते ही मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन पर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और खेल संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

राजद अधिवक्ता प्रकोष्ठ: राजद के अधिवक्ता प्रकोष्ठ के नेताओं ने उनकी आकस्मिक मृत्यु पर संवेदना प्रकट करते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शोक व्यक्त करने वालों में अशेश्वर राय, शिवनाथ साह, प्रेम कुमार पंकज, बिन्देश्वर चौधरी कामरान और अंजनी कुमार सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।

मझौली खेतल विकास मंच: मझौली खेतल विकास मंच के अध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता ने भी उनके निधन पर गहरा शोक जताया। उन्होंने कहा कि पंकज कुमार के जाने से कानू समाज को अपूरणीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई करना कठिन है।

गोबरसही में शोक सभा: उनके निधन के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए गोबरसही में एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने एकत्रित होकर उन्हें नमन किया।

शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति

पंकज कुमार का व्यक्तित्व मिलनसार और सरल था। जीडी मदर स्कूल के निदेशक के रूप में उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में जो योगदान दिया, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी सादगी और दूसरों की मदद करने की प्रवृत्ति ने उन्हें समाज में एक विशेष पहचान दिलाई थी। उनके आकस्मिक निधन से उनके परिवार, मित्रों और स्कूल के छात्रों व शिक्षकों में शोक का माहौल है।

प्रशासनिक और सामाजिक गलियारों में उनके निधन को एक बड़े शून्य के रूप में देखा जा रहा है। उनके निधन से शिक्षा और खेल के क्षेत्र में सक्रिय मुजफ्फरपुर के एक होनहार व्यक्तित्व को खो दिया है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में साहस दें।