दोस्तों ने ली जान? इलाज के दौरान प्रवीण कुमार की मौत, परिजनों ने लगाया पीट-पीटकर हत्या का आरोप

दरभंगा: समस्तीपुर जिले के बेलसंडी गांव का रहने वाला एक होनहार युवक, प्रवीण कुमार, अब हमारे बीच नहीं रहा। शनिवार की रात दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) के ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड के बीच जिंदगी और मौत से जूझते हुए उसने दम तोड़ दिया। इस मौत ने न केवल एक परिवार को बिखरने की कगार पर ला खड़ा किया है, बल्कि पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। परिजनों का आरोप है कि प्रवीण की मौत कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि उसके तथाकथित 'दोस्तों' द्वारा की गई एक सोची-समझी साजिश है।

घटना का दुखद मोड़

प्रवीण कुमार, जो अपने परिवार का सहारा था, शनिवार की रात जब DMCH पहुँचा, तो उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन आंतरिक चोटों के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। जैसे ही उसके निधन की खबर फैली, अस्पताल परिसर में परिजनों का क्रंदन गूंज उठा। प्रवीण के पिता और अन्य स्वजनों का आरोप है कि उसके ही दोस्तों ने उसे बेरहमी से पीटा था, जिसके कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।

परिजनों के गंभीर आरोप

परिजनों ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रवीण को उसके दोस्तों ने ही कहीं बुलाया था। उनका कहना है कि मारपीट करने वालों ने न केवल प्रवीण पर हमला किया, बल्कि उसे अधमरा हालत में छोड़ दिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि हमलावरों ने किसी पुरानी रंजिश के कारण इस घटना को अंजाम दिया है।

अस्पताल में मौजूद प्रवीण के एक रिश्तेदार ने फूट-फूट कर रोते हुए कहा, "हमसे हमारा बेटा छीन लिया गया। जिन दोस्तों पर प्रवीण आँख बंद करके भरोसा करता था, उन्हीं ने उसके साथ यह दरिंदगी की। यह कोई मामूली विवाद नहीं, बल्कि उसकी हत्या की गई है।"

स्थानीय पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अस्पताल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया।

पोस्टमार्टम: शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही चोटों और मौत की सटीक वजह स्पष्ट हो पाएगी।

जांच का दायरा: जाले (या संबंधित) थाना पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

साक्ष्यों की तलाश: पुलिस घटनास्थल का मुआयना करने और आसपास के लोगों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर शनिवार की रात प्रवीण उन दोस्तों के साथ कहाँ और किन परिस्थितियों में था।

दोस्ती की आड़ में रंजिश का काला सच

इस घटना ने मित्रता जैसे पवित्र रिश्ते पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। समस्तीपुर से दरभंगा आकर DMCH में इलाज के दौरान दम तोड़ना यह दर्शाता है कि हमला कितना भीषण रहा होगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि आजकल युवाओं में छोटी-छोटी बातों पर होने वाले हिंसक टकराव जानलेवा साबित हो रहे हैं। प्रवीण की मौत के बाद बेलसंडी गाँव में मातम पसरा है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

प्रशासन और न्याय की मांग

प्रवीण के परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

दरभंगा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे धैर्य रखें और कानून को अपना काम करने दें। पुलिस अधिकारियों का आश्वासन है कि कॉल रिकॉर्ड्स और सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध हो) के आधार पर दोषियों की पहचान की जाएगी।

प्रवीण कुमार की मौत एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। एक ओर जहाँ एक युवक की असमय विदाई ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है, वहीं दूसरी ओर दोस्ती के नाम पर हुई इस कथित हिंसा ने सामाजिक ताने-बाने पर भी चोट की है। अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिसिया कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या प्रवीण को न्याय मिलेगा? क्या उसके दोस्तों के नकाब उतरेंगे? यह तो समय ही बताएगा, लेकिन इस दर्दनाक घटना ने हर किसी के मन में यह सवाल छोड़ दिया है कि हम किस ओर बढ़ रहे हैं।