श्रावणी मेला 2026 को लेकर नगर निगम का कड़ा एक्शन; कांवरियों के मार्ग को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए चलाया गया व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान, शहर में मची हलचल

भागलपुर, मुख्य संवाददाता: देवघर जाने वाले शिव भक्तों और कांवरियों के लिए आस्था के इस पवित्र महीने यानी श्रावणी मेला को पूरी तरह सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अब अपने चरम पर पहुंच गई हैं। इसी कड़ी में भागलपुर नगर निगम ने कांवर यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा या जाम की समस्या से बचाने के लिए एक बेहद सख्त और व्यापक कदम उठाया है। शहर के मुख्य मार्गों, कांवरिया पथ और फुटपाथों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त (Anti-Encroachment Drive) करने के लिए निगम ने एक विशेष अभियान का आगाज किया है। इस कार्रवाई से शहर के दुकानदारों और अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं दूर-दराज से आने वाले शिव भक्तों ने नगर निगम के इस कदम की सराहना की है।

क्या है पूरा मामला और क्यों पड़ी इस अभियान की जरूरत?

हर साल श्रावणी मेला के दौरान देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में कांवरिया सुल्तानगंज से उत्तर वाहिनी गंगा का पवित्र जल भरकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं। इस दौरान भागलपुर और सुल्तानगंज के मुख्य मार्ग पूरी तरह भगवामय हो जाते हैं और श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ता है।

पिछले कुछ वर्षों में यह देखने को मिल रहा था कि सड़कों के दोनों किनारों पर अवैध रूप से किए गए अतिक्रमण (जैसे ठेले, खोमचे, और पक्की दुकानों के आगे सामान फैलाना) के कारण रास्ते काफी संकरे हो जाते थे।

इस वजह से कांवरियों को चलने में भारी परेशानी होती थी, कई बार महिलाएं और बुजुर्ग यात्री दुर्घटनाओं का शिकार भी हो जाते थे।

इसी गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए नगर निगम प्रशासन ने मेला शुरू होने से पहले ही पूरे रास्ते को साफ और चाक-चौबंद करने का बीड़ा उठाया है।

नगर निगम का बुलडोजर और विशेष दस्ता उतरा मैदान में

शुक्रवार को नगर निगम की विशेष अतिक्रमण हटाओ टीम भारी पुलिस बल और दंडाधिकारियों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों पर उतरी। निगम के बुलडोजर और ट्रैक्टरों ने सड़क किनारे अवैध रूप से कब्जा जमाए बैठे दुकानदारों के अस्थाई शेड, बैरिकेडिंग और पक्की सीढ़ियों को हटाना शुरू किया।

चेतावनी के बावजूद अनदेखी पर कार्रवाई: निगम अधिकारियों ने बताया कि अभियान चलाने से पहले कई बार मुनादी कराकर दुकानदारों को स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके जब कब्जा नहीं हटाया गया, तब प्रशासन को यह कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।

यातायात और पैदल चलने वालों को राहत: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कांवरियों के जत्थे को बिना किसी बाधा के एक सुगम मार्ग मिल सके और शहर में एंबुलेंस या आपातकालीन वाहनों के आने-जाने में कोई रुकावट न आए।

आगे भी जारी रहेगा अभियान, नियमों की अनदेखी पर होगी पेनल्टी

नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यह अभियान केवल एक दिन का औपचारिकता मात्र नहीं है, बल्कि श्रावणी मेला के पूरे सीजन के दौरान यह निरंतर जारी रहेगा।

यदि किसी दुकानदार ने दोबारा सड़क या फुटपाथ पर कब्जा जमाने की कोशिश की, तो न केवल उसका सामान जब्त किया जाएगा, बल्कि उस पर भारी आर्थिक जुर्माना (Penalty) भी लगाया जाएगा।

निगम ने शहर के नागरिकों और दुकानदारों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह आयोजन भागलपुर की प्रतिष्ठा से जुड़ा है, इसलिए हर नागरिक का यह दायित्व है कि वह अतिथियों यानी शिव भक्तों का स्वागत सुव्यवस्थित तरीके से करे।

शिव भक्तों और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर

नगर निगम के इस सख्त और समय पर उठाए गए कदम से शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और स्थानीय लोगों में काफी संतोष देखा जा रहा है। कांवरियों के लिए सुगम मार्ग मिलने से उनकी यात्रा सुरक्षित होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस सख्ती से न केवल कांवरियों को राहत मिलेगी, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था भी काफी हद तक पटरी पर आ जाएगी।

भागलपुर नगर निगम द्वारा श्रावणी मेला को ध्यान में रखते हुए चलाया गया यह अतिक्रमण हटाओ अभियान इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पूरी तरह गंभीर है। सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने से जहाँ कांवर यात्रा सुगम होगी, वहीं भागलपुर की प्रशासनिक कुशलता की भी एक बेहतरीन मिसाल पेश होगी।