मानसून मुजफ्फरपुर में ठिठका, बिहार में उमस और भीषण गर्मी का प्रकोप जारी
मानसून की स्थिति: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 11 जून के आसपास बिहार में प्रवेश किया था, लेकिन इसके बाद इसकी रफ्तार काफी धीमी हो गई है। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा मुजफ्फरपुर तक ही सीमित है और पिछले कई दिनों से यहीं ठिठकी हुई है।
गर्मी और उमस का प्रकोप: मानसून के आगे न बढ़ने और 'अल-नीनो' के प्रभाव के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की कमी बनी हुई है। झमाझम बारिश के अभाव में लोगों को भीषण उमस भरी गर्मी और लू (हीटवेव) का सामना करना पड़ रहा है।
पटना: आसमान में बादल छाए रहेंगे, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना कम है। उमस बनी रहेगी।
भागलपुर और पूर्णिया: इन क्षेत्रों में छिटपुट या एक-दो स्थानों पर ही हल्की बूंदाबांदी या खराब मौसम की आशंका है। यहाँ भी गर्मी का असर बना हुआ है।
दक्षिण बिहार: यहाँ के कई जिलों में लू (हीटवेव) चलने की चेतावनी जारी की गई है। तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है।
| स्थान/स्थिति | वर्तमान स्थिति | प्रमुख चेतावनी |
|---|---|---|
| मानसून | मुजफ्फरपुर तक सीमित (Stalled) | आगे बढ़ने के लिए अनुकूल स्थितियों का इंतजार |
| तापमान | उमस भरी गर्मी | लू (Heatwave) का अलर्ट (विशेषकर दक्षिण बिहार में) |
| पटना | आंशिक बादल | गरज-तड़क की हल्की संभावना |
| भागलपुर/पूर्णिया | शुष्क मौसम | छिटपुट बारिश के आसार |
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 23 जून 2026 के आसपास मानसून के फिर से आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की उम्मीद है। तब तक बिहार के लोगों को गर्मी और उमस से विशेष राहत मिलने की संभावना कम है। कृषि विभाग और मौसम केंद्र ने किसानों और आम लोगों को इस दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।