'मां के नाम 3.0' अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालय रामराय बाग में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, विद्यार्थियों ने लगाए मातृ-वृक्ष

कहलगांव (भागलपुर): पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नेक पहल करते हुए कहलगांव अनुमंडल स्थित प्राथमिक विद्यालय रामराय बाग में 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान के तहत विशेष पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न केवल विद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाना था, बल्कि विद्यार्थियों के मन में अपनी मां के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव जागृत करना था। विद्यालय के प्रधान शिक्षक सर्वोत्तम कुमार शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भागीदारी की।

मां के प्रति सम्मान और प्रकृति का संरक्षण

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्रधान शिक्षक सर्वोत्तम कुमार शर्मा ने कहा कि 'मां' शब्द अपने आप में ममता, त्याग और पोषण का प्रतीक है। जिस प्रकार एक मां निस्वार्थ भाव से अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार प्रकृति भी हमें जीवन प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, "आज आप जो पौधा अपनी मां के नाम पर लगा रहे हैं, वह केवल एक पौधा नहीं है, बल्कि आपकी मां के प्रति आपके प्रेम का प्रतीक है। इसकी देखभाल करना ठीक वैसा ही है जैसे आप अपनी मां की सेवा करते हैं।"

अभियान की रूपरेखा: 'मां के नाम 3.0'

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान पूरे देश में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए चलाया जा रहा है। विद्यालय में इस अभियान के तीसरे संस्करण (3.0) के तहत विभिन्न प्रकार के छायादार और फलदार पौधे लगाए गए। इस दौरान:

विद्यार्थियों की भागीदारी: कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों ने अपनी-अपनी पसंद के पौधे चुने।

संकल्प: हर छात्र ने शपथ ली कि वे अपने द्वारा लगाए गए पौधे को बड़े होने तक उसकी सुरक्षा करेंगे और उसे नियमित रूप से पानी देंगे।

शिक्षकों का मार्गदर्शन: विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने बच्चों को यह सिखाया कि किस प्रकार गड्ढा खोदकर पौधे को सही तरीके से रोपित किया जाता है और उसे खाद-पानी की कितनी आवश्यकता होती है।

पर्यावरण के लिए संजीवनी

आज के दौर में बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग की समस्या को देखते हुए इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास बहुत महत्वपूर्ण हो जाते हैं। प्रधान शिक्षक ने बताया कि विद्यालय प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि गर्मियों की छुट्टियों में भी इन पौधों की देखभाल के लिए एक विशेष 'ग्रीन टीम' (Green Team) सक्रिय रहे, ताकि कोई भी पौधा सूखने न पाए।

विद्यार्थियों में उत्साह

पौधरोपण के दौरान बच्चों के चेहरे पर अलग ही खुशी देखी गई। नन्हे छात्र अपने हाथों में मिट्टी लिए और पौधे को पानी देते हुए काफी प्रफुल्लित थे। एक छात्रा ने कहा, "मैंने अपनी मां के नाम पर आम का पौधा लगाया है। जब यह बड़ा होगा और इसमें फल आएंगे, तो मुझे अपनी मां की याद आएगी।" यह भावुक कर देने वाली प्रतिक्रिया इस अभियान की सफलता को दर्शाती है।

समुदाय के लिए संदेश

विद्यालय के इस कार्यक्रम ने न केवल छात्रों को, बल्कि अभिभावकों को भी एक बड़ा संदेश दिया है। विद्यालय की ओर से आसपास के ग्रामीणों से भी अपील की गई कि वे अपने घरों के खाली स्थानों पर कम से कम एक पौधा अपनी मां के नाम पर जरूर लगाएं। इससे न केवल पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि घर-घर में हरियाली का संचार होगा।

शैक्षणिक और नैतिक विकास का तालमेल

प्राथमिक विद्यालय रामराय बाग अपनी अनूठी गतिविधियों के लिए जाना जाता है। सर्वोत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों का नैतिक और सामाजिक विकास भी जरूरी है। वृक्षारोपण से बच्चे धैर्य और जिम्मेदारी जैसे मानवीय गुण सीखते हैं। विद्यालय परिसर में आज लगाए गए पौधों के पास उन विद्यार्थियों के नाम की पट्टिकाएं भी लगाई जाएंगी, जिन्होंने उन्हें लगाया है।

सकारात्मक पहल का असर

कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कहलगांव के इस प्राथमिक विद्यालय का यह प्रयास अन्य विद्यालयों के लिए भी एक आदर्श है। प्रशासन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि हर विद्यालय इसी तरह सक्रिय हो जाए, तो आने वाले कुछ वर्षों में बिहार के हर क्षेत्र को हरियाली की चादर से ढका जा सकेगा।