नगर निगम बोर्ड की बैठक में विकास कार्यों को लेकर गरमागरम चर्चा; मेयर, डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त और पार्षदों की मौजूदगी में कई अहम प्रस्ताव पारित

बिहार के पूर्णिया नगर निगम क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नगर निगम सभाकक्ष में एक उच्चस्तरीय बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में निगम की मेयर, डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त और जिले के तमाम वार्ड पार्षद शामिल हुए। बैठक की शुरुआत भले ही आम मुद्दों पर चर्चा के साथ हुई, लेकिन जैसे-जैसे वार्डों की बुनियादी समस्याओं और योजनाओं की लेटलतीफी का मुद्दा उठा, चर्चा काफी गंभीर और तीखी हो गई।

बैठक में छाए रहे प्रमुख मुद्दे और समस्याएं

पूर्णिया शहर के चहुंमुखी विकास के लिए बुलाई गई इस बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को पूरी मुखरता के साथ सदन के सामने रखा। बैठक के दौरान निम्नलिखित मुख्य मुद्दों पर सबसे ज्यादा चर्चा हुई:

पेयजल और जलापूर्ति योजना (Water Supply): शहर के कई वार्डों में जलापूर्ति पाइपलाइन टूटने और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति में हो रही बाधाओं को लेकर पार्षदों ने गहरी नाराजगी जताई। नगर आयुक्त ने इस पर तत्काल कार्रवाई करने का भरोसा दिया।

नालियों की सफाई और जलभराव (Drainage System): मानसून के मौसम को देखते हुए शहर की मुख्य सड़कों और मोहल्लों की नालियों की उड़ाही (Desilting) और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने पर विशेष बल दिया गया।

स्ट्रीट लाइट और रोशनी की व्यवस्था: शहर के कई इलाकों में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को जल्द से जल्द ठीक कराने या नई लाइटें लगवाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।

सड़क और नाला निर्माण कार्य: विभिन्न वार्डों में स्वीकृत योजनाओं के बावजूद कार्य शुरू नहीं होने पर पार्षदों ने असंतोष जताया, जिसके बाद संबंधित अभियंताओं (Engineers) को फटकार लगाते हुए जल्द काम शुरू कराने के निर्देश दिए गए।

मेयर और नगर आयुक्त के कड़े निर्देश

बैठक के दौरान नगर निगम की मेयर और नगर आयुक्त ने सभी पार्षदों की बातों को गंभीरता से सुना। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूर्णिया शहर की जनता ने जिस उम्मीद के साथ अपने प्रतिनिधियों को चुना है, उस पर खरा उतरना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो एजेंसियां या ठेकेदार काम में देरी कर रहे हैं, उनके खिलाफ अनुबंध की शर्तों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, वित्तीय वर्ष के बजट के अनुसार शहर के हर कोने तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया।

पार्षदों और आम जनता की उम्मीदें

बैठक के अंत में कई महत्वपूर्ण विकास प्रस्तावों पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। पार्षदों ने उम्मीद जताई कि यदि इस बैठक में लिए गए निर्णयों का क्रियान्वयन धरातल पर ईमानदारी से हो जाए, तो पूर्णिया शहर की सूरत काफी हद तक बदल जाएगी। शहरवासियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि नगर निगम प्रशासन इन निर्णयों को कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता के साथ जमीन पर उतार पाता है।

सामूहिक सहभागिता: मेयर, डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त और पार्षदों की इस संयुक्त बैठक से स्थानीय स्तर पर नीतिगत फैसलों को गति मिलती है।

बुनियादी सुविधाओं पर फोकस: जल निकासी, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सड़कों के निर्माण को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर नजर आया।

जवाबदेही तय करना: विकास कार्यों में ढिलाई बरतने वाले संवेदकों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट संकेत दिए गए हैं।