मेयर और स्थायी समिति के सदस्यों ने लड्डू खिलाकर तुड़वाई हड़ताल, शहर में सफाई व्यवस्था हुई बहाल
भागलपुर (संवाद सूत्र): रेशम नगरी भागलपुर के नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले कई दिनों से वेतन वृद्धि, बकाया मानदेय और अन्य मांगों को लेकर चली आ रही नगर निगम के सफाई कर्मियों और कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार गुरुवार को समाप्त हो गई। हड़ताल खत्म होने की सूचना मिलते ही नगर निगम परिसर में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। मेयर और स्थायी समिति के सदस्यों ने स्वयं आगे आकर हड़ताली कर्मचारियों को अपने हाथों से लड्डू खिलाए और उनकी सभी जायज मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाकर हड़ताल समाप्त करवाई। इसके बाद सफाई कर्मियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर और ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी जीत का जश्न मनाया।
हड़ताल समाप्ति की पृष्ठभूमि और बनी सहमति
भागलपुर नगर निगम के कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार के कारण शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी, जिससे जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम प्रशासन और कर्मचारी संघ के बीच मैराथन बैठकें हुईं:
सकारात्मक बातचीत: मेयर डॉ. बसुंधरा लाल और स्थायी समिति के वरिष्ठ सदस्यों ने कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में कर्मचारियों की मुख्य मांगें—जैसे समय पर वेतन भुगतान, एरियर का भुगतान और सेवा-शर्तों से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
लिखित आश्वासन: प्रशासन की ओर से मांगों को पूरा करने के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय करने का आश्वासन मिलने के बाद, कर्मचारी संघ ने जनहित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल वापस लेने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
जश्न का माहौल: लड्डू खिलाकर गले मिले अधिकारी और कर्मचारी
समझौता तय होने के बाद नगर निगम मुख्यालय का नजारा पूरी तरह बदला हुआ नजर आया:
मेयर ने खुद खिलाए लड्डू: हड़ताल की समाप्ति की घोषणा के साथ ही मेयर और स्थायी समिति के सदस्यों ने सफाई कर्मियों और अन्य निगम कर्मचारियों को अपने हाथों से लड्डू खिलाए। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच की दूरियां मिटती नजर आईं।
अबीर-गुलाल से सजा निगम परिसर: अपनी मांगों पर मुहर लगने से उत्साहित सफाई कर्मियों ने निगम परिसर में ही ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य किया और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली जैसा माहौल बना दिया। कर्मचारियों का कहना था कि उनका संघर्ष हक की लड़ाई थी, और प्रशासन द्वारा संवेदनशीलता दिखाने से उन्हें न्याय मिला है।
शहरवासियों ने ली राहत की सांस, सफाई अभियान शुरू
कर्मचारियों के काम पर लौटने से सबसे बड़ी राहत भागलपुर के आम नागरिकों को मिली है:
कचरे के ढेरों से मुक्ति: हड़ताल के दौरान शहर के मुख्य बाजारों, चौक-चौराहों और रिहायशी इलाकों में कूड़े के अंबार लग गए थे, जिससे दुर्गंध और संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो गया था। हड़ताल समाप्त होते ही नगर निगम ने युद्ध स्तर पर सफाई अभियान शुरू कर दिया है।
सुचारू हुआ कामकाज: निगम कार्यालय में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, टैक्स जमा करने और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए आने वाले आम लोगों को भी अब राहत मिल गई है, क्योंकि सभी काउंटर सुचारू रूप से काम करने लगे हैं।
भागलपुर नगर निगम के कर्मचारियों की हड़ताल का यह सुखद अंत इस बात का प्रमाण है कि संवाद और आपसी सहमति से हर बड़े से बड़े संकट का समाधान निकाला जा सकता है। मेयर और स्थायी समिति के सकारात्मक प्रयासों से जहाँ एक ओर कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर शहर की सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज भी पटरी पर लौट आया है। अब शहरवासियों को उम्मीद है कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा नहीं बनेगी और भागलपुर को एक स्वच्छ व सुंदर शहर के रूप में आगे बढ़ाने में सभी का सहयोग मिलेगा।