बीएन कॉलेज में छात्र नामांकन के नाम पर अवैध वसूली का बड़ा खुलासा; 7 से 8 हजार रुपये तक अधिक वसूलने का आरोप, TMBU के वीसी के निर्देश पर डीएसडब्ल्यू और प्रॉक्टर ने की औचक छापेमारी व जांच

भागलपुर, कार्यालय संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के प्रतिष्ठित तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के अंतर्गत आने वाले बीएन कॉलेज (BN College) में छात्र नामांकन प्रक्रिया के दौरान मनमानी और भारी पैमाने पर अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है। कॉलेज प्रशासन पर आरोप है कि छात्रों से उनके निर्धारित शुल्क से 7 से लेकर 8 हजार रुपये तक की अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए TMBU के प्रभारी कुलपति (Vice-Chancellor) के कड़े निर्देशों पर विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू (DSW) और प्रॉक्टर (Proctor) ने दल-बल के साथ सीधे कॉलेज पहुंचकर मामले की गहन जांच-पड़ताल की।

क्या है पूरा मामला? कैसे हुआ अवैध वसूली का खुलासा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन दिनों विश्वविद्यालय के कॉलेजों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है:

छात्रों और संगठनों का विरोध: बीएन कॉलेज में नामांकन कराने पहुंचे छात्रों ने जब उनसे लिए जा रहे शुल्क की रसीद देखी, तो उनके होश उड़ गए। कॉलेज प्रशासन द्वारा सरकारी तय शुल्क से कहीं अधिक राशि वसूली जा रही थी। इस मनमानी से नाराज छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों ने इसकी शिकायत सीधे विश्वविद्यालय मुख्यालय तक पहुंचाई।

7 से 8 हजार रुपये तक की अतिरिक्त उगाही: शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि सामान्य वर्ग और अन्य श्रेणियों के छात्रों से विभिन्न मदों के नाम पर 7,000 से 8,000 रुपये तक अधिक वसूले जा रहे थे। आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए इतनी भारी-भरकम राशि देना बेहद मुश्किल साबित हो रहा था, जिससे छात्रों में తీవ్ర रोष व्याप्त था।

प्रभारी कुलपति का कड़ा रुख: डीएसडब्ल्यू और प्रॉक्टर ने की छापेमारी

मामले की भनक लगते ही तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए:

कॉलेज परिसर में औचक निरीक्षण: वीसी के निर्देश के अनुपालन में TMBU के डीएसडब्ल्यू और प्रॉक्टर ने अचानक बीएन कॉलेज परिसर में दस्तक दी। इस औचक निरीक्षण से कॉलेज प्रशासन और कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई।

दस्तावेजों और रसीदों की जांच: विश्वविद्यालय के दोनों शीर्ष अधिकारियों ने कॉलेज के नामांकन काउंटर, कैश काउंटर और संबंधित कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पिछले कुछ दिनों में कटे छात्रों के रसीदों, बैंक खातों के विवरण और फी स्ट्रक्चर (Fee Structure) की फाइलें मंगवाकर बारीकी से जांच की।

जांच के दौरान मिलीं कई अनियमितताएं

प्रारंभिक जांच-पड़ताल के दौरान अधिकारियों को कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली में कई गंभीर खामियां और अनियमितताएं हाथ लगीं:

स्पष्ट जवाब नहीं दे सके कर्मी: निरीक्षण के दौरान जब अधिकारियों ने अधिक शुल्क वसूले जाने के संबंध में कॉलेज के कर्मचारियों और संबंधित जिम्मेदारों से सवाल किए, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

छात्रों के बयान दर्ज: अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कई छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनसे अवैध वसूली से जुड़े सबूत व रसीदें प्राप्त कीं। छात्रों ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें जबरन तय शुल्क से ज्यादा पैसे देने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय प्रशासन की चेतावनी: दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

जांच अभियान पूरा करने के बाद विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू और प्रॉक्टर ने मीडिया और कॉलेज प्रबंधन को स्पष्ट शब्दों में चेताया:

रिपोर्ट सौंपी जाएगी वीसी को: अधिकारियों ने कहा कि वे इस पूरी जांच रिपोर्ट को तैयार कर तत्काल प्रभारी कुलपति को सौंपेंगे। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले कॉलेज कर्मियों या प्रबंधकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अतिरिक्त राशि वापस करने की मांग: छात्र संगठनों ने मांग की है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा छात्रों से लूटी गई अतिरिक्त राशि को तुरंत ब्याज सहित वापस किया जाए, अन्यथा विश्वविद्यालय स्तर पर एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

भागलपुर के बीएन कॉलेज में नामांकन के नाम पर 7 से 8 हजार रुपये तक की अवैध वसूली का यह मामला शिक्षा जगत में एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। प्रभारी कुलपति के निर्देश पर डीएसडब्ल्यू और प्रॉक्टर द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन भ्रष्टाचार और छात्रों के शोषण के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के मूड में है। इस जांच के नतीजों से यह तय होगा कि भविष्य में कॉलेजों में ऐसी मनमानी करने वालों पर किस प्रकार का शिकंजा कसा जाता है।