दालकोला चेकपोस्ट पर मद्य निषेध विभाग की बड़ी कार्रवाई: बंगाल सीमा से पूर्णिया लाई जा रही 22.680 लीटर अवैध विदेशी शराब और बियर जब्त; तस्करों में मचा हड़कंप
पूर्णिया (बिहार): बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए राज्य सरकार और मद्य निषेध विभाग (Prohibition Department) लगातार चौकस नजर आ रहा है। सीमावर्ती इलाकों और चेकपॉइंट्स पर वाहनों की सघन जांच के चलते तस्करों के मंसूबों पर लगातार पानी फेरा जा रहा है। ताजा मामला पूर्णिया जिले से सटे पश्चिम बंगाल सीमा के पास स्थित दालकोला चेकपोस्ट का है, जहाँ मद्य निषेध विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
गुप्त सूचना और नियमित वाहन जांच के दौरान विभाग की टीम ने दालकोला चेकपोस्ट पर एक संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की तलाशी ली, जिसके पास से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब और बियर बरामद की गई। जब्त की गई कुल शराब की मात्रा 22.680 लीटर बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद से शराब तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है। आइए जानते हैं दालकोला चेकपोस्ट पर हुई इस पूरी कार्रवाई, तस्करी के तरीकों, मद्य निषेध विभाग की मुस्तैदी और आगे की कानूनी प्रक्रियाओं का विस्तृत विवरण।
कार्रवाई की पृष्ठभूमि: दालकोला चेकपोस्ट क्यों है संवेदनशील?
बिहार और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित दालकोला चेकपोस्ट राज्य में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए एक अतिसंवेदनशील और महत्वपूर्ण जांच बिंदु माना जाता है।
सीमावर्ती तस्करी का मुख्य मार्ग: पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से सटे होने के कारण बंगाल के रास्ते बिहार में अवैध शराब की तस्करी करने की कोशिशें तस्करों द्वारा अक्सर की जाती हैं। यही वजह है कि मद्य निषेध विभाग और स्थानीय पुलिस इस चेकपोस्ट पर हमेशा हाई अलर्ट मोड पर रहती है।
इंटेलिजेंस इनपुट और त्वरित एक्शन: मद्य निषेध विभाग को खुफिया तंत्र से यह जानकारी मिली थी कि कुछ तस्कर पश्चिम बंगाल की तरफ से बड़े पैमाने पर शराब की खेप छिपाकर पूर्णिया या आसपास के जिलों में खपाने के लिए लाने वाले हैं। इसी इनपुट के आधार पर दालकोला चेकपोस्ट पर तैनात अधिकारियों ने वाहनों की चेकिंग का दायरा बेहद कड़ा कर दिया था।
जब्ती का विवरण: 22.680 लीटर अवैध शराब और बियर बरामद
जांच अभियान के दौरान जब एक संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई, तो उसमें से छिपाकर ले जाए जा रहे प्रतिबंधित सामान का खुलासा हुआ।
विदेशी शराब और बियर का जखीरा: मद्य निषेध विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस तलाशी अभियान में कुल 22.680 लीटर अवैध विदेशी शराब और बियर बरामद की गई है। तस्करों ने शराब की बोतलों और कैन को गाड़ी के विभिन्न हिस्सों में बेहद शातिर तरीके से छिपा रखा था ताकि सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचा जा सके।
वाहन और सामग्री ज़ब्त: विभाग ने अवैध शराब के साथ-साथ तस्करी में प्रयुक्त वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया है। बरामद शराब की बोतलों को सील कर दिया गया है और उत्पाद अधिनियम (Excise Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
शराब तस्करों की धरपकड़ और आगे की कानूनी कार्रवाई
दालकोला चेकपोस्ट पर हुई इस जब्ती के बाद मद्य निषेध विभाग तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे की तहकीकात में जुट गया है।
गिरफ्तारी और पूछताछ: इस कार्रवाई के दौरान विभाग ने मौके से संलिप्त तस्कर या वाहन चालक को हिरासत में ले लिया है। उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह शराब पश्चिम बंगाल में कहाँ से खरीदी गई थी और इसे पूर्णिया में किस सरगना तक पहुँचाया जाना था।
सिंडिकेट का खुलासा करने की कोशिश: उत्पाद विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तस्करी के पीछे सक्रिय अंतरराज्यीय सिंडिकेट (Interstate Syndicate) के अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है, ताकि उनके खिलाफ भी वारंट जारी कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
बिहार में शराबबंदी और मद्य निषेध विभाग की सख्ती
पूर्णिया और आसपास के जिलों में मद्य निषेध विभाग द्वारा लगातार चलाए जा रहे इस तरह के अभियानों से यह स्पष्ट होता है कि सरकार शराबबंदी कानून के पालन को लेकर कितनी गंभीर है।
चेकपॉइंट्स पर कड़ी निगरानी: दालकोला जैसे प्रमुख चेकपॉइंट्स पर आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती से तस्करों के नए-नए पैंतरे फेल साबित हो रहे हैं।
जनता का सहयोग: विभाग का मानना है कि आम नागरिकों द्वारा दी जाने वाली गुप्त सूचनाएं इस तरह की अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने में सबसे बड़ा हथियार साबित हो रही हैं।
पूर्णिया के दालकोला चेकपोस्ट पर मद्य निषेध विभाग द्वारा 22.680 लीटर अवैध विदेशी शराब और बियर की जब्ती यह दर्शाती है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध तस्करी के खिलाफ प्रशासनिक शिकंजा कितना कस चुका है। तस्करों की लाख कोशिशों के बावजूद विभाग की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। पकड़े गए तस्करों से पूछताछ और सख्त कानूनी कार्रवाई के जरिए इस अवैध कारोबार की जड़ों तक पहुँचने का प्रयास किया जा रहा है, जो बिहार में शराबबंदी को सफल बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।