महात्मा गांधी आगमन शताब्दी समारोह का भव्य आगाज; प्रख्यात चिंतक डॉ. पुरुषोत्तम अग्रवाल देंगे शताब्दी स्मारक व्याख्यान, ‘गांधी और किसान’ विषय पर होगी विशेष चर्चा
भागलपुर, कार्यालय संवाददाता: ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध सिल्क सिटी भागलपुर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आगमन के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक महात्मा गांधी आगमन शताब्दी समारोह का आयोजन किया जाने वाला है। इस राष्ट्रीय महत्व के गरिमामयी आयोजन को लेकर शहर के बुद्धिजीवियों, इतिहासकारों और गांधीवादी विचारकों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। शताब्दी समारोह का उद्घाटन सत्र अत्यंत भव्य होगा, जिसमें देश के जाने-माने वरिष्ठ लेखक, विचारक और इतिहासकार डॉ. पुरुषोत्तम अग्रवाल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहकर बहुप्रतीक्षित 'शताब्दी स्मारक व्याख्यान' देंगे। इसके साथ ही, इस आयोजन में 'गांधी और किसान' के आगत संदर्भों पर मंथन करने के लिए देश-विदेश से कई अन्य प्रतिष्ठित वक्ता भी शामिल होंगे।
क्या है महात्मा गांधी आगमन शताब्दी समारोह का उद्देश्य?
भागलपुर की धरती से महात्मा गांधी के गहरे ऐतिहासिक जुड़ाव को याद करते हुए इस शताब्दी समारोह की रूपरेखा तैयार की गई है:
इतिहास को वर्तमान से जोड़ना: आयोजकों का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी को महात्मा गांधी के विचारों, उनके द्वारा चलाए गए आंदोलनों और भागलपुर की यात्रा के ऐतिहासिक घटनाक्रम से अवगत कराना है। बापू के विचार आज के दौर में कितने प्रासंगिक हैं, इस पर बौद्धिक मंथन करना इस समारोह का मुख्य केंद्रबिंदु होगा।
शताब्दी स्मारक व्याख्यान का आकर्षण: उद्घाटन समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण प्रख्यात विद्वान डॉ. पुरुषोत्तम अग्रवाल का व्याख्यान होगा। वे अपने बौद्धिक संबोधन के माध्यम से गांधी जी के दर्शन, उनकी राजनीतिक दृष्टि और भारतीय समाज पर उनके गहरे प्रभावों का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।
'गांधी और किसान' विषय पर होगी विशेष वैचारिक सत्र
इस शताब्दी समारोह के दौरान आयोजित होने वाली संगोष्ठियों में 'गांधी और किसान' के रिश्ते पर विशेष जोर दिया जाएगा:
चंपारण से लेकर भागलपुर तक का किसान आंदोलन: जैसा कि सर्वविदित है कि महात्मा गांधी के आंदोलनों की धुरी हमेशा देश का किसान और मजदूर वर्ग रहा है। चंपारण सत्याग्रह से लेकर देश के अन्य हिस्सों में किसानों के अधिकारों के लिए बापू ने जो अलख जगाई थी, उसके वर्तमान परिप्रेक्ष्य में क्या मायने हैं, इस पर देश के प्रमुख वक्ता गहन चर्चा करेंगे।
अग्रणी वक्ताओं का समागम: 'गांधी और किसान' विषय पर अपनी बात रखने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से कृषि अर्थशास्त्री, गांधीवादी चिंतक और इतिहासकार भागलपुर पहुंच रहे हैं। वे किसानों की वर्तमान दशा, स्वामीनाथन आयोग की संस्तुतियों और गांधीवादी ग्राम स्वराज की अवधारणा के बीच के सेतु पर अपने विचार साझा करेंगे।
समारोह को लेकर शहर में उत्साह, तैयारियां जोरों पर
भागलपुर में आयोजित होने वाले इस शताब्दी समारोह को लेकर प्रशासनिक स्तर पर और स्थानीय साहित्यिक संस्थाओं द्वारा तैयारियां अंतिम चरण में हैं:
विभिन्न शिक्षण संस्थानों और बुद्धिजीवियों की भागीदारी: इस भव्य आयोजन में भागलपुर विश्वविद्यालय के छात्र-शोधार्थी, प्रोफेसर, साहित्यप्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भाग लेंगे। शहर के प्रमुख सभागार को भव्य रूप से सजाया जा रहा है।
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा: आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से नई पीढ़ी को इतिहास की वास्तविक सच्चाइयों से जुड़ने का अवसर मिलता है और वे गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वावलंबन के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित होते हैं।
भागलपुर में आयोजित होने जा रहा महात्मा गांधी आगमन शताब्दी समारोह केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि वैचारिक क्रांति का एक अनूठा संगम बनने जा रहा है। डॉ. पुरुषोत्तम अग्रवाल का शताब्दी स्मारक व्याख्यान और 'गांधी और किसान' जैसे महत्वपूर्ण विषय पर होने वाली परिचर्चा इस आयोजन को ऐतिहासिक आयाम देगी। यह समारोह भागलपुर की सांस्कृतिक और वैचारिक गरिमा में एक नया अध्याय जोड़ने का काम करेगा।