लोक जनशक्ति पार्टी (रा) ने मनाई रामविलास पासवान की 80वीं जयंती: दरभंगा में कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि, याद किए उनके संघर्ष के दिन
बिहार की राजनीति में 'मौसम वैज्ञानिक' के नाम से विख्यात, वंचितों की आवाज और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के संस्थापक, पद्म भूषण स्व. रामविलास पासवान की 80वीं जयंती रविवार को दरभंगा में अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर स्थानीय लोजपा (रामविलास) जिला कार्यालय में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के कई प्रमुख नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
यह आयोजन पार्टी के जिला अध्यक्ष देवेंद्र कुमार झा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्व. पासवान के जीवन दर्शन, उनके राजनीतिक संघर्षों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए किए गए उनके कार्यों को याद करना था।
पुष्पांजलि और भावपूर्ण स्मरण
कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी कार्यालय में स्व. रामविलास पासवान के तैलचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। जिला अध्यक्ष देवेंद्र कुमार झा सहित उपस्थित सभी नेताओं ने बारी-बारी से उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान पूरा माहौल स्व. रामविलास पासवान के जयकारों से गूंज उठा।
अपने संबोधन में जिला अध्यक्ष देवेंद्र कुमार झा ने कहा, "रामविलास पासवान केवल एक राजनेता नहीं थे, वे एक विचारधारा थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन दलितों, शोषितों और समाज के गरीब वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए बिताया। वे संसद में हों या सड़क पर, उनकी आवाज हमेशा गरीबों के हक के लिए बुलंद रही।"
रामविलास पासवान: संघर्ष से शिखर तक का सफर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्व. पासवान के राजनीतिक सफर के विभिन्न पड़ावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने याद किया कि किस तरह एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और राजनीतिक सूझबूझ के दम पर राष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बनाई।
गरीबों का मसीहा: उनके कार्यकाल के दौरान खाद्य सुरक्षा और जन वितरण प्रणाली में किए गए सुधारों को आज भी याद किया जाता है।
सामाजिक न्याय का चेहरा: बिना किसी बड़े पारिवारिक राजनीतिक बैकग्राउंड के, उन्होंने अपने दम पर देश में सामाजिक न्याय की मशाल जलाई।
सर्वस्वीकार्य नेता: उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वे हर विचारधारा के लोगों के साथ सम्मान के साथ संवाद करना जानते थे।
कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा और संकल्प
जयंती समारोह के दौरान उपस्थित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि स्व. रामविलास पासवान ने हमेशा युवाओं और कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में यह संकल्प लिया गया कि लोजपा (रामविलास) उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यकर्ताओं ने आने वाले समय में पार्टी को दरभंगा जिले में और अधिक मजबूत करने का प्रण लिया।
प्रमुख वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में जब राजनीति में वैचारिक मतभेद बढ़ रहे हैं, तब रामविलास जी की 'सबको साथ लेकर चलने' की नीति और भी प्रासंगिक हो गई है।
युवाओं में दिखा उत्साह
इस आयोजन में युवा कार्यकर्ताओं की भारी भागीदारी देखी गई। कई युवा नेताओं ने कहा कि वे रामविलास पासवान के कार्यों से प्रेरणा लेकर राजनीति में आए हैं। उन्होंने इस बात पर चर्चा की कि कैसे डिजिटल युग में पार्टी की नीतियों को आम जनमानस तक पहुँचाया जाए। देवेंद्र कुमार झा ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे संगठन की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के कार्यक्रमों को धरातल पर उतारना चाहिए।
सामाजिक सेवा का संकल्प
स्व. रामविलास पासवान की जयंती के उपलक्ष्य में कार्यकर्ताओं ने समाज सेवा के विभिन्न कार्यों का भी संकल्प लिया। दरभंगा के कई हिस्सों में गरीबों के बीच फल वितरण और सामुदायिक भोज का आयोजन भी किया गया, जो स्व. पासवान के गरीबों की सेवा करने वाले स्वभाव के अनुरूप था।
कार्यक्रम के समापन के अवसर पर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि रामविलास पासवान शारीरिक रूप से भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी विचारधारा और उनके द्वारा दिखाए गए रास्ते हर उस कार्यकर्ता के दिल में जीवित हैं जो समाज के लिए कुछ करना चाहता है।