विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में लाइटिंग और भव्य तोरण द्वार बने आकर्षण का केंद्र; सुलतानगंज से लेकर कांवरिया पथ तक अलौकिक सजावट से जगमग हुई अजगैबीनाथ नगरी

भागलपुर, विशेष संवाददाता: पवित्र मास सावन के पावन अवसर पर शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर सिल्क सिटी भागलपुर और ऐतिहासिक नगरी सुलतानगंज (अजगैबीनाथ धाम) पूरी तरह सजकर तैयार हो चुकी है। मेला क्षेत्र में जिला प्रशासन और नगर परिषद द्वारा की गई व्यापक तैयारियों के बीच इस बार की आकर्षक साज-सज्जा देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों के लिए मुख्य केंद्र बनी हुई है। सुलतानगंज के नमामि गंगे घाट से लेकर अजगैबीनाथ मंदिर और मुख्य कांवरिया पथ तक बनाए गए लाइटिंग तोरण द्वार, भव्य प्रवेश द्वार और अत्याधुनिक विद्युत सज्जा पूरे क्षेत्र को अलौकिक रूप प्रदान कर रहे हैं। शाम ढलते ही रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठने वाले ये लाइटिंग गेट और सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का विषय बने हुए हैं।

संध्या ढलते ही जगमगा उठता है मेला क्षेत्र, अद्भुत छटा बिखेरते लाइटिंग तोरण द्वार

श्रावणी मेले के दौरान उत्तरवाहिनी गंगा तट से जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर प्रस्थान करने वाले कांवरियों के मार्ग को अत्यंत भव्य रूप दिया गया है।

आकर्षक लाइटिंग गेट: नगर परिषद और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर भव्य लाइटिंग तोरण द्वार स्थापित किए गए हैं। जैसे ही शाम ढलती है और इन तोरण द्वारों पर लगी रंग-बिरंगी एलईडी लाइटें जगमगाती हैं, पूरा वातावरण किसी उत्सव सा प्रतीत होने लगता है।

शिव थीम आधारित सजावट: विद्युत पोलों पर तिरंगा एलईडी लाइट्स के साथ-साथ भगवान शिव के प्रतीक डमरू और त्रिशूल के आकर्षक एलईडी डिस्प्ले लगाए गए हैं, जो रात के समय सुलतानगंज की सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं।

डमरू थीम और थ्री-डी पेंटिंग से सजाया गया क्षेत्र

मेला क्षेत्र की भव्यता को बढ़ाने के लिए इस बार पारंपरिक सजावट के साथ-साथ आधुनिक कला का भी अनूठा संगम देखने को मिल रहा है:

विशाल डमरू थीम द्वार: कच्चे कांवरिया पथ पर राधा स्वामी सत्संग ब्यास के समीप एक विशाल और भव्य डमरू थीम वाला प्रवेश द्वार बनाया गया है, जिसके निर्माण में बाहर से आए कारीगर जुटे हुए हैं। इस द्वार की विशेषता यह है कि यहां से गुजरने वाले श्रद्धालुओं को विशेष शिव धुन सुनाई देती है।

कृष्णानंद स्टेडियम और दीवारें: मुख्यमंत्री के आगमन और उद्घाटन कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए कृष्णानंद स्टेडियम की विशेष साज-सज्जा की गई है। स्टेडियम की सीढ़ियों की रंगाई-पुताई और दीवारों पर श्रावणी मेले से जुड़ी थ्री-डी पेंटिंग (3D Paintings) उकेरी गई हैं, जो कांवरियों और पर्यटकों का मन मोह रही हैं।

छह भाषाओं में सूचना और उन्नत नियंत्रण कक्ष

सजावट के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर आगंतुकों की सुविधा के लिए भी हाई-टेक व्यवस्थाएं की गई हैं:

बहुभाषी घोषणाएं: देश के विभिन्न राज्यों (बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और नेपाल) से आने वाले शिवभक्तों की सुगमता के लिए इस बार छह भाषाओं (हिंदी, नेपाली, बंगाली, भोजपुरी, अंगिका और मैथिली) में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के जरिए सूचनाएं प्रसारित करने की व्यवस्था की गई है।

कंट्रोल रूम की निगरानी: आदर्श मध्य विद्यालय परिसर में केंद्रीय कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से लगभग 105 लाउडस्पीकरों के माध्यम से कांवरियों को रूट, स्वास्थ्य शिविरों, पेयजल और सुरक्षा से जुड़े निर्देश लगातार दिए जा रहे हैं।

सुलतानगंज में श्रावणी मेले के अवसर पर बनाए गए लाइटिंग तोरण द्वार, कलात्मक प्रवेश द्वार और शानदार विद्युत सज्जा ने इस बार के आयोजन को बेहद खास बना दिया है। एक तरफ जहां उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर 'बोल बम' के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज रहा है, वहीं दूसरी तरफ दूधिया और रंग-बिरंगी रोशनी से नहाए मार्ग इस धार्मिक यात्रा को और भी अधिक दिव्य, भव्य और यादगार बना रहे हैं।