भू-अर्जन पदाधिकारी का वेतन रुका, 24 घंटे में मांगा जवाब
भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले में दो अत्यंत महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं—विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय और ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट—के क्रियान्वयन में हो रही प्रशासनिक देरी ने जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इन मेगा प्रोजेक्ट्स को लेकर जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडेय ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है । परियोजनाओं के लिए मुख्यालय को समय पर प्रस्ताव भेजने में लापरवाही बरतने के मामले में डीएम ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (DLAO) के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनका वेतन स्थगित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय और ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण भागलपुर के विकास के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। इन दोनों परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता में है। हालांकि, हालिया समीक्षा में यह पाया गया कि इन प्रोजेक्ट्स से संबंधित प्रस्तावों को उच्च मुख्यालय तक भेजने में अनावश्यक देरी हो रही है।
इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (DLAO) राकेश कुमार को फटकार लगाई है। डीएम ने स्पष्ट किया है कि जनहित और विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।
डीएम की सख्ती: वेतन पर रोक और स्पष्टीकरण
जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने प्रशासनिक अनुशासन का उदाहरण पेश करते हुए निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:
वेतन स्थगित: संतोषजनक जवाब न मिलने तक जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
24 घंटे की डेडलाइन: डीएम ने डीएलएओ से 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर इन महत्वपूर्ण फाइलों को आगे बढ़ाने में देरी क्यों हुई।
विभागीय कार्रवाई की चेतावनी: यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी ।
क्यों अहम हैं ये दोनों मेगा प्रोजेक्ट्स?
भागलपुर के चहुंमुखी विकास के लिए ये दोनों परियोजनाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं :
विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय: कहलगांव के निकट प्रस्तावित इस विश्वविद्यालय से क्षेत्र को एक वैश्विक शैक्षणिक पहचान मिलेगी । वर्षों से लंबित इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास किया जा रहा है ।
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट: जिले में सुल्तानगंज या गोराडीह ब्लॉक में प्रस्तावित इस एयरपोर्ट से हवाई कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी। यह परियोजना न केवल व्यापारिक दृष्टि से बल्कि यात्री परिवहन के लिए भी गेम-चेंजर साबित होगी ।
प्रशासनिक महकमे में हलचल
डीएम की इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी ने अन्य अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विभागों में चल रही विकासात्मक योजनाओं की अद्यतन स्थिति (Status Report) की नियमित समीक्षा करें । डीएम का स्पष्ट संदेश है कि विकास कार्यों में बाधा डालने वाले या फाइलों को लटकाने वाले अधिकारियों को दंडित किया जाएगा।
भागलपुर की नई जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने जिस प्रकार से इन मेगा प्रोजेक्ट्स को लेकर सक्रियता दिखाई है, उससे विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जगी है। अब सभी की निगाहें डीएलएओ के स्पष्टीकरण और उस पर डीएम के अगले कदम पर टिकी हैं। यह कार्रवाई यह संदेश देने के लिए पर्याप्त है कि भागलपुर में अब 'काम में देरी' को 'अपराध' माना जाएगा।