जाह्नवी चौक स्थित सीमेंट गोदाम में ट्रक से बोरी उतारने के दौरान करंट की चपेट में आया मजदूर सकलदेव यादव, हालत गंभीर; अस्पताल में इलाज जारी

नवगछिया (संवाद सूत्र): बिहार के भागलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक बार फिर भारी पड़ती नजर आई है। नवगछिया के व्यस्त और प्रमुख व्यावसायिक केंद्र जाह्नवी चौक स्थित एक सीमेंट गोदाम में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब काम के दौरान एक गरीब मजदूर भीषण हादसे का शिकार हो गया। ट्रक से सीमेंट की बोरियां उतारने के वक्त अचानक मशीन में उतरे हाई-वोल्टेज करंट की चपेट में आने से मजदूर सकलदेव यादव गंभीर रूप से झुलस गए। इस अचानक हुई दुर्घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथी मजदूरों और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से किसी तरह पीड़ित को गोदाम से बाहर निकालकर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

कैसे हुआ हादसा? काम के दौरान आई आफत

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा लापरवाही और सुरक्षा उपकरणों के अभाव का परिणाम है:

ट्रक से सीमेंट की बोरियां उतारने का चल रहा था काम: घायल मजदूर सकलदेव यादव रोज की तरह गुरुवार को भी जाह्नवी चौक स्थित संबंधित सीमेंट गोदाम में मजदूरी करने पहुंचा था। गोदाम पर सीमेंट से लदा एक ट्रक आया था, जिससे बोरियों को उतारने का कार्य चल रहा था।

मशीन में अचानक दौड़ा करंट: सीमेंट की बोरियों को तेजी से उतारने के लिए गोदाम परिसर में एक इलेक्ट्रिक मशीन (कन्वेयर बेल्ट या लिफ्टिंग मशीन) का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक मशीन में शॉर्ट सर्किट हो गया और उसके लोहे के हिस्सों में तेज करंट उतर आया।

चपेट में आया मजदूर: सकलदेव यादव जैसे ही मशीन के संपर्क में आए, वे उस घातक करंट की चपेट में चिपक गए। जब तक वे कुछ समझ पाते और मशीन का स्विच बंद किया जाता, तब तक वे गंभीर रूप से झुलस चुके थे और अहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।

गोदाम परिसर में मचा हड़कंप, लोगों में आक्रोश

घटना के तुरंत बाद सीमेंट गोदाम परिसर और आसपास के इलाकों में कोहराम मच गया:

साथी मजदूरों की तत्परता: हादसे के बाद वहां काम कर रहे अन्य मजदूरों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए मेन स्विच ऑफ किया और लकड़ी या सूखे बांस की मदद से सकलदेव को मशीन से अलग किया।

अस्पताल में भर्ती: बिना समय गंवाए स्थानीय लोगों और साथी मजदूरों की मदद से गंभीर रूप से घायल सकलदेव यादव को तुरंत नवगछिया अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर (भागलपुर) रेफर कर दिया है, जहां उनका इलाज जारी है।

सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवाल: गोदाम मालिकों की लापरवाही

इस दुर्घटना के बाद स्थानीय मजदूरों, व्यापारिक संगठनों और आम नागरिकों में गोदाम संचालकों के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है:

सुरक्षा उपकरणों का अभाव: मजदूरों का आरोप है कि गोदामों में काम करने वाले गरीबों की सुरक्षा के लिए किसी भी तरह के मानक पूरे नहीं किए जाते हैं। न तो मजदूरों को बिजली के काम के दौरान इंसुलेटेड दस्ताने दिए जाते हैं और न ही मशीनों की नियमित तकनीकी जांच (Maintenance) कराई जाती है।

श्रम कानूनों की अनदेखी: बिना किसी सुरक्षा कवच के मजदूरों से खतरनाक माहौल में काम कराया जाना आम बात हो गई है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले की गहन जांच करे और घायल मजदूर के इलाज का पूरा खर्च गोदाम मालिक द्वारा उठाया जाए।

प्रशासनिक संज्ञान और कानूनी कार्रवाई की मांग

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी है:

पुलिस जांच जारी: नवगछिया थाना की पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायल मजदूर और उसके परिजनों का हालचाल जाना तथा घटना स्थल का जायजा लिया। पुलिस का कहना है कि परिजनों की शिकायत या आवेदन के आधार पर आगे की विधिवत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुआवजे की मांग: सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के हादसों को रोकने के लिए सभी गोदामों और फैक्ट्रियों में औचक निरीक्षण किया जाए तथा पीड़ित मजदूर को सरकारी स्तर पर उचित मुआवजा और सहायता प्रदान की जाए।

नवगछिया के जाह्नवी चौक स्थित सीमेंट गोदाम में हुई यह दुर्घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि व्यावसायिक मुनाफे के चक्कर में किस तरह गरीब मजदूरों की जान दांव पर लगाई जा रही है। मशीन में करंट उतरने से गंभीर रूप से घायल हुए सकलदेव यादव की यह घटना प्रशासन और गोदाम मालिकों दोनों के लिए एक चेतावनी है। जरूरत इस बात की है कि श्रम विभाग और स्थानीय प्रशासन कड़े कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य मजदूर को अपनी रोजी-रोटी कमाने की कीमत इस तरह अपनी जान या स्वास्थ्य को जोखिम में डालकर न चुकानी पड़े।