गया जंक्शन पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई: चार चोरी के महंगे मोबाइल फोन के साथ दो शातिर गिरफ्तार, एक नाबालिग को किया गया निरुद्ध; बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत 80 हजार रुपये
भारतीय रेलवे के व्यस्त और महत्वपूर्ण स्टेशनों में शुमार गया जंक्शन (Gaya Junction) पर यात्रियों की सुरक्षा और उनके सामान की हिफाजत को लेकर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। यात्रियों के मोबाइलों पर हाथ साफ करने वाले चोर गिरोह के खिलाफ चलाए गए विशेष संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस ने चार चोरी के एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
इस सनसनीखेज कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने मौके से दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक (नाबालिग) को भी पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है। पुलिस द्वारा बरामद किए गए इन चारों मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत बाजार मूल्य के अनुसार लगभग 80 हजार रुपये आंकी गई है। यात्रियों में लगातार बढ़ रही मोबाइल चोरी की वारकदातों पर लगाम लगाने की दिशा में यह कार्रवाई एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
क्या है पूरा मामला? (गया जंक्शन पर कैसे रची गई थी धरपकड़ की योजना)
त्योहारों और सामान्य दिनों में भी गया जंक्शन पर यात्रियों की भारी भीड़ का फायदा उठाने के लिए कई आपराधिक तत्व सक्रिय रहते हैं, जो मौका मिलते ही यात्रियों की जेब या बैग से मोबाइल उड़ा लेते हैं।
संयुक्त टीम का गठन: यात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ और जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार एक विशेष संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इस टीम को प्लेटफॉर्मों, फुट ओवरब्रिज और ट्रेनों के आने-जाने के रास्तों पर सादे लिबास में तैनात किया गया था।
संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर: रविवार के दिन जब संयुक्त टीम प्लेटफॉर्म संख्या और सर्कुलेटिंग एरिया की निगरानी कर रही थी, तब कुछ युवकों की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। पुलिस बल ने जब उनसे पूछताछ करने की कोशिश की, तो वे घबराकर वहाँ से भागने लगे।
घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी: सतर्क सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए प्लेटफॉर्म के छोर पर ही तीनों संदिग्धों को घेर लिया और उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से अलग-अलग कंपनियों के चार महंगे एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनके संबंध में वे संतोषजनक कागजात या जवाब नहीं दे सके।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और पूछताछ में खुलासे
पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने गया जंक्शन और आसपास के ट्रेनों में चोरी की कई वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है।
गिरफ्तार शातिरों का विवरण: पुलिस ने पकड़े गए दोनों बालिग आरोपियों और एक नाबालिग को सुरक्षित अभिरक्षा में थाने लाया। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह खासकर चलती ट्रेनों में चढ़ने-उतरने के दौरान या भीड़भाड़ वाले कोचों में सो रहे यात्रियों को अपना निशाना बनाता था।
चोरी के मोबाइलों की खपपाने की फिराक में थे: आरोपी इन चोरी किए गए मोबाइलों को सस्ते दामों में बाहर के बाजारों या नशेड़ियों को बेचने की फिराक में थे, इससे पहले ही वे कानून के शिकंजे में फंस गए।
नाबालिग को किशोर न्यायालय भेजने की प्रक्रिया: पकड़े गए नाबालिग को बाल कल्याण अधिनियम के प्रावधानों के तहत बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि दोनों मुख्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की तैयारी चल रही है।
रेलवे सुरक्षाबलों की मुस्तैदी और यात्रियों के लिए विशेष अपील
गया जंक्शन पर लगातार हो रही इस तरह की कार्रवाइयों से यात्रियों में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है, वहीं रेलवे प्रशासन ने भी यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है।
सीसीटीवी कैमरों की पैनी नजर: गया जंक्शन के चप्पे-चप्पे पर आधुनिक हाई-डिफ़िनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाती है। चोरों और उच्चकों की हरकतों पर तकनीक के जरिए भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
यात्रियों के लिए सलाह: जीआरपी और आरपीएफ अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेन यात्रा के दौरान या प्लेटफॉर्म पर अपने कीमती सामान और मोबाइलों को लेकर अत्यधिक सतर्क रहें। सफर के दौरान खिड़की के पास मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिसकर्मी को दें।
गया जंक्शन पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम द्वारा चार चोरी के मोबाइल फोन बरामद करते हुए दो आरोपियों की गिरफ्तारी और एक नाबालिग को निरुद्ध किया जाना पुलिस की सक्रिय कार्यशैली का प्रमाण है। 80 हजार रुपये मूल्य के इन मोबाइलों के बरामद होने से न केवल अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं, बल्कि आम यात्रियों का रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा भी और अधिक मजबूत हुआ है। पुलिस का यह अभियान आगे भी इसी