बिहार के कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश, भोजपुर-बक्सर से लेकर भागलपुर-पूरणिया तक बरसेंगे बादल; जानें आज का मौसम अपडेट
पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पिछले कुछ समय से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। कहीं हल्की बारिश हो रही है तो कहीं गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ रही हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार, 9 अगस्त को भी बिहार के कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। खास तौर पर दक्षिणी और पूर्वी बिहार के कई हिस्सों में मौसम करवट ले सकता है।
मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भोजपुर, बक्सर, बांका, जमुई, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और सहरसा में बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में भी बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं।
मौसम पूर्वानुमान में बिहार के लिए बारिश के साथ गरज-चमक और कुछ स्थानों पर तेज हवाओं की संभावना भी बताई गई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बिहार में जारी रहेगा बारिश का दौर
रविवार को बिहार के कई इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। मौसम में बदलाव का असर तापमान पर भी दिखाई देगा। बारिश होने वाले क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में कुछ गिरावट महसूस की जा सकती है, जबकि बारिश के बाद उमस से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, बारिश पूरे राज्य में एक जैसी नहीं होगी। कुछ जिलों में कुछ समय के लिए तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि अन्य स्थानों पर मौसम केवल बादलयुक्त रह सकता है। मौसम की यह स्थिति मानसूनी गतिविधियों की वजह से बनी हुई है।
ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक बिहार में अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसका मतलब है कि 9 अगस्त के बाद भी लोगों को पूरी तरह बारिश से राहत मिलने की उम्मीद कम है। आने वाले दिनों में भी कई जगहों पर हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है।
भोजपुर और बक्सर में बारिश के आसार
दक्षिण-पश्चिम बिहार के भोजपुर और बक्सर जिलों में रविवार को बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में पिछले दिनों भी मौसम में बदलाव देखने को मिला है।
बारिश होने से तापमान में राहत मिल सकती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर खेती और स्थानीय आवागमन पर भी पड़ सकता है। खेतों में पर्याप्त नमी होने से खरीफ फसलों को फायदा मिल सकता है। हालांकि लगातार बारिश होने पर जलजमाव और निचले इलाकों में पानी जमा होने जैसी समस्या भी पैदा हो सकती है।
बक्सर और भोजपुर के ग्रामीण इलाकों में किसानों के लिए मौसम का यह बदलाव महत्वपूर्ण है। धान सहित खरीफ की अन्य फसलों के लिए मानसून की बारिश बेहद जरूरी होती है। वहीं अत्यधिक बारिश होने की स्थिति में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है।
बांका, जमुई और मुंगेर में भी बरस सकते हैं बादल
दक्षिण और दक्षिण-पूर्व बिहार के बांका, जमुई और मुंगेर जिलों में भी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में मौसम के बदलते मिजाज का असर आम जनजीवन पर पड़ सकता है।
बारिश के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है। कच्ची सड़कों और निचले इलाकों में पानी जमा होने की समस्या भी सामने आ सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
अगर गरज-चमक के साथ बारिश होती है तो खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी होगा। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है।
भागलपुर और आसपास के इलाकों में भी मौसम बदलेगा
भागलपुर में भी बारिश की संभावना जताई गई है। गंगा के आसपास के क्षेत्रों और निचले इलाकों में बारिश के कारण जलजमाव की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
बारिश से तापमान में राहत मिलने की संभावना है, लेकिन बादलों के बीच उमस भी बनी रह सकती है। लगातार बारिश होने की स्थिति में शहर के कुछ हिस्सों में जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
भागलपुर के ग्रामीण इलाकों में खेती के लिहाज से बारिश महत्वपूर्ण है। मानसून के दौरान होने वाली नियमित वर्षा धान की खेती के लिए काफी उपयोगी मानी जाती है।
सीमांचल में भी बारिश का अनुमान
उत्तर-पूर्वी बिहार के कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा और सहरसा जैसे जिलों में भी बारिश के आसार हैं। सीमांचल और कोसी क्षेत्र में मानसून की सक्रियता का असर स्थानीय मौसम पर साफ दिखाई दे सकता है।
इन इलाकों में बारिश के साथ बादल और तेज हवा का दौर भी देखने को मिल सकता है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।
खासकर उन क्षेत्रों में जहां पहले से जलजमाव या बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, वहां अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होगा। लगातार बारिश होने पर छोटी नदियों, नालों और जलस्रोतों के जलस्तर में भी बदलाव हो सकता है।
खगड़िया और सहरसा में भी सतर्क रहने की जरूरत
खगड़िया और सहरसा में भी बारिश की संभावना है। दोनों जिले मानसून के दौरान बाढ़ और जलजमाव की समस्या को लेकर संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में बारिश के पूर्वानुमान को प्रशासन और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अगर आने वाले दिनों में लगातार बारिश होती है तो नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर भी असर पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन को निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर निगरानी बनाए रखने की आवश्यकता होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को विशेष रूप से सावधानी बरतनी होगी। बारिश के दौरान नदी, तालाब या अन्य जलस्रोतों के आसपास जाने से बचना बेहतर होगा।
पटना समेत अन्य जिलों में भी बादल छाए रहने की संभावना
राजधानी पटना समेत बिहार के अन्य जिलों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। कई इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं और स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है।
मौसम की ऐसी स्थिति में दिन के तापमान में बहुत अधिक बढ़ोतरी नहीं होने की संभावना रहती है। बारिश होने के बाद वातावरण कुछ ठंडा हो सकता है, हालांकि उमस की वजह से लोगों को परेशानी भी हो सकती है।
राजधानी में यदि बारिश तेज होती है तो सड़कों पर यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में पानी जमा होने की समस्या सामने आ सकती है। इसलिए रविवार को घर से निकलने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
अगले कई दिनों तक बारिश से पूरी तरह राहत नहीं
ताजा मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक बिहार में 9 अगस्त के बाद भी बारिश की संभावना बनी हुई है। राज्य में सोमवार से लेकर अगले कुछ दिनों तक भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं।
इससे साफ है कि मानसून की गतिविधियां अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुई हैं। हालांकि बारिश की तीव्रता और क्षेत्र अलग-अलग हो सकते हैं। किसी जिले में तेज बारिश हो सकती है तो कुछ किलोमीटर दूर दूसरे क्षेत्र में केवल बादल छाए रह सकते हैं।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी होने वाले अलर्ट पर नजर रखना इसलिए जरूरी है।
किसानों के लिए बारिश राहत भी और चुनौती भी
बिहार की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। ऐसे में मानसून की बारिश किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। नियमित बारिश से धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को फायदा मिल सकता है।
लेकिन अत्यधिक बारिश खेती के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकती है। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसलों की जड़ें प्रभावित हो सकती हैं। निचले इलाकों में फसल डूबने का खतरा भी बढ़ सकता है।
इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के आधार पर खेती से जुड़े काम करने की सलाह दी जाती है।
बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
मौसम खराब होने के दौरान लोगों को कुछ सामान्य सावधानियां बरतनी चाहिए। गरज-चमक के समय खुले मैदान में खड़े होने से बचना चाहिए। पेड़ के नीचे शरण लेने के बजाय सुरक्षित पक्के स्थान पर जाना बेहतर है।
बिजली गिरने की आशंका के दौरान बिजली के उपकरणों और खुले तारों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। बारिश के दौरान तेज बहाव वाली सड़कों या जलभराव वाले रास्तों से वाहन निकालने से बचना चाहिए।
नदी, तालाब और अन्य जलस्रोतों के आसपास जाने से भी बचना चाहिए, खासकर तब जब बारिश लगातार हो रही हो।
बिहार में मानसून को लेकर अभी क्या तस्वीर?
कुल मिलाकर 9 अगस्त को बिहार में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। भोजपुर, बक्सर, बांका, जमुई, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और सहरसा समेत कई जिलों में बारिश हो सकती है। राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ वर्षा की संभावना भी बनी हुई है।
ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों में भी बिहार में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसलिए आम लोगों, किसानों और वाहन चालकों को मौसम पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। खासकर उन जिलों में जहां पहले से जलजमाव या बाढ़ का खतरा है, वहां प्रशासन के निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा।
बिहार में मानसून अभी सक्रिय है और आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज इसी तरह बदलता रह सकता है। ऐसे में लोगों के लिए जरूरी है कि वे स्थानीय मौसम अलर्ट को गंभीरता से लें और तेज बारिश, आंधी या बिजली चमकने के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।