दरभंगा के लहेरियासराय में प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर रोड़ेबाजी मामले में बड़ी कार्रवाई: 18 युवक गिरफ्तार, 15 नाबालिग बाल सुधार गृह भेजे गए, अन्य उपद्रवियों की तलाश तेज

दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले के लहेरियासराय थाना क्षेत्र अंतर्गत लोहिया चौक पर गत 23 जुलाई को एक प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक झड़प और पुलिस पर रोड़ेबाजी के मामले में जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस गंभीर घटना पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक 18 उपद्रवी युवकों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस मामले में संलिप्त पाए गए 15 नाबालिगों को विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से शहर के असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है, वहीं पुलिस वीडियो फुटेज और तस्वीरों के आधार पर अन्य फरार पत्थरबाजों की धरपकड़ के लिए लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।

घटना की पृष्ठभूमि: कैसे भड़की थी हिंसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 23 जुलाई को विभिन्न मुद्दों और प्रदर्शन के दौरान कर्पूरी चौक से प्रदर्शनकारियों का एक जत्था निकला था। यह जुलूस लहेरियासराय टावर होते हुए समाहरणालय के पास पहुँचा और उसके बाद वापस लहेरियासराय टावर के रास्ते लोहिया चौक की ओर बढ़ा।

अचानक शुरू हुई रोड़ेबाजी: जैसे ही यह प्रदर्शनकारी समूह लहेरियासराय थाना क्षेत्र के लोहिया चौक के पास पहुँचा, भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक पुलिस बल पर पथराव (रोड़ेबाजी) शुरू कर दिया।

पुलिस का बल प्रयोग: इस अचानक हुए हमले से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस ने संयम बरतने के बाद हल्का बल प्रयोग किया और उपद्रवियों को खदेड़ कर स्थिति को नियंत्रित किया।

नामजद प्राथमिकी और व्यापक कानूनी कार्रवाई

इस हिंसक घटना के बाद जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई। सुरक्षा बलों पर हमले और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में पुलिस ने तुरंत सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

दर्जनों लोगों पर नामजद और अज्ञात केस: इस मामले में दरभंगा की उप महापौर नाजिया हसन सहित 52 नामजद लोगों और लगभग 500 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

तस्वीरें और वीडियो फुटेज से पहचान: पुलिस उपद्रव के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो फुटेज और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है। रोड़ेबाजी में शामिल संदिग्धों की पहचान कर उनकी तस्वीरें भी सार्वजनिक की गई हैं ताकि उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।

गिरफ्तारियां और बाल सुधार गृह भेजे गए नाबालिग

प्रशासन द्वारा की गई ताबड़तोड़ छापामारी के परिणामस्वरूप पुलिस को शुरुआती बड़ी सफलताएँ हाथ लगी हैं।

18 युवक गिरफ्तार: पुलिस ने अब तक कुल 18 युवकों को दबोच लिया है, जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

15 नाबालिगों पर एक्शन: इस पूरी हिंसा और पत्थरबाजी में कई नाबालिग लड़के भी शामिल पाए गए थे। पुलिस ने बाल कानून का पालन करते हुए ऐसे 15 नाबालिगों को चिन्हित किया और उन्हें आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत बाल सुधार गृह भेज दिया है।

प्रशासन की अपील और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था

घटना के बाद से ही लहेरियासराय और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की पुनः अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

प्रशासन की चेतावनी: जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास उपद्रवियों से जुड़ी कोई पुख्ता जानकारी या तस्वीरें हैं, तो वे पुलिस के साथ साझा करें ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।

लहेरियासराय थाना क्षेत्र में हुई रोड़ेबाजी की यह घटना इस बात का स्पष्ट संदेश देती है कि प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालने और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों के खिलाफ सरकार और पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। 18 गिरफ्तारियों और 15 नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजे जाने की इस कार्रवाई से यह तय है कि पुलिस अन्य फरार आरोपियों को भी जल्द ही दबोच लेगी।