इलाज के दौरान घायल महिला की दर्दनाक मौत, कटिहार के कोढ़ा थाना क्षेत्र के पीरगंज की थी रहने वाली; अस्पताल से लेकर मायके तक मचा कोहराम
बिहार के पूर्णिया जिले से पारिवारिक कलह और घरेलू हिंसा का एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाला मामला सामने आ रहा है। प्राप्त विवरण के अनुसार, पारिवारिक विवाद के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई एक महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान कटिहार जिले के कोढ़ा थाना अंतर्गत पीरगंज की रहने वाली महिला के रूप में हुई है। इस अकाल और संदिग्ध मौत के बाद से मृतका के परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पारिवारिक तकरार के कारण हुई इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि घरेलू हिंसा किस प्रकार हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ कर रख देती है।
क्या था पूरा मामला और कैसे भड़का पारिवारिक विवाद?
विस्तृत जानकारी के अनुसार, मृतका का अपने परिवार के भीतर किसी बात को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार विवाद चल रहा था। शुरुआती रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि पारिवारिक कलh और घरेलू तनाव इतना बढ़ गया कि वह मारपीट और हिंसक झड़प में तब्दील हो गया।
विवाद के दौरान महिला को गंभीर चोटें आईं। अचानक हुई इस हिंसा से घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों या स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला को तुरंत इलाज के लिए पूर्णिया या नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज शुरू हुआ। शुरुआत में उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी और डॉक्टर उसे बचाने का लगातार प्रयास कर रहे थे।
इलाज के दौरान अस्पताल में तोड़ा दम
गंभीर रूप से घायल महिला ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के अनुसार, शरीर के अंदरूनी अंगों पर लगी गंभीर चोटों और अत्यधिक शारीरिक प्रताड़ना या रक्तस्राव के कारण उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तमाम मेडिकल प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। अस्पताल के बेड पर महिला की मौत की खबर मिलते ही उसके साथ आए परिजनों और रिश्तेदारों की चीख-पुकार से पूरा अस्पताल परिसर गमगीन हो गया।
मायके और ससुराल पक्ष में मचा कोहराम, पुलिस कार्रवाई शुरू
घटना की सूचना जैसे ही कटिहार के कोढ़ा थाना क्षेत्र स्थित पीरगंज में मृतका के मायके वालों तक पहुँची, वहाँ कोहराम मच गया। परिजन फौरन पूर्णिया के अस्पताल पहुँचे। मायके वालों ने ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पारिवारिक विवाद के नाम पर उनकी बेटी के साथ प्रताड़ना की गई और उसे मौत के मुंह में धकेल दिया गया।
पुलिस का एक्शन: घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया सदर अस्पताल भेज दिया।
जांच का दायरा: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों (हत्या या आत्महत्या या गंभीर चोट) का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। पुलिस ने मृतका के परिजनों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
घरेलू हिंसा और पारिवारिक कलह पर एक गंभीर सबक
यह हृदयविदारक घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। आपसी मतभेद और पारिवारिक विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने के बजाय जब हिंसा का रूप दिया जाता है, तो उसका परिणाम कितना भयानक हो सकता है, यह इस घटना से साफ झलकता है। एक तरफ जहां एक महिला की असमय मौत हो गई, वहीं दूसरी तरफ कई बच्चों और परिवारों का भविष्य अधर में लटक गया है। प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर ऐसे घरेलू विवादों के प्रति जागरूक होने और समय रहते काउंसलिंग या कानूनी मदद लेने की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।