क्रीड़ा सचिव कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक, खेल कैलेंडर और खिलाड़ियों-कोचों के मानदेय पर हुआ मंथन

भागलपुर (संवाद सूत्र): उच्च शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद के क्षेत्र में भी रेशम नगरी भागलपुर को एक नई पहचान दिलाने की दिशा में तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) प्रशासन ने अब गंभीर प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को TMBU के क्रीड़ा सचिव कार्यालय में विश्वविद्यालय के खेलकूद के समग्र विकास को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता खेल अधिकारियों और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से की। बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी खेल सत्रों की रूपरेखा तैयार करना, खेल कैलेंडर (Sports Calendar) की समीक्षा करना तथा खिलाड़ियों और कोचों के मानदेय व सुविधाओं को बेहतर बनाना रहा।

खेल कैलेंडर 2025-26 की समीक्षा और 2027 के दृष्टिकोण पर चर्चा

बैठक के दौरान सबसे पहले पिछले और वर्तमान सत्र के खेल आयोजनों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया:

समीक्षा के बिंदु: वर्ष 2025-26 के खेल कैलेंडर के तहत आयोजित की गई अंतर-कॉलेज प्रतियोगिताओं, इंटर-यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट्स और विभिन्न खेल स्पर्धाओं की सफलताओं और कमियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

भविष्य की योजना (2026-27): आगामी सत्र 2026-27 के खेल कैलेंडर को लेकर कई नए प्रस्ताव पास किए गए। इसमें स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक प्रतियोगिताओं का आयोजन करने, राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं में विश्वविद्यालय की टीमों की भागीदारी सुनिश्चित करने और खेल प्रशिक्षण शिविरों (Sports Training Camps) की अवधि बढ़ाने पर सहमति बनी।

खिलाड़ियों और कोचों के मानदेय व सुविधाओं पर विशेष जोर

खेल और खिलाड़ियों के विकास में सबसे बड़ी बाधा आर्थिक प्रोत्साहन और सही मार्गदर्शन की कमी मानी जाती है, जिसे दूर करने के लिए बैठक में ठोस कदम उठाए गए:

मानदेय में संशोधन का प्रस्ताव: बैठक में भाग ले रहे खेल विशेषज्ञों और पदाधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई कि लंबे समय से खेल प्रशिक्षण देने वाले कोचों और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को मिलने वाला भत्ता और मानदेय बेहद कम है। इसे बढ़ाने के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे जल्द ही सिंडिकेट की बैठक में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन: विश्वविद्यालय स्तर पर मेधावी और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को विशेष छात्रवृत्ति, किट भत्ता और यात्रा खर्च उपलब्ध कराने पर भी मुहर लगाई गई, ताकि आर्थिक तंगी किसी भी प्रतिभावान खिलाड़ी के आड़े न आए।

बुनियादी ढांचे का विकास और खेल मैदानों का कायाकल्प

खेल गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए खेल मैदानों की स्थिति सुधारना सबसे पहली प्राथमिकता है:

सैंडिस कंपाउंड और कॉलेज मैदानों का आधुनिकीकरण: बैठक में चर्चा हुई कि TMBU के अंतर्गत आने वाले विभिन्न अंगीभूत कॉलेजों के खेल मैदानों की बदहाल स्थिति को सुधारा जाए। मैदानों की घास की कटाई, पिचों का रख-रखाव और जिम उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित प्राचार्यों को निर्देश दिए जाएंगे।

खेल सामग्रियों की खरीद: विश्वविद्यालय के खेल विभाग द्वारा सभी कॉलेजों को आधुनिक खेल सामग्री (जैसे क्रिकेट किट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स उपकरण आदि) समय पर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।

खेल जगत और छात्र संघों में उम्मीद की किरण

विश्वविद्यालय के इस कदम से भागलपुर के छात्र-छात्राओं और खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है:

युवाओं की प्रतिक्रिया: खेलप्रेमियों का मानना है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन इसी तत्परता से काम करता रहा, तो आने वाले दिनों में TMBU के छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर भागलपुर का नाम रोशन करेंगे।

अनुशासन और नियमित अभ्यास: बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी कॉलेजों में नियमित रूप से खेल अभ्यास कराए जाएं और प्रत्येक वर्ष खेल उत्सव (Sports Meet) का आयोजन अनिवार्य रूप से हो।

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के क्रीड़ा सचिव कार्यालय में हुई यह उच्चस्तरीय बैठक इस बात का प्रमाण है कि अब शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद को भी बराबर का महत्व दिया जा रहा है। खेल कैलेंडर की समीक्षा, 2026-27 की नई योजनाओं और कोचों-खिलाड़ियों के मानदेय बढ़ाने की दिशा में उठाए गए कदम यदि धरातल पर उतरे, तो यह भागलपुर के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय साबित होगा। विश्वविद्यालय का यह प्रयास न केवल खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा प्रदान करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।