तारापुर के शिशुआ गांव में मर्माहत कर देने वाली घटना: पानी लाने गए 70 वर्षीय बुजुर्ग किसान विवेकानंद मिश्रा की अचानक हार्ट अटैक से मौत, परिवार में मचा कोहराम और शोक की लहर
तारापुर (मुंगेर): बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर अनुमंडल क्षेत्र से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। तारापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शिशुआ गांव में शुक्रवार की सुबह एक सामान्य सी घरेलू दिनचर्या उस वक्त एक भीषण त्रासदी में बदल गई, जब 70 वर्षीय बुजुर्ग किसान विवेकानंद मिश्रा की अचानक दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने से दर्दनाक मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग किसान सुबह के समय घर के कामकाज के सिलसिले में पानी लाने के लिए गए हुए थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वे अचानक जमीन पर अचेत होकर गिर पड़े। घटना को देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग और ग्रामीण तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़े, लेकिन जब तक उन्हें अस्पताल ले जाने या संभालने का प्रयास किया जाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उनकी सांसे थम चुकी थीं। इस आकस्मिक निधन से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। आइए जानते हैं इस दर्दनाक घटना का पूरा और विस्तृत विवरण।
कैसे घटी यह हृदयविदारक घटना? सुबह-सुबह उठी मातम की आंधी
शिशुआ गांव निवासी विवेकानंद मिश्रा (70 वर्ष) अपने परिवार के एक सम्मानित और मिलनसार बुजुर्ग थे। उनकी उम्र भले ही ढल चुकी थी, लेकिन वे अपने दैनिक जीवन के छोटे-मोटे काम खुद करने में सक्रिय थे।
पानी लाने के दौरान बिगड़ी तबीयत: शुक्रवार की सुबह हर दिन की तरह सामान्य रूप से शुरू हुई थी। बुजुर्ग विवेकानंद मिश्रा घर की जरूरत के लिए पानी लाने के वास्ते बाहर गए हुए थे। अचानक उन्हें सीने में तेज बेचैनी या दर्द महसूस हुआ होगा, जिसके बाद उनका संतुलन बिगड़ गया।
अचानक जमीन पर गिरे और थम गई सांसें: चश्मदीदों के अनुसार, पानी लाने के क्रम में वे अचानक लड़खड़ाकर नीचे गिर पड़े। जमीन पर गिरने के बाद वे उठ नहीं पाए। जब तक आसपास के लोग और राहगीर दौड़कर उनके पास पहुंचे, तब तक वे पूरी तरह अचेत हो चुके थे।
स्थानीय लोगों की दौड़-भाग और डॉक्टरों की पुष्टि
घटनास्थल पर अचानक भीड़ जमा हो गई। बुजुर्ग की इस हालत को देखकर परिवार और गांव के लोग सहम गए।
अस्पताल ले जाने का प्रयास विफल: ग्रामीणों ने बिना देर किए उन्हें तुरंत उठाने का प्रयास किया और किसी अनहोनी की आशंका से कांपते हुए उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक के पास ले जाने की तैयारी करने लगे। हालांकि, शरीर में कोई हरकत न होने पर जब डॉक्टरों से संपर्क किया गया या प्राथमिक जांच की गई, तो उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी है।
हार्ट अटैक (दिल का दौरा) बना मौत की वजह: चिकित्सकों और परिजनों के मुताबिक, वृद्ध किसान की मौत का कारण अचानक आया गंभीर हार्ट अटैक (मायोकार्डियल इंफार्क्शन) था। बढ़ती उम्र और अचानक आए इस कार्डियक अरेस्ट के कारण उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
परिवार में छाया दुखों का पहाड़, गांव में शोक की लहर
विवेकानंद मिश्रा के अचानक इस तरह दुनिया से चले जाने से उनके पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: घर के मुखिया और बुजुर्ग के इस प्रकार अचानक निधन से पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में सुबह उठकर हंसी-खुशी का माहौल होना चाहिए था, वहां अब चीख-पुकार और आंसुओं का समंदर उमड़ पड़ा है।
पूरे शिशुआ गांव में मातम: मृतक किसान अपने मिलनसार स्वभाव के कारण पूरे गांव में लोकप्रिय थे। उनकी इस आकस्मिक मौत की खबर जैसे ही पूरे शिशुआ गांव में फैली, शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोग उनके घर पहुंचकर शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।
तारापुर के शिशुआ गांव में 70 वर्षीय किसान विवेकानंद मिश्रा की पानी लाने के दौरान हार्ट अटैक से हुई यह अचानक मौत जीवन की अनिश्चितता और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर एक गंभीर संदेश देती है। इस दुखद घड़ी में पूरा गांव और समाज पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। भगवान दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे और शोकाकुल परिजनों को इस वज्राघात को सहने की शक्ति प्रदान करे।