नाथनगर के लालूचक में दिल दहला देने वाली घटना; तीन साल के मासूम की हत्या कर प्लास्टिक की बोरी में बांधकर नदी किनारे फेंका, दो गिरफ्तार

भागलपुर, कार्यालय संवाददाता: बिहार के भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत लालूचक इलाके में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक अत्यंत वीभत्स घटना सामने आई है। यहां अपराधियों ने महज तीन साल के एक मासूम बच्चे की निर्मम हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने की नीयत से उसके शव को प्लास्टिक की बोरी (सीमेंट बोरी) से बनाई गई चटाई में बांधकर नदी किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। इस दुस्साहसिक घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस अमानवीय घटना ने डेढ़ हफ्ते पहले हुई एक अन्य मासूम की हत्या की यादें ताजा कर दी हैं, जिससे क्षेत्र के अभिभावकों और आम नागरिकों में भारी दहशत और गुस्सा देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला? कैसे हुआ वारदात का खुलासा?

पुलिस से मिली जानकारी और परिजनों के बयानों के अनुसार, यह पूरी घटना बीती रात की है जब मासूम अपने घर में सो रहा था:

घर की छत से गायब हुआ मासूम: मृतक बच्चे की पहचान पंकज मंडल के तीन वर्षीय पुत्र दिव्यांशु कुमार के रूप में हुई है। बच्चे के पिता पंकज मंडल ने बताया कि वे लोग अपने परिवार के साथ दो मंजिले मकान पर सो रहे थे। देर रात जब परिजनों की आंख खुली, तो उन्होंने देखा कि दिव्यांशु बिस्तर से गायब है।

परिजनों की बेचैनी और तलाश: अचानक बच्चे के गायब होने से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई, और पुलिस भी मौके पर पहुंचकर बच्चे की खोजबीन में जुट गई।

नदी किनारे झाड़ियों में मिला शव: सुबह करीब पांच बजे जब मृतक बच्चे के चचेरे दादा प्रकाश मंडल शौच के लिए नदी किनारे गए, तो उनकी नजर झाड़ियों के पास पड़ी। वहां एक प्लास्टिक की सीमेंट बोरी और चटाई में लिपटा हुआ एक शव देखा गया। जब पास जाकर देखा गया तो वह गायब मासूम दिव्यांशु का शव था। मासूम के शरीर पर बेरहमी के निशान थे, जिससे साफ जाहिर होता था कि हत्या बेहद क्रूरता से की गई थी।

हत्या के बाद आरोपितों की घिनौनी करतूत और चश्मदीद की गवाही

इस खौफनाक वारदात के खुलासे के बाद चश्मदीद गवाहों ने जो बयां किया, उससे सुनने वालों की रूह कांप उठी:

हाथ-पैर और कमर तोड़ दिए गए: परिजनों के मुताबिक, हत्यारों ने मासूम बच्चे के साथ घिनौना कृत्य करते हुए उसका हाथ, पैर और कमर तोड़ दिया था। उसकी बेरहमी से पिटाई कर मौत के घाट उतारा गया था।

चश्मदीद ने देखा भागते हुए: बच्चे के चचेरे दादा प्रकाश मंडल ने बताया कि जब वे सुबह नदी की ओर जा रहे थे, तो उन्होंने उसी रास्ते से एक संदिग्ध आरोपी सुभाष मंडल को भागते हुए देखा था। उसके पैर और कपड़ों में काफी कीचड़ लगा हुआ था, जो उस वक्त किसी की समझ में नहीं आया, लेकिन शव मिलने के बाद मामला पूरी तरह साफ हो गया।

आरोपी के घर की निकली बोरी: जब ग्रामीण और परिजन आरोपी सुभाष मंडल के घर पहुंचे और वहां रखी गई वस्तुएं देखीं, तो मृत बच्चे के शरीर पर लिपटी चटाई और बोरी देखकर आरोपी की पत्नी भी रोने लगी और उसने स्वीकार किया कि यह चटाई उन्हीं के घर की है।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम और पुलिसिया कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमकर विरोध प्रदर्शन किया:

सड़क पर शव रखकर आगजनी और जाम: पुलिस जब बच्चे के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी, तो आक्रोशित घरवालों और स्थानीय ग्रामीणों ने उसका विरोध किया। नरगा महाशय ड्योढ़ी मुख्य मार्ग पर परिजन बच्चे के शव को लेकर सड़क पर बैठ गए। लोगों ने बांस-बल्ला लगाकर और टायरों में आग जलाकर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और उच्चस्तरीय जांच की मांग करने लगे।

पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ से शांत हुआ मामला: घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर डीएसपी-2 राकेश कुमार और नाथनगर इंस्पेक्टर अभय शंकर भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने FSL (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) की टीम को बुलाकर मौके से साक्ष्य संकलित करवाए। डीएसपी ने उग्र लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष व त्वरित कार्रवाई का पूरा भरोसा दिया, जिसके बाद जाम हटाया जा सका।

प्राथमिकी दर्ज, दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

इस मामले में मृतक बच्चे के पिता पंकज मंडल के बयान के आधार पर पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया है:

चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी: पीड़ित पिता ने चार लोगों—सुभाष मंडल, पांचो मंडल की पत्नी सुलेखा देवी, भूलो मंडल और मुन्नी देवी के खिलाफ नाथनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

दो की गिरफ्तारी: नगर डीएसपी-2 राकेश कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों में से सुलेखा देवी और भूलो मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी सुभाष मंडल और अन्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मायागंज अस्पताल भेज दिया है।

नाथनगर के लालूचक में तीन साल के मासूम बच्चे की इस प्रकार की जघन्य हत्या ने पूरे भागलपुर शहर को झकझोर कर रख दिया है। कुछ ही दिनों के भीतर बच्चों को निशाना बनाए जाने की इस तरह की घटनाओं ने प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया है, लेकिन आम जनता की मांग है कि सभी दोषियों को जल्द से जल्द सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी खौफनाक वारदातों की पुनरावृत्ति न हो सके।