सिकंदरपुर में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 200 ग्रामीणों ने लिया स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
भागलपुर/सिकंदरपुर: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने और जन-जन तक बेहतर इलाज पहुँचाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, एनटीपीसी के 'जीवन ज्योति अस्पताल' ने एक सराहनीय कदम उठाया है। सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) योजना के अंतर्गत, अस्पताल ने आरसी-2, सिकंदरपुर में एक दिवसीय निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में आसपास के गांवों से आए 200 से अधिक लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई और अनुभवी चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया।
शिविर का उद्देश्य: अंतिम पायदान तक पहुंचे स्वास्थ्य सुविधाएं
एनटीपीसी जीवन ज्योति अस्पताल का यह प्रयास इस सोच पर आधारित है कि स्वास्थ्य सेवा केवल बड़े शहरों और अस्पतालों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले जरूरतमंदों को भी इसका लाभ मिले। सिकंदरपुर के आरसी-2 क्षेत्र में आयोजित इस शिविर के माध्यम से कंपनी ने स्थानीय निवासियों के बीच जागरूकता फैलाने और समय रहते बीमारियों की पहचान करने का एक मंच प्रदान किया।
शिविर की मुख्य विशेषताएं और सेवाएं
शिविर की शुरुआत सुबह के समय हुई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, विशेषकर महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हुए। चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम ने मरीजों की जांच के दौरान निम्नलिखित सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया:
व्यापक स्वास्थ्य जांच: चिकित्सकों ने मरीजों के रक्तचाप (Blood Pressure), मधुमेह (Diabetes), और शरीर के अन्य सामान्य मापदंडों की जांच की।
विशेषज्ञ परामर्श: शिविर में मौजूद डॉक्टरों ने सर्दी-जुकाम, त्वचा संबंधी समस्याओं, मौसमी बुखार और हड्डियों में दर्द जैसी आम बीमारियों के साथ-साथ अन्य जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के लिए मरीजों को उचित सलाह दी।
दवाइयों का वितरण: परामर्श के बाद मरीजों को मौके पर ही आवश्यक और जीवन रक्षक दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराई गईं।
जागरूकता सत्र: स्वास्थ्य जांच के अलावा, डॉक्टरों ने ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के महत्व, पोषणयुक्त आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता और मौसमी बीमारियों से बचाव के तरीके भी बताए।
मरीजों में उत्साह और प्रशासन की सराहना
शिविर में उपस्थित ग्रामीण रामेश्वर मंडल ने कहा, "अक्सर छोटे-मोटे इलाज के लिए हमें दूर शहर तक जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। एनटीपीसी की इस पहल से हमारे घर के पास ही विशेषज्ञ डॉक्टर मिल गए, यह हमारे लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।"
शिविर की सफलता को देखकर अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि एनटीपीसी हमेशा से ही अपने आसपास के समुदायों के विकास के लिए समर्पित रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सीएसआर के तहत किया जा रहा यह कार्य आने वाले समय में भी जारी रहेगा।
चिकित्सकों की टीम की भूमिका
जीवन ज्योति अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने इस शिविर में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने स्वीकार किया कि ग्रामीण इलाकों में लोगों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है, लेकिन सही समय पर परामर्श न मिल पाने के कारण कई छोटी बीमारियां बड़ी हो जाती हैं। शिविर के दौरान उन्होंने मरीजों की न केवल जांच की, बल्कि उन्हें भविष्य में अपनी सेहत का ध्यान रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
सीएसआर: बदलाव का एक माध्यम
एनटीपीसी की सीएसआर नीति केवल परियोजनाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि एक स्वस्थ समाज ही विकास की नींव रखता है। इसलिए, समय-समय पर इस तरह के शिविर आयोजित कर अस्पताल समाज के गरीब और वंचित वर्ग तक अपनी पहुँच सुनिश्चित कर रहा है।
सिकंदरपुर में आयोजित इस शिविर की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो ग्रामीण भारत को स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी हद तक आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। एनटीपीसी जीवन ज्योति अस्पताल द्वारा उठाए गए इस कदम ने न केवल 200 लोगों को राहत दी, बल्कि समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी का भी निर्वहन किया है।
आने वाले दिनों में एनटीपीसी ने ऐसे ही अन्य क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य शिविर लगाने की योजना बनाई है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे। यह शिविर ग्रामीण विकास और लोक कल्याण की दिशा में एक सशक्त कदम है, जिसकी स्थानीय स्तर पर खूब सराहना हो रही है।