धरहरा में बारिश का कहर: गिरजापुर गांव में मूसलाधार बारिश से ढह गया एक गरीब का आशियाना; ग्रामीणों की मदद से बची जान, प्रशासन से मुआवजे की गुहार; वहीं हेमजापुर में चोरी के मामले में दो शातिर गिरफ्तार
धरहरा (मुंगेर): बिहार के मुंगेर जिले के अंतर्गत आने वाले धरहरा और उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रकृति की मार और आपराधिक घटनाओं के दो अलग-अलग मामले प्रकाश में आए हैं। एक तरफ जहां भारी बारिश ने ग्रामीण इलाकों में तबाही मचा रखी है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध पर नकेल कसी है। मंगलवार की रात से शुरू हुई मूसलाधार और लगातार बारिश के कारण धरहरा प्रखंड के गिरजापुर गांव (Girijapur Village) में एक आशियाना पूरी तरह धराशायी हो गया। घर गिरने की इस अचानक हुई घटना से पीड़ित परिवार के सिर से छत छिन गई और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि समय रहते ग्रामीणों की सक्रियता से बड़ा जानी नुकसान टल गया, हालांकि गृहस्वामी को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। वहीं दूसरी ओर, इसी क्षेत्र के हेमजापुर (Hemjapur) इलाके में हुई चोरी की एक घटना का उद्भेदन करते हुए पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
भाग-1: गिरजापुर गांव में बारिश का तांडव, ढह गया घर
धरहरा अंचल और ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मंगलवार की पूरी रात हुई झमाझम बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
अचानक ढह गया कच्चा-पक्का मकान: गिरजापुर गांव में रहने वाले एक गरीब ग्रामीण का घर लगातार हो रही बारिश को झेल नहीं पाया। मंगलवार की रात जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तो अचानक मकान की दीवारें और छत भरभरा कर नीचे ढह गईं। मलबे के ढेर में तब्दील हुए इस घर को देखकर परिवार के होश उड़ गए।
ग्रामीणों की देवदूत जैसी मदद: घटना के तुरंत बाद जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े चले आए। ग्रामीणों ने बिना एक पल गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया और मलबे के नीचे दबे परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत यह रही कि इस दर्दनाक हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन घर के अंदर रखा राशन, कपड़े, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गया।
प्रशासन से राहत और मुआवजे की मांग: इस आपदा से बेघर हुए पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय ग्रामीणों और मुखिया ने जिला प्रशासन तथा अंचल कार्यालय से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल प्रभाव से सरकारी सहायता, राहत सामग्री और इंदिरा आवास योजना या आपदा प्रबंधन के तहत आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए ताकि वे सिर छुपाने के लिए दोबारा अपने घर का निर्माण कर सकें।
भाग-2: हेमजापुर में चोरी के मामले का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
एक तरफ जहां धरहरा के गिरजापुर में कुदरत का कहर देखने को मिला, वहीं दूसरी तरफ हेमजापुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
चोरी की घटना के बाद पुलिस की दबिश: हेमजापुर क्षेत्र में हाल ही में हुई चोरी की एक बड़ी वारदात के बाद स्थानीय पुलिस लगातार अपराधियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही थी। चोरों ने आम नागरिकों के घरों और दुकानों को निशाना बनाकर कीमती सामानों पर हाथ साफ किया था, जिससे इलाके के व्यापारियों और आम लोगों में असुरक्षा का माहौल था।
दो शातिर चोर गिरफ्तार: गुप्त सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर कार्रवाई करते हुए हेमजापुर पुलिस ने चोरी के इस मामले में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी का कुछ सामान और जेवरात भी बरामद करने का दावा किया है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच: गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे और उन्होंने चोरी का बाकी सामान कहां छिपा रखा है। पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
धरहरा और हेमजापुर क्षेत्र से सामने आई ये दोनों घटनाएं ग्रामीण जीवन के दो अलग-अलग पहलुओं को उजागर करती हैं। एक तरफ जहां प्राकृतिक आपदाओं (मूसलाधार बारिश) के कारण गरीबों को बेघर होना पड़ रहा है और प्रशासन की त्वरित मदद की दरकार है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से आपराधिक तत्वों पर शिकंजा कस रहा है। आवश्यकता इस बात की है कि प्रशासन बरसात के इस मौसम में आपदा पीड़ितों को तुरंत राहत पहुंचाए और साथ ही क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए गश्त को और अधिक तेज करे।