छठ महापर्व पर प्रवासियों को बड़ी राहत भागलपुर और दिल्ली के बीच जल्द शुरू होगी हाई-टेक एसी बस सेवा, सीमांचल और कोसी क्षेत्र को भी मिलेगा सीधा लाभ

भागलपुर/विशेष संवाददाता: लोक आस्था का महान पर्व 'छ छठ' और दीपावली जैसे महापर्वों के दौरान अपने घर आने-जाने वाले प्रवासियों के लिए एक बेहद राहतभरी और खुशखबरी सामने आ रही है। बिहार के सिल्क सिटी भागलपुर से देश की राजधानी दिल्ली के बीच यात्रियों की भारी भीड़ और आवागमन की समस्या को हमेशा के लिए दूर करने के वास्ते एक नई अत्याधुनिक एसी बस सेवा शुरू करने की पुख्ता योजना बनाई जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परिवहन परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल भागलपुर, बल्कि पूर्णिया, सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लाखों यात्रियों को भी सीधा और सुगम लाभ मिलेगा। रूट निर्धारण और परमिट की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि त्योहारों के सीजन से ठीक पहले इसे हरी झंडी दिखाई जा सके।

क्यों पड़ी भागलपुर-दिल्ली रूट पर नई एसी बस सेवा की जरूरत?

हर साल दीपावली और छठ पूजा के समय बिहार आने वाले प्रवासियों के लिए ट्रेन में रिजर्वेशन पाना किसी जंग जीतने से कम नहीं होता है। ट्रेनों में महीनों पहले लंबी वेटिंग लिस्ट हो जाती है, और विमान का किराया आम आदमी की पहुंच से बहुत दूर हो जाता है।

ट्रेनों की भारी किल्लत: भागलपुर, साहिबगंज और जमालपुर रूट पर चलने वाली चुनिंदा एक्सप्रेस और राजधानी ट्रेनों में सीट के लिए हाहाकार मच जाता है। मजबूरन यात्रियों को जोखिम भरी यात्रा करनी पड़ती है।

निजी बसों की मनमानी: त्योहारों के इस पीक सीजन में निजी बस संचालक यात्रियों से कई गुना अधिक मनमाना किराया वसूलते हैं। ऐसे में सरकारी स्तर पर या निगम के माध्यम से चलने वाली एसी बस सेवा यात्रियों के लिए एक भरोसेमंद, सुरक्षित और किफायती विकल्प साबित होगी।

सीमांचल और कोसी क्षेत्र के यात्रियों को भी मिलेगा सीधा फायदा

इस नई बस सेवा की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसका दायरा केवल भागलपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका विस्तार पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज (सीमांचल क्षेत्र) तथा सहरसा, सुपौल, मधेपुरा (कोसी क्षेत्र) तक के यात्रियों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

कनेक्टिविटी का विस्तार: इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र, युवा और कामकाजी लोग दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम जैसे महानगरों में रहते हैं।

एक ही छत के नीचे सुविधा: इन जिलों के यात्रियों को दिल्ली जाने के लिए अब अलग-अलग जगहों पर भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि वे अपने नजदीकी प्रमुख हब से इस एसी बस सेवा का लाभ उठा सकेंगे।

रूट निर्धारण, स्टॉपेज और आधुनिक बस की विशेषताएं

परिवहन विभाग और संबंधित निगम के अधिकारियों द्वारा वर्तमान में इस पूरी यात्रा के रूट चार्ट (Route Chart) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। योजना के अनुसार, यह बस सेवा आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी:

हाई-टेक स्लीपर और सेमी-स्लीपर कोच: लंबी दूरी (लगभग 1200 से 1300 किलोमीटर) के इस सफर को आरामदायक बनाने के लिए प्रीमियम एसी स्लीपर और सीटर बसें चलाई जाएंगी।

सुरक्षा और जीपीएस ट्रैकिंग: यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी बसों में लाइव जीपीएस ट्रैकिंग,पैनिक बटन और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि नियंत्रण कक्ष से पूरी यात्रा की निगरानी की जा सके।

प्रमुख शहरों में स्टॉपेज: यात्रियों की सुविधा के लिए इस रूट में उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख जंक्शनों व शहरों (जैसे पूर्णिया, भागलपुर, बांका, मुंगेर, पटना, वाराणसी, कानपुर आदि) पर निर्धारित ठहराव (Stoppage) बनाए जाएंगे।

त्योहारों से पहले सेवा शुरू करने की प्रशासनिक तैयारी

परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार, आगामी छठ पूजा और त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए इस योजना पर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। दोनों राज्यों के बीच आपसी समन्वय और परमिट संबंधी औपचारिकताओं को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

इस बस सेवा के शुरू होने से न केवल त्योहारों के समय होने वाली भगदड़ से निजात मिलेगी, बल्कि भागलपुर, सीमांचल और कोसी के विकास में भी एक नया अध्याय जुड़ेगा। आम नागरिकों और प्रवासियों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है।