सुल्तानगंज की महेशी ग्राम पंचायत में ‘पंचायत विकास दिवस’ और ‘पंचायत कार्य दिवस’ का भव्य आयोजन; जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने किया औचक निरीक्षण, पेयजल और जीपीडीपी 2026-27 पर रहा विशेष फोकस
भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के सुल्तानगंज प्रखंड अंतर्गत आने वाली ऐतिहासिक महेशी ग्राम पंचायत में रविवार को पंचायती राज विभाग के निर्देशानुसार ‘पंचायत विकास दिवस’ एवं ‘पंचायत कार्य दिवस’ का अत्यंत सफल और व्यापक आयोजन किया गया। इस विशेष जन-कल्याणकारी कार्यक्रम की महत्ता को देखते हुए भागलपुर की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडेय स्वयं महेशी ग्राम पंचायत स्थित पंचायत भवन पहुँचीं और वहां आयोजित ‘पंचायत कार्य दिवस’ की गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया। डीएम के औचक निरीक्षण और सीधी संवाद शैली से स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासनिक महकमे में भारी उत्साह व सक्रियता देखने को मिली। इस दौरान नल-जल योजना, आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर खुलकर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय की मौजूदगी से बढ़ी कार्यक्रम की गंभीरता
रविवार को निर्धारित रोस्टर के अनुसार महेशी पंचायत भवन में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में पंचायत कार्य दिवस की कार्यवाही चल रही थी, तभी जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने वहां पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जनता से सीधा संवाद: डीएम ने कार्यक्रम में उपस्थित पंचायतवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ‘पंचायत कार्य दिवस’ का आयोजन किया जाना चाहिए ताकि शासन और प्रशासन की योजनाएं सीधे धरातल पर उतर सकें।
समस्याएं खुलकर रखने की अपील: उन्होंने ग्रामीणों का आह्वान किया कि वे अपनी समस्याओं और जरूरतों को बिना किसी झिझक के खुलकर सामने रखें, ताकि प्रशासन उनका समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित कर सके।
पेयजल समस्या और 30 दिनों के भीतर समाधान की सख्त चेतावनी
इस पंचायत विकास दिवस का मुख्य केंद्रीय विषय ‘पेयजल समस्या’ रखा गया था, जिस पर विस्तार से मंथन किया गया।
पीएचईडी (PHED) से समन्वय: जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनके वार्ड या टोले में पेयजल अथवा नल-जल योजना से जुड़ी कोई भी समस्या है, तो वे तुरंत उसे उठाएं। इस पर तत्काल लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) से समन्वय स्थापित कर जलापूर्ति को दुरुस्त कराया जाएगा।
सहयोग शिविर और अधिकारियों की जवाबदेही: डीएम ने कड़े शब्दों में अधिकारियों को चेताया कि पंचायतों में लगाए जाने वाले सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण 30 दिनों के भीतर निश्चित तौर पर हो जाना चाहिए। यदि कोई अधिकारी या कर्मी अपने दायित्वों के निर्वहन में असमर्थ रहता है, तो उसके खिलाफ राज्य सरकार के स्तर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जीपीडीपी (GPDP) 2026-27 और 16वें वित्त आयोग की योजनाओं पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान आगामी विकास रणनीतियों और वित्तीय प्रावधानों को लेकर ग्राम सभा में महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए:
ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP 2026-27): वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना की अंतिम ग्राम सभा आयोजित की गई, जिसमें 16वें वित्त आयोग (16th Finance Commission) से मिलने वाली राशि के तहत गांवों में होने वाले विकास कार्यों की रूपरेखा तय की गई। सड़क निर्माण, नाली-गली पक्कीकरण और स्वच्छता से जुड़े प्रस्तावों पर आम सहमति बनाई गई।
राशन कार्ड के नए आवेदन: बैठक के दौरान राशन कार्ड से वंचित पात्र और गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर योजना से जोड़ने के लिए चर्चा हुई। डीएम ने निर्देश दिए कि जो लोग अभी तक राशन कार्ड के लाभ से अछूते हैं, वे तुरंत अपने आवेदन जमा करें ताकि सही और जरूरतमंद लाभुकों के नाम सूची में जोड़े जा सकें।
स्कूल, आंगनबाड़ी और 'टीबी मुक्त भारत' अभियान की समीक्षा
विकास कार्यों के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष जोर दिया गया:
शिक्षा और बाल विकास: जिलाधिकारी ने पंचायत क्षेत्र के सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। बच्चों की उपस्थिति, पोषाहार वितरण और पठन-पाठन के स्तर को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
टीबी मुक्त भारत अभियान: केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दी गई। स्वास्थ्य विभाग के जरिए लोगों को इस बीमारी के लक्षणों, मुफ्त जांच और इलाज के प्रति जागरूक किया गया।
प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति
महेशी ग्राम पंचायत में आयोजित इस उच्चस्तरीय पंचायत विकास दिवस के अवसर पर स्थानीय पंचायत की मुखिया रीता देवी के साथ-साथ सुल्तानगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (BPRO), एमओ (MO) समेत विभिन्न विभागों के कई प्रमुख अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने मिलकर पंचायत के सर्वांगीण विकास में अपना पूरा योगदान देने का संकल्प लिया।
सुल्तानगंज की महेशी ग्राम पंचायत में आयोजित यह ‘पंचायत विकास दिवस’ और जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय द्वारा किया गया इसका औचक निरीक्षण इस बात का प्रमाण है कि अब प्रशासन जमीनी स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर पूरी तरह गंभीर है। पेयजल संकट के समाधान, जीपीडीपी 2026-27 की रूपरेखा, राशन कार्ड और स्वास्थ्य योजनाओं पर हुई इस व्यापक चर्चा से महेशी पंचायत के ग्रामीणों में विकास की एक नई उम्मीद जगी है। इस प्रकार के जमीनी आयोजनों से ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूती मिलती है और आम जनता का शासन प्रणाली पर विश्वास और अधिक प्रगाढ़ होता है।