मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार से पूर्व भव्य महाश्रृंगार: उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, गूंजा 'हर-हर महादेव' का जयघोष

मुजफ्फरपुर (बिहार):

पवित्र श्रावण मास (सावन) की शुरुआत के साथ ही पूरा देश भगवान शिव की भक्ति में सराबोर नजर आ रहा है। उत्तर भारत के प्रसिद्ध और बिहार के देवघर के रूप में विख्यात मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक बाबा गरीबनाथ मंदिर में इन दिनों आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ रहा है। श्रावण मास के दूसरे सोमवार से ठीक एक दिन पहले, शनिवार की दोपहर को बाबा गरीबनाथ का अत्यंत भव्य और अलौकिक महाश्रृंगार किया गया।

बाबा के इस मनमोहक और दिव्य स्वरूप के दर्शन करने के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शनिवार का दिन और उस पर सावन के दूसरे सोमवार की पूर्व संध्या पर हुए इस विशेष श्रृंगार ने पूरे मुजफ्फरपुर शहर को पूरी तरह से शिवमय बना दिया है। आइए जानते हैं बाबा गरीबनाथ धाम में आयोजित इस भव्य महाश्रृंगार, श्रद्धालुओं की आस्था और सावन के दूसरे सोमवार को लेकर की गई तैयारियों का विस्तृत विवरण।

 सावन के दूसरे सोमवार की पूर्व संध्या: शनिवार दोपहर का अलौकिक नजारा

सावन का महीना सनातन संस्कृति में देवाधिदेव महादेव की आराधना के लिए सबसे उत्तम और पवित्र माना जाता है। ऐसे में सोमवार के दिन का विशेष महत्व होता है। दूसरे सोमवार के ठीक एक दिन पहले शनिवार की दोपहर को जब मंदिर के पुजारियों ने बाबा गरीबनाथ का विशेष महाश्रृंगार शुरू किया, तो पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।

विशेष फूलों और आभूषणों से सजा दरबार: बाबा गरीबनाथ का यह महाश्रृंगार पारंपरिक और आधुनिक शैली का अनूठा संगम था। देश के विभिन्न हिस्सों से मंगाए गए रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों जैसे गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा, और बैजयंती के अलावा विशेष पुष्प मालाओं से बाबा के दरबार को सजाया गया।

दिव्य स्वरूप के दर्शन: शनिवार दोपहर को जैसे ही बाबा गरीबनाथ का श्रृंगार पूरा हुआ और उनके अलौकिक व दिव्य रूप के पट खोले गए, दर्शन के लिए खड़े भक्त भाव-विभोर हो गए। कतारों में खड़े श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के नारे लगाए, जिससे पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।

 श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़ और भक्तों का उत्साह

श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर जलाभिषेक करने के लिए बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में कांवरिया और शिवभक्त मुजफ्फरपुर पहुंच रहे हैं।

कतारों में लगे श्रद्धालु: शनिवार दोपहर महाश्रृंगार की सूचना मिलते ही मंदिर परिसर और मुख्य मार्ग पर श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए ताकि वे बाबा के इस दुर्लभ और मनमोहक श्रृंगार के दर्शन अपनी आंखों में बसा सकें।

कांवरियों का सैलाब: सुल्तानगंज और अन्य घाटों से पवित्र गंगाजल लेकर चले कांवरियों के जत्थे शनिवार को ही मुजफ्फरपुर पहुंच चुके हैं। भगवा वस्त्र धारण किए शिवभक्तों के 'बोल बम' के नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो रहा है। जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति के अनुमान के मुताबिक, दूसरे सोमवार को पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के बाबा गरीबनाथ का जलाभिषेक करने की संभावना है।

 मंदिर परिसर की भव्य सजावट और विद्युत सज्जा

सावन के महीने को देखते हुए बाबा गरीबनाथ धाम को दुल्हन की तरह सजाया गया है।

रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाता धाम: मंदिर प्रशासन द्वारा पूरे परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा (LED Lights & Flower Decoration) से सजाया गया है। शाम ढलते ही जब रंग-बिरंगी लाइटें जलती हैं, तो बाबा गरीबनाथ का यह मंदिर दूर से ही अलौकिक छटा बिखेरता है। इसे देखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आए पर्यटक भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।

सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था: भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम जलाभिषेक और कतार प्रबंधन के लिए जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही, चिकित्सा शिविर और पेयजल की भी विशेष व्यवस्था की गई है ताकि कांवरियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

 बाबा गरीबनाथ धाम की महिमा और लोक आस्था

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर की ख्याति झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की तरह ही पूरे देश में फैली हुई है। ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से बाबा गरीबनाथ के दरबार में हाजिरी लगाता है, बाबा उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

गरीबों के नाथ: जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, 'गरीबनाथ' अर्थात जो गरीबों और असहायों के संरक्षक हैं। सावन के प्रत्येक सोमवार को यहाँ जो आध्यात्मिक ऊर्जा देखने को मिलती है, वह समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और धार्मिक सौहार्द का प्रतीक है।

श्रावण मास के दूसरे सोमवार से ठीक एक पूर्व शनिवार की दोपहर को मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में संपन्न हुआ यह भव्य महाश्रृंगार शिव भक्तों के लिए किसी अलौकिक अनुभव से कम नहीं था। फूलों और रोशनी से सजे दरबार में जब भक्तों ने बाबा के दर्शन किए, तो उनकी सारी थकान दूर हो गई। रविवार की रात और सोमवार की भोर से शुरू होने वाले अनवरत जलाभिषेक के लिए पूरा मुजफ्फरपुर शहर तैयार है। यह महाश्रृंगार इस बात का प्रमाण है कि सनातन संस्कृति और भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था आज भी जन-जन के मन में उतनी ही गहरी और जीवित है।