नौकरी के नाम पर 'ठगी का जाल', युवाओं को बनाया गया बंधक

मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में नौकरी दिलाने के नाम पर एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। इस मामले में गेलवे (Galway) जैसी प्राइवेट कंपनियों की आड़ में युवाओं को फंसाने और उन्हें बंधक बनाकर शारीरिक व मानसिक शोषण करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

ठगी का तरीका: ये कंपनियां सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं से संपर्क करती थीं। उन्हें मोटी सैलरी वाली नौकरी का झांसा देकर ऑफिस बुलाया जाता था।

बंधक बनाना: एक बार ऑफिस में प्रवेश करने के बाद, युवाओं से उनके फोन और जरूरी दस्तावेज छीन लिए जाते थे। उन्हें 'हर्बल प्रोडक्ट' की चेन मार्केटिंग या नेटवर्क मार्केटिंग के काम में झोंक दिया जाता था।

शोषण की पराकाष्ठा: यदि युवा लक्ष्य (Target) पूरा नहीं कर पाते थे, तो उन्हें बंधक बनाकर कमरे में बंद कर दिया जाता था, उनके साथ मारपीट की जाती थी और कई मामलों में यौन शोषण के भी गंभीर आरोप सामने आए हैं।

मुजफ्फरपुर का मामला: अहियापुर और आसपास के इलाकों में ऐसी कई कंपनियां सक्रिय पाई गई थीं, जहाँ से बड़ी संख्या में युवक-युवतियों को छुड़ाया गया था।

मुख्य बिंदुविवरण
पीड़ितों की संख्या100 से अधिक युवक-युवतियां (विभिन्न मामलों में)।
आरोपी कंपनीगेलवे (Galway) और अन्य फर्जी चिटफंड/नेटवर्क मार्केटिंग कंपनियां।
प्रशासनिक कदमपुलिस ने छापेमारी कर कई केंद्रों को सील किया है। संदिग्धों की धर-पकड़ जारी है।
वर्तमान चेतावनीपुलिस प्रशासन ने युवाओं को सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऐसे लुभावने विज्ञापनों से सतर्क रहने की सलाह दी है।

सतर्क रहें: यदि कोई कंपनी नौकरी के बदले पैसे मांगे या आपको किसी बंद कमरे/ऑफिस में जबरन रोककर रखे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें।

अक्सर ऐसी कंपनियां "नेटवर्क मार्केटिंग" के नाम पर युवाओं को गुमराह करती हैं। किसी भी इंटरव्यू के लिए जाने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और पृष्ठभूमि की जांच अवश्य करें।