पूर्व मध्य रेल के जीएम छत्रसाल सिंह ने 95 अधिकारियों को 'विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार' से किया सम्मानित: समस्तीपुर मंडल ने मारी बाजी
मुजफ्फरपुर: भारतीय रेलवे के सुचारू संचालन, यात्रियों की सुरक्षा, समयबद्धता और उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्व मध्य रेलवे (ECR) मुख्यालय में एक भव्य और गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक (General Manager - GM) छत्रसाल सिंह ने वर्ष 2026 के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण कार्यकुशलता, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 95 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतिष्ठित 'विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार' (Vashisht Rail Seva Puraskar) से सम्मानित किया। इस दौरान रेलवे के विभिन्न मंडलों के बीच बेहतर कार्य करने की होड़ और उनकी उपलब्धियों की जमकर सराहना की गई, जिसमें समस्तीपुर मंडल ने विशेष रूप से बाजी मारते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
समारोह का मुख्य आकर्षण और उद्देश्य
यह पुरस्कार वितरण समारोह केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि यह उन रेलकर्मियों के समर्पण को मान्यता देने का अवसर था जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी रेलवे की रीढ़ को मजबूत बनाए रखा। समारोह के दौरान महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और सभी पुरस्कृत कर्मियों को प्रशस्ति पत्र एवं पदक प्रदान किए।
जीएम छत्रसाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि रेलवे देश की जीवन रेखा है और इसके विकास में हमारे अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों का योगदान अमूल्य है। वर्ष 2026 में जिन अधिकारियों को 'विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार' से नवाजा गया है, उन्होंने सुरक्षा, राजस्व वृद्धि, बुनियादी ढांचे के विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार में मिसाल पेश की है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे इसी प्रकार अपनी ऊर्जा और निष्ठा के साथ रेलवे को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का कार्य जारी रखें।
समस्तीपुर मंडल का शानदार प्रदर्शन: रेल शिकायतों के निवारण में लहराया परचम
इस वर्ष के पुरस्कार समारोह में पूर्व मध्य रेल के अंतर्गत आने वाले विभिन्न मंडलों (जैसे दानापुर, सोनपुर, समस्तीपुर, धनबाद और पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल) के कार्यों की समीक्षा की गई। इसमें समस्तीपुर मंडल (Samastipur Division) ने अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली का परिचय देते हुए विशेष रूप से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
शिकायत निवारण में नंबर वन: रेल यात्रियों द्वारा विभिन्न माध्यमों (जैसे रेल मदद ऐप, सोशल मीडिया, और हेल्पलाइन नंबर) के जरिए दर्ज कराई जाने वाली शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निवारण (Redressal of Railway Grievances) के मामले में समस्तीपुर मंडल ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई: मंडल के अधिकारियों और संबंधित विभागों ने यात्रियों की समस्याओं को न केवल गंभीरता से लिया, बल्कि न्यूनतम समय में उनका समाधान कर एक बेहतरीन मिसाल पेश की। ट्रेन में साफ-सफाई, खान-पान की गुणवत्ता, सुरक्षा संबंधी चिंताएं और टिकट रिफंड से जुड़े मामलों का जिस तत्परता से निस्तारण किया गया, उसकी सराहना मुख्यालय स्तर पर भी की गई।
यात्री संतुष्टि सूचकांक: समस्तीपुर मंडल की इस सफलता के पीछे मंडल रेल प्रबंधक (DRM) और उनकी पूरी टीम की आपसी समन्वय और मॉनिटरिंग प्रणाली की बड़ी भूमिका रही, जिसके कारण यात्रियों के बीच रेलवे की छवि और अधिक मजबूत हुई है।
अन्य मंडलों की उपलब्धियां और विभिन्न विभागों का योगदान
समस्तीपुर मंडल के अलावा पूर्व मध्य रेल के अन्य मंडलों के अधिकारियों को भी उनके विशिष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। रेलवे के विभिन्न विभागों—जैसे कि इंजीनियरिंग, परिचालन (Operations), सिग्नल एवं दूरसंचार, वाणिज्य (Commercial), यांत्रिक (Mechanical), और सुरक्षा (RPF)—के चुनिंदा 95 अधिकारियों को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया था।
सुरक्षा और संरक्षा के क्षेत्र में कार्य: ट्रेन परिचालन को पूरी तरह सुरक्षित बनाने, पटरियों की समय पर पेट्रोलिंग करने और अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर दुर्घटनाओं की संभावनाओं को शून्य करने वाले इंजीनियरों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
राजस्व और मालभाड़ा (Freight): रेलवे की आय बढ़ाने के लिए माल ढुलाई के नए लक्ष्य हासिल करने और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं देने वाले वाणिज्य विभाग के अधिकारियों को भी मंच पर सराहा गया।
बुनियादी ढांचा विकास (Infrastructure): वर्ष 2026 में चल रही विभिन्न दोहरीकरण (Doubling), विद्युतीकरण (Electrification) और नई रेल लाइन परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने वाले प्रोजेक्ट अधिकारियों की पीठ थपथपाई गई।
महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह का संदेश और भविष्य की प्राथमिकताएं
पुरस्कार वितरण के बाद अपने प्रेरणादायक भाषण में महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने कहा कि रेलवे लगातार आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रहा है। देश के प्रधानमंत्री और रेल मंत्री के विजन के अनुरूप पूर्व मध्य रेल भी यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष जोर दिया:
यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: ट्रेन संचालन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संरक्षा (Safety) से समझौता न करना ही रेलवे का मूल मंत्र होना चाहिए।
समयबद्धता (Punctuality): ट्रेनों का समय पर परिचालन सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है ताकि यात्रियों का समय बचे।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाते हुए जनता और यात्रियों के प्रति जवाबदेह बनना होगा।
पुरस्कृत अधिकारियों में खुशी की लहर
इस प्रतिष्ठित 'विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार' को प्राप्त करने वाले अधिकारियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल देखा गया। मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर क्षेत्र से जुड़े कई अधिकारियों को जब मंच पर बुलाया गया, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
पुरस्कृत अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक लगन, ईमानदारी और ऊर्जा के साथ काम करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी पूरी टीम और उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन को दिया।
मुजफ्फरपुर सहित पूरे पूर्व मध्य रेल क्षेत्र के लिए वर्ष 2026 का यह 'विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार' समारोह प्रशासनिक उत्कृष्टता और जवाबदेही का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है। जीएम छत्रसाल सिंह के नेतृत्व में 95 अधिकारियों का सम्मान और समस्तीपुर मंडल द्वारा रेल शिकायतों के निवारण में उत्कृष्ट प्रदर्शन यह साबित करता है कि यदि सही दिशा में निगरानी और प्रोत्साहन मिले, तो सरकारी तंत्र भी जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतर सकता है। यह आयोजन आने वाले समय में अन्य रेलकर्मियों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।