गरीबों के लिए मसीहा बने डॉ. पी. राम केडिया, मुफ्त इलाज से लेकर दवा और घर लौटने का किराया तक करते हैं उपलब्ध
भागलपुर। ऐसे समय में जब स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है और निजी अस्पतालों में इलाज कराना आम लोगों के लिए चुनौती बनता जा रहा है, वहीं भागलपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पी. राम केडिया अपनी सेवा भावना और मानवीय संवेदनाओं के कारण लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुके हैं। वर्षों से चिकित्सा सेवा से जुड़े डॉ. केडिया न केवल मरीजों का इलाज करते हैं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों की हर संभव सहायता भी करते हैं।
भागलपुर ही नहीं, बल्कि कोसी और सीमांचल क्षेत्र से आने वाले हजारों मरीजों के लिए डॉ. केडिया उम्मीद की एक किरण बन चुके हैं। जिन मरीजों के पास इलाज के लिए पैसे नहीं होते, उन्हें वे बिना किसी शुल्क के उपचार उपलब्ध कराते हैं। कई बार जरूरत पड़ने पर अपनी निजी राशि से दवाइयां खरीदकर भी मरीजों को देते हैं। इतना ही नहीं, यदि किसी मरीज के पास घर लौटने का किराया भी नहीं होता, तो उसकी भी व्यवस्था स्वयं करते हैं।
सेवा को बनाया जीवन का उद्देश्य
डॉ. पी. राम केडिया का मानना है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। यही सोच उन्हें अन्य चिकित्सकों से अलग बनाती है। उनके क्लिनिक में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं, जिनमें अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से होते हैं।
इलाज के दौरान वे मरीज की आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखते हैं। यदि कोई व्यक्ति दवा खरीदने या जांच कराने में असमर्थ होता है, तो वे उसकी यथासंभव मदद करने का प्रयास करते हैं। उनका उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति को राहत पहुंचाना भी है।
कोसी और सीमांचल से आते हैं सैकड़ों मरीज
डॉ. केडिया की ख्याति केवल भागलपुर तक सीमित नहीं है। बिहार के कोसी और सीमांचल क्षेत्र के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज उनके पास इलाज कराने आते हैं।
कई मरीज बताते हैं कि उन्होंने डॉ. केडिया के सेवा भाव के बारे में दूसरों से सुनकर उनके पास आना शुरू किया। इलाज के दौरान उन्हें न केवल बेहतर चिकित्सकीय सलाह मिली, बल्कि मानवीय व्यवहार और सहयोग भी मिला। यही कारण है कि दूर-दराज़ के ग्रामीण इलाकों से भी लोग उन पर विश्वास जताते हैं।
आर्थिक तंगी इलाज में नहीं बनती बाधा
स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते खर्च के कारण कई गरीब परिवार समय पर इलाज नहीं करा पाते। ऐसी परिस्थितियों में डॉ. केडिया जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित नहीं होने देते।
यदि किसी मरीज के पास परामर्श शुल्क देने की क्षमता नहीं होती, तो वे बिना शुल्क के उसका इलाज करते हैं। कई बार वे अपनी ओर से दवा की व्यवस्था भी कर देते हैं, ताकि मरीज इलाज अधूरा छोड़ने को मजबूर न हो।
उनकी यह पहल समाज में मानवीय संवेदनाओं का एक प्रेरणादायक उदाहरण मानी जाती है।
दवा के साथ घर लौटने का किराया भी
डॉ. केडिया की सेवा भावना केवल इलाज और दवा तक सीमित नहीं है। कई बार उनके पास ऐसे मरीज भी आते हैं जिनके पास इलाज कराने के बाद घर लौटने के लिए किराया तक नहीं बचता।
ऐसी स्थिति में वे स्वयं अपनी जेब से पैसे देकर मरीजों को उनके घर भेजने की व्यवस्था करते हैं। उनके इस व्यवहार ने उन्हें हजारों लोगों के दिलों में विशेष स्थान दिलाया है। कई मरीज भावुक होकर कहते हैं कि उनके लिए डॉ. केडिया किसी भगवान से कम नहीं हैं।
मरीजों के बीच विश्वास की मजबूत पहचान
चिकित्सा के क्षेत्र में केवल दवा ही नहीं, बल्कि डॉक्टर का व्यवहार भी मरीज के लिए बहुत मायने रखता है। डॉ. केडिया का शांत स्वभाव, धैर्यपूर्वक मरीजों की बात सुनना और हर व्यक्ति के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना उनकी सबसे बड़ी विशेषताओं में गिना जाता है।
मरीजों का कहना है कि वे हर व्यक्ति को पूरा समय देते हैं और बीमारी के बारे में विस्तार से समझाते हैं। यही कारण है कि उनके पास इलाज कराने आने वाले लोग दूसरों को भी उनके पास भेजने की सलाह देते हैं।
समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण
आज के दौर में जहां चिकित्सा सेवाओं के व्यवसायीकरण को लेकर अक्सर चर्चा होती है, वहीं डॉ. पी. राम केडिया का कार्य यह संदेश देता है कि चिकित्सा सेवा का मूल उद्देश्य मानवता की सेवा है।
उनकी कार्यशैली यह साबित करती है कि यदि डॉक्टर सेवा भावना के साथ अपने पेशे को निभाएं, तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उनका समर्पण युवा चिकित्सकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत माना जाता है।
जरूरतमंदों के चेहरे पर लौटती है मुस्कान
कई मरीज ऐसे होते हैं जो आर्थिक परेशानियों के कारण इलाज को टालते रहते हैं। लेकिन जब उन्हें डॉ. केडिया जैसे चिकित्सक का सहयोग मिलता है, तो उनमें नई उम्मीद जागती है। उनका कहना है कि डॉक्टर का मानवीय व्यवहार ही मरीज को आधा स्वस्थ कर देता है।
यही वजह है कि उनके क्लिनिक से लौटने वाले मरीज केवल उपचार ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और संतोष की भावना भी लेकर जाते हैं।
भागलपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पी. राम केडिया चिकित्सा सेवा के साथ-साथ मानवता और करुणा का भी एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। गरीब मरीजों का निःशुल्क उपचार, जरूरत पड़ने पर दवाइयों की व्यवस्था और घर लौटने के लिए किराया उपलब्ध कराना उनकी सेवा भावना को अलग पहचान देता है।
आज जब स्वास्थ्य सेवाओं की लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे समय में डॉ. केडिया जैसे चिकित्सक समाज के लिए प्रेरणा हैं। उनकी निस्वार्थ सेवा यह संदेश देती है कि डॉक्टर का सबसे बड़ा धर्म केवल इलाज करना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में उम्मीद और विश्वास जगाना भी है।