आय से अधिक संपत्ति मामला: सहरसा के डीपीओ अजीत अमर हरिजन के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का बड़ा छापा, नया बाजार स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर सघन तलाशी और दस्तावेजों की जब्ती
सहरसा/पटना: बिहार के प्रशासनिक गलियारों में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कड़ी कार्रवाई के क्रम में सहरसा जिले से एक बेहद सनसनीखेज खबर सामने आई है। जिला शिक्षा विभाग के योजना एवं लेखा विभाग (Planning and Accounts Department) में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) के पद पर तैनात अजीत अमर हरिजन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets - DA) अर्जित करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (Economic Offences Unit - EOU) ने जोरदार शिकंजा कसा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को ईओयू (EOU) की अलग-अलग विशेष टीमों ने सहरसा के नया बाजार स्थित आवास सहित उनके कई अन्य ठिकानों पर एक साथ एक ही समय पर ताबड़तोड़ छापेमारी (Raids) की। इस अचानक हुई कार्रवाई से शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों द्वारा डी.पी.ओ. के ठिकानों से अकूत संपत्ति, बेनामी संपत्तियों के कागजात और अन्य संदिग्ध दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। आइए जानते हैं इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी और पूरे मामले का पूरा एवं विस्तृत विवरण।
क्या है पूरा मामला? आय से अधिक संपत्ति का गंभीर आरोप
जिला शिक्षा पदाधिकारी या कार्यक्रम पदाधिकारी जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों द्वारा सरकारी योजनाओं और बजट में कथित अनियमिताओं के जरिए अपनी आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं।
EOU की गोपनीय जांच और सबूत: आर्थिक अपराध इकाई को अजीत अमर हरिजन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जमा करने की पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी। ईओयू ने इस मामले की लंबी और गोपनीय प्रारंभिक जांच (Enquiry) की, जिसमें यह पाया गया कि उनके द्वारा ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक भारी-भरकम संपत्ति बनाई गई है।
न्यायालय से सर्च वारंट: पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आर्थिक अपराध इकाई की विशेष अदालत से सर्च वारंट (Search Warrant) प्राप्त किया गया, जिसके आधार पर शनिवार को यह विधिवत छापेमारी अभियान चलाया गया।
नया बाजार स्थित आवास पर सुबह-सुबह ईओयू की रेड
सहरसा शहर के पॉश इलाके कहे जाने वाले नया बाजार स्थित डी.पी.ओ. अजीत अमर हरिजन के आवास पर जब ईओयू की टीम अचानक पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया।
एक साथ कई ठिकानों पर दबिश: आर्थिक अपराध इकाई की अलग-अलग टीमें पटना, सहरसा और अन्य संबंधित जिलों या पैतृक ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई कर रही हैं। नया बाजार आवास पर सुरक्षा बलों के साथ पहुंची ईओयू की टीम ने घर के अंदर प्रवेश कर सभी कमरों और दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया।
मीडिया और स्थानीय लोगों की भीड़: जैसे ही डी.पी.ओ. के आवास पर रेड की खबर फैली, आसपास के लोगों और मीडिया कर्मियों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि, सुरक्षा कारणों से पुलिस ने आवास के मुख्य गेट पर कड़ा पहरा बैठा दिया और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी।
क्या-क्या मिल रहा है छापेमारी में? दस्तावेजों और संपत्तियों की पड़ताल
ताजा समाचार मिलने तक ईओयू की छापेमारी की कार्रवाई सघनता से जारी है। शुरुआती सूत्रों के अनुसार, इस तलाशी अभियान के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
जल्दबाजी में खरीदे गए भूखंड और फ्लैट्स के कागजात: टीमों द्वारा तलाशी के दौरान सहरसा, पटना या अन्य शहरों में कई बेनामी या रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई अचल संपत्तियों (Land & Properties) के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।
बैंक खातों और लॉकर की छानबीन: डी.पी.ओ. और उनके परिजनों के नाम पर विभिन्न बैंकों में संचालित खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तथा बैंक लॉकरों (Bank Lockers) की जानकारी जुटाई जा रही है। ईओयू की तकनीकी टीम डिजिटल साक्ष्य, लैपटॉप और मोबाइल फोन्स की भी फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि वित्तीय लेन-देन के राज खोले जा सकें।
नकद और जेवरात की गिनती: घर के अंदर नगदी और सोने-चांदी के आभूषणों के मिलने की भी चर्चा है, हालांकि आर्थिक अपराध इकाई की ओर से आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति या पुष्ट आंकड़े तलाशी पूरी होने के बाद ही जारी किए जाएंगे।
शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट
सहरसा जिले में शिक्षा विभाग के एक अहम पद (योजना एवं लेखा डीपीओ) पर आसीन अधिकारी पर इस तरह की बड़ी विजिलेंस और ईओयू की कार्रवाई से शिक्षा विभाग के भीतर भी सुगबुगाहट तेज हो गई है।
भ्रष्टाचार पर नकेल की कार्रवाई: राज्य सरकार और प्रशासनिक इकाइयों द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार शून्य सहहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जा रही है। इस प्रकार की कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में भारी खौफ देखा जा रहा है।
निलंबन और विभागीय कार्रवाई की संभावना: नियमों के मुताबिक, यदि किसी राजपत्रित अधिकारी के खिलाफ ईओयू द्वारा भ्रष्टाचार या आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर इस प्रकार की बड़ी छापेमारी की जाती है, तो विभाग द्वारा उन्हें जल्द ही निलंबित (Suspend) किया जा सकता है।
सहरसा में जिला शिक्षा विभाग के योजना एवं लेखा डी.पी.ओ. अजीत अमर हरिजन के नया बाजार स्थित आवास समेत अन्य ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा की गई यह छापेमारी भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा और कड़ा कदम है। इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि कानून के हाथ लंबे हैं और पद की आड़ में अवैध रूप से संपत्ति जुटाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। छापेमारी की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ईओयू द्वारा इस मामले में एक विस्तृत आधिकारिक खुलासा किया जाएगा, जिसमें जप्त की गई संपत्ति और आगे की कानूनी कार्रवाई का पूरा ब्योरा सामने आएगा।