मुजफ्फरपुर में खेल बुनियादी ढांचे की बदहाली: सिकंदरपुर का 12 साल पुराना लॉन टेनिस कोर्ट बदहाल और अनुपयोगी, स्केटिंग रिंक के लिए उपयुक्त जमीन की तलाश; नगर विधायक ने खेल विभाग को लिखा पत्र — विस्तृत रिपोर्ट
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से खेल और खिलाड़ियों के विकास से जुड़ी एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। शहर के सिकंदरपुर क्षेत्र में करीब 12 वर्ष पुराना लॉन टेनिस कोर्ट (Lawn Tennis Court) आज प्रशासनिक उपेक्षा के चलते पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी हो चुका है। जहाँ एक ओर शहर के युवाओं के लिए यह बहुमूल्य खेल सुविधा बर्बाद हो रही है, वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन अब शहर में स्केटिंग रिंक (Skating Rink) के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश में जुटा हुआ है। इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए स्थानीय नगर विधायक ने खेल विभाग को पत्र लिखकर इस दिशा में त्वरित और ठोस कदम उठाने की मांग की है।
12 साल पुराने लॉन टेनिस कोर्ट की बदहाली (Dilapidation of the 12-Year-Old Lawn Tennis Court)
कभी मुजफ्फरपुर के खेल प्रेमियों और टेनिस खिलाड़ियों के लिए गुलजार रहने वाला सिकंदरपुर का लॉन टेनिस कोर्ट आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
असुविधा और उपेक्षा: लगभग 12 साल पहले स्थापित किए गए इस टेनिस कोर्ट की देखरेख के अभाव में स्थिति यह हो गई है कि यहाँ खेलने के लिए बुनियादी सुविधाएं तक नहीं बची हैं। कोर्ट की जमीन उबड़-खाबड़ हो चुकी है, चारों तरफ घास उग आई है और बाउंड्री वॉल भी जर्जर हो चुकी है।
खिलाड़ियों की निराशा: शहर के उभरते हुए टेनिस खिलाड़ियों का कहना है कि उचित रखरखाव न होने के कारण उन्हें अभ्यास करने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एक तरफ जहां सरकार खेलो इंडिया जैसे अभियानों के तहत खेल को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं जमीनी स्तर पर बने कोर्ट इस तरह खंडहर में तब्दील हो रहे हैं।
स्केटिंग रिंक के लिए भूमि की तलाश (Search for Land for a Skating Rink)
सिकंदरपुर और आसपास के इलाकों में खेल सुविधाओं के विस्तार के क्रम में जिला प्रशासन के समक्ष एक नई जरूरत आन पड़ी है।
बढ़ता क्रेज: आज के युवाओं और बच्चों के बीच रोलर स्केटिंग (Roller Skating) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन मुजफ्फरपुर में एक आधुनिक और मानक स्केटिंग रिंक की कमी लंबे समय से खटक रही थी।
उपयुक्त जमीन की खोज: जिला प्रशासन द्वारा शहर के भीतर या सिकंदरपुर क्षेत्र के आसपास ऐसी खाली सरकारी भूमि की तलाश की जा रही है, जहाँ एक बेहतरीन स्केटिंग रिंक का निर्माण किया जा सके ताकि स्थानीय बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का उपयुक्त मंच मिल सके।
and Letter to the Sports Department)
इस पूरे मामले पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर विधायक ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासनिक सुस्ती पर सवाल उठाया है और खेल विभाग को पत्र लिखा है।
विधायक का पत्र: नगर विधायक ने खेल विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र प्रेषित कर मांग की है कि सिकंदरपुर स्थित जर्जर हो चुके लॉन टेनिस कोर्ट का जीर्णोद्धार (Renovation) कराया जाए ताकि टेनिस के खिलाड़ियों को दोबारा खेलने की सुविधा मिल सके।
स्केटिंग रिंक के लिए जमीन आवंटन: साथ ही, पत्र में यह भी जोर दिया गया है कि स्केटिंग रिंक के निर्माण के लिए प्रशासन जल्द से जल्द उपयुक्त भूमि का चयन कर प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाए, जिससे शहर के खेल ढांचे में सुधार हो सके।
महत्वपूर्ण अवलोकन: "खेल के मैदान और कोर्ट किसी भी शहर की युवा ऊर्जा के केंद्र होते हैं, जिनकी अनदेखी सीधे तौर पर युवा प्रतिभाओं का हनन करती है।"
प्रशासनिक उदासीनता और स्थानीय जनता में रोष (Administrative Apathy and Public Outrage)
सिकंदरपुर के इस पुराने खेल परिसर की स्थिति को देखकर स्थानीय खेल प्रेमियों और नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है।
जनता की मांग: लोगों का कहना है कि सिर्फ कागजी कार्रवाई या पत्रों के आदान-प्रदान से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर विकास कार्य दिखने चाहिए। पुराने प्रोजेक्ट्स को बर्बाद होने से बचाने के साथ-साथ नई खेल सुविधाओं का निर्माण समयबद्ध तरीके से होना चाहिए।
मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर में लॉन टेनिस कोर्ट की बर्बादी और स्केटिंग रिंक के लिए भूमि की तलाश का यह पूरा घटनाक्रम यह स्पष्ट करता है कि जिले में खेल प्रशासन को और अधिक सक्रिय होने की आवश्यकता है। नगर विधायक द्वारा खेल विभाग को लिखे गए पत्र के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और स्थानीय प्रशासन इस दिशा में कितनी जल्दी सकारात्मक कार्रवाई करते हैं, ताकि शहर के खिलाड़ियों को उनकी खेल सुविधाएं वापस मिल सकें।