भाकपा (माओवादी) नेता रामबाबू राम राजन पर शिकंजा: 2019 के लेवी मामले में पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट, ईंट-भट्ठा संचालक से मांगे थे दो लाख रुपये
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में विधि-व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा नक्सलियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के कुख्यात नेता और इनामी माओवादी रामबाबू राम राजन की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। वर्ष 2019 के एक चर्चित लेवी वसूली और रंगदारी मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ सक्षम न्यायालय में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है।
यह मामला मुजफ्फरपुर के एक ईंट-भट्ठा संचालक से धमकी देकर दो लाख रुपये की लेवी (रंगदारी) वसूलने और जान से मारने की धमकी देने से जुड़ा हुआ है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से नक्सली संगठनों के भीतर खलबली मच गई है।
क्या है पूरा मामला? (वर्ष 2019 की घटना)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला वर्ष 2019 का है। मुजफ्फरपुर जिले के एक ग्रामीण इलाके में स्थित ईंट-भट्ठा संचालन करने वाले एक व्यवसाई को प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के नाम पर एक अज्ञात धमकी भरा पत्र और संदेश मिला था।
दो लाख रुपये की लेवी की मांग: पत्र भेजने वाले ने खुद को भाकपा (माओवादी) का सक्रिय सदस्य बताते हुए ईंट-भट्ठा संचालक से दो लाख रुपये बतौर लेवी की मांग की थी।
जान से मारने की धमकी: रंगदारी की इस मांग के साथ ही संचालक को यह चेतावनी भी दी गई थी कि यदि उसने तय समय सीमा के भीतर पैसे नहीं पहुँचाए, तो उसके व्यवसाय को नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
प्राथमिकी दर्ज: इस धमकी से दहशत में आए ईंट-भट्ठा संचालक ने स्थानीय थाने में तुरंत इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात नक्सलियों के खिलाफ मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया था।
मई 2023 में गंडक दियारा से हुई थी नाटकीय गिरफ्तारी
इस सनसनीखेज मामले में लंबे समय से फरार चल रहे माओवादी नेता रामबाबू राम राजन की तलाश पुलिस और एसटीएफ (STF) की टीमें लगातार कर रही थीं। आखिरकार, सुरक्षा एजेंसियों को मई 2023 में एक बड़ी सफलता हाथ लगी।
दियारा क्षेत्र में दबिश: पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नक्सली रामबाबू राम राजन मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों के गंडक नदी के दियारा इलाके में छिपा हुआ है।
घेराबंदी कर दबोचा: सुरक्षा बलों ने एक विशेष अभियान के तहत गंडक दियारा के सघन क्षेत्र की घेराबंदी की और वांछित नक्सली रामबाबू राम राजन को धर दबोचा। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस एक बड़ी कामयाबी मान रही थी, क्योंकि वह कई अन्य आपराधिक और नक्सली वारदतों में भी वांछित था।
पुलिस अनुसंधान और चार्जशीट दाखिल होने की प्रक्रिया
गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस और विशेष अनुसंधान इकाई (Special Investigation Unit) इस मामले की हर एंगल से कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई थी।
साक्ष्यों का संकलन: पुलिस ने इस मामले में ईंट-भट्ठा संचालक के बयान, धमकी भरे पत्र की लिखावट, कॉल डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाया।
माओवादी संगठन की संलिप्तता की पुष्टि: अनुसंधान के दौरान यह बात पूरी तरह स्पष्ट हो गई कि इस लेवी कांड के पीछे रामबाबू राम राजन और उसके अन्य सहयोगियों का ही हाथ था।
न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित: पर्याप्त मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य हाथ लगने के बाद, पुलिस ने हाल ही में न्यायालय में रामबाबू राम राजन के खिलाफ विधिवत चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब इस मामले में आगे की कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।
नक्सली गतिविधियों पर प्रशासन का कड़ा रुख
मुजफ्फरपुर और उत्तरी बिहार के इलाकों में भाकपा (माओवादी) और अन्य उग्रवादी संगठनों के खिलाफ जिला पुलिस और खुफिया एजेंसियां लगातार सतर्कता बरत रही हैं।
व्यवसाइयों और ठेकेदारों को राहत: जानकारों का मानना है कि नक्सलियों द्वारा ईंट-भट्ठा संचालकों, सड़क निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों से लेवी वसूलने के पुराने ट्रेंड पर लगाम लगाने के लिए इस तरह की चार्जशीट दाखिल होना बेहद जरूरी है। इससे अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा होता है।
स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) की संभावना: पुलिस अधिकारियों का संकेत है कि इस गंभीर मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि कानून के हाथ लंबे होते हैं।
भाकपा (माओवादी) नेता रामबाबू राम राजन के खिलाफ वर्ष 2019 के लेवी मामले में चार्जशीट दाखिल होना न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एक तरफ जहाँ मई 2023 में उसकी गिरफ्तारी से नक्सली नेटवर्क को करारा झटका लगा था, वहीं अब चार्जशीट दाखिल होने से उसके कानूनी शिकंजे से बाहर निकलने के सारे रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं। आम नागरिकों, व्यापारियों और ईंट-भट्ठा संचालकों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि क्षेत्र को पूरी तरह से भयमुक्त बनाया जा सकेगा।